वनडे वर्ल्डकप से पहले बदल जाएंगे क्रिकेट के कई नियम, आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर अब होगा ये

वनडे वर्ल्डकप से पहले बदल जाएंगे क्रिकेट के कई नियम, आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर अब होगा ये

New Cricket Rules 1 October 2026: मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने क्रिकेट के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन की घोषणा की है, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। नए संस्करण में कुल 73 संशोधन शामिल हैं, जिनमें सबसे प्रमुख बदलाव बल्लों की श्रेणियों से जुड़ा है। एमसीसी ने लॉ 5.8 (‘बैट की श्रेणियां’) में संशोधन कर टाइप डी बैट (लैमिनेटेड बल्ले) को ओपन-एज रिक्रिएशनल क्रिकेट में अनुमति दे दी है। पहले ये बल्ले केवल जूनियर क्रिकेट तक सीमित थे।

क्यों उठाया गया ये कदम

यह कदम मुख्य रूप से इंग्लिश विलो की बढ़ती कीमतों और वैश्विक कमी के कारण उठाया गया है। साउथ एशिया से मांग बढ़ने से हाल के वर्षों में प्रीमियम बल्लों की कीमत तीन गुना हो गई है, कुछ मॉडल अब 1,000 पाउंड (लगभग 1 लाख रुपये) के करीब पहुंच गए हैं। लैमिनेटेड बल्ले (टाइप डी) में आमतौर पर इंग्लिश विलो का फेस होता है, जिसे सस्ते विलो (जैसे कश्मीर विलो) या अन्य सामग्री से सपोर्ट दिया जाता है। ये तीन टुकड़ों से बनते हैं, जबकि टाइप ए, बी और सी बल्ले एक ही ठोस टुकड़े से बने होते हैं।

बड़े पैमाने पर की गई टेस्टिंग

एमसीसी के कानून प्रबंधक फ्रेजर स्टीवर्ट ने कहा कि बल्ला निर्माताओं के साथ बड़े पैमाने पर टेस्टिंग की गई। लैमिनेटेड बल्लों से कोई महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धी फायदा नहीं मिलेगा, और एलीट-लेवल क्रिकेट में पारंपरिक एक-टुकड़े वाले बल्ले ही इस्तेमाल होते रहेंगे। निर्माताओं को अब बल्ले के फेस के पीछे नॉन-विलो सामग्री का उपयोग करने की छूट मिलेगी, जिससे लागत कम होगी और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होगा।

अन्य प्रमुख बदलाव:

मल्टी-डे मैचों में: लॉ 12.5.2 संशोधित—दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर भी ओवर पूरा होगा, खेल तुरंत खत्म नहीं होगा।
गेंद के नियम: लॉ 4.1 में जूनियर और महिला क्रिकेट के लिए गेंदों का आकार और वजन अधिक सख्त और मानकीकृत (आकार 1, 2, 3)।
बाउंड्री कैच: लॉ 19.5.2 में ‘बनी हॉप’ पर रोक—फील्डर बाउंड्री के बाहर से लौटकर हवा में सिर्फ एक बार छू सकता है, आगे संपर्क मैदान के अंदर।
विकेटकीपर: लॉ 27.3.1—बॉलर के रन-अप में दस्ताने स्टंप्स के सामने रख सकता है, लेकिन गेंद रिलीज पर पीछे होना चाहिए।
डिक्लेयर: लॉ 15.1 और 15.2—अंतिम पारी में कप्तान डिक्लेयर नहीं कर सकेंगे (शब्दावली संशोधित)।
रन छोड़ना: लॉ 18.5.1-18.5.2—बल्लेबाज बिना पेनाल्टी के रन छोड़ सकते हैं, लेकिन जानबूझकर धोखा देने पर पेनाल्टी और फील्डिंग टीम तय करेगी अगला बल्लेबाज कौन।
ओवरथ्रो: लॉ 19.8—जानबूझकर स्टंप्स पर थ्रो और सामान्य मिसफील्ड में अंतर, मिसफील्ड को ओवरथ्रो नहीं गिना जाएगा।
डेड बॉल: लॉ 20.1.1.1—अंपायर को अधिक अधिकार, गेंद स्थिर या फील्डर के पास सुरक्षित पहुंचने पर डेड घोषित कर सकते हैं।
भाषा: जेंडर वाली भाषा हटाई गई, गैर-अंग्रेजी भाषियों के लिए स्पष्ट शब्दावली।

एमसीसी वैकल्पिक सामग्री जैसे बांस या ग्रेफाइट पर भी विचार कर रहा है, लेकिन खेल के संतुलन और चोट के जोखिम को ध्यान में रखते हुए सतर्क है। ये बदलाव क्रिकेट को अधिक सुलभ, टिकाऊ और आधुनिक बनाने की दिशा में हैं। आईसीसी की क्रिकेट कमिटी इन बदलावों को अंतरराष्ट्रीय प्लेइंग कंडीशंस में शामिल करने पर विचार करेगी।

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