नवादा के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) नवीन कुमार पांडेय ने मंगलवार को वाहन पंजीकरण और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा की है। समीक्षा में पाया गया कि जिले के विभिन्न वाहन विक्रेताओं (डीलरों) के स्तर पर बड़ी संख्या में मामले अनावश्यक रूप से लंबित हैं। यह सामने आया कि वाहन बेचने के बाद बीमा प्रमाण-पत्र, बिक्री प्रमाण-पत्र, चालान, पता प्रमाण, फॉर्म-20 और फॉर्म-21 जैसे अनिवार्य दस्तावेज डीलरों द्वारा समय पर वाहन पोर्टल पर अपलोड नहीं किए जा रहे हैं। इसके कारण वाहन पंजीकरण से जुड़े कई प्रकरण डीलर या एजेंसी स्तर पर लंबित पड़े हैं। दिनांक 02 फरवरी 2026 तक डीलरों के स्तर से लगभग 2900 वाहनों का HSRP लंबित पाया गया है। इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि यह स्थिति आम नागरिकों के वैधानिक अधिकारों का हनन है। साथ ही, यह मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 का स्पष्ट उल्लंघन भी है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 39 और 41 के तहत प्रत्येक वाहन का विधिवत पंजीकरण अनिवार्य है। अपंजीकृत वाहन के संचालन पर धारा 192 के अंतर्गत दंड का प्रावधान है। केंद्रीय मोटरयान नियमावली के नियम 47 और 48 के अनुसार, वाहन बेचने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करना डीलर की कानूनी जिम्मेदारी है। सभी वाहन विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपने डीलर लॉग-इन आईडी के माध्यम से लंबित सभी RC-संबंधित दस्तावेजों को 7 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। निर्धारित समय-सीमा में अनुपालन न होने की स्थिति में, बिना किसी अतिरिक्त सूचना के संबंधित डीलर का लॉग-इन आईडी निलंबित या ब्लॉक कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, धारा 192, 177 सहित अन्य सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीलरशिप के निलंबन या रद्दीकरण के लिए राज्य परिवहन आयुक्त, बिहार को भी अनुशंसा भेजी जाएगी। यह भी बताया गया कि केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के नियम 50 और 51 के तहत वाहन पर निबंधन संख्या का प्रदर्शन अनिवार्य है, जिसके लिए HSRP लगाया जाना आवश्यक है। धारा 41 और नियम 42 के आलोक में किसी भी नए वाहन की सुपुर्दगी HSRP के बिना वाहन क्रेता को नहीं की जा सकती। जांच अभियान के दौरान यह पाया गया है कि कई वाहन, विशेषकर ई-रिक्शा, ट्रैक्टर इत्यादि, बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के सड़कों पर परिचालित हो रहे हैं। सभी डीलरों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि HSRP लगे बिना किसी भी वाहन की डिलीवरी नहीं करें। आदेश की अवहेलना की स्थिति में संबंधित डीलर को निर्गत User ID एवं Password तत्काल प्रभाव से ब्लॉक किए जाएंगे तथा वाहनों के व्यापार हेतु निर्गत व्यापार प्रमाण-पत्र को केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के नियम 44 के अंतर्गत निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। जिला परिवहन पदाधिकारी ने आम वाहन स्वामियों से भी अपील की है कि वाहन क्रय करते समय यह सुनिश्चित करें कि उनके वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज डीलर द्वारा समय पर पोर्टल पर अपलोड किए गए हों तथा वाहन पर HSRP अनिवार्य रूप से लगी हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहन पर नंबर प्लेट नहीं होने की स्थिति में अपराध, सड़क दुर्घटना, चोरी या अन्य घटनाओं के दौरान वाहन मालिक की पहचान कठिन हो जाती है। ऐसे में सड़कों पर बिना नंबर प्लेट के चलने वाले वाहनों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा तथा पकड़े जाने पर जुर्माना के साथ-साथ वाहन जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। नवादा के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) नवीन कुमार पांडेय ने मंगलवार को वाहन पंजीकरण और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा की है। समीक्षा में पाया गया कि जिले के विभिन्न वाहन विक्रेताओं (डीलरों) के स्तर पर बड़ी संख्या में मामले अनावश्यक रूप से लंबित हैं। यह सामने आया कि वाहन बेचने के बाद बीमा प्रमाण-पत्र, बिक्री प्रमाण-पत्र, चालान, पता प्रमाण, फॉर्म-20 और फॉर्म-21 जैसे अनिवार्य दस्तावेज डीलरों द्वारा समय पर वाहन पोर्टल पर अपलोड नहीं किए जा रहे हैं। इसके कारण वाहन पंजीकरण से जुड़े कई प्रकरण डीलर या एजेंसी स्तर पर लंबित पड़े हैं। दिनांक 02 फरवरी 2026 तक डीलरों के स्तर से लगभग 2900 वाहनों का HSRP लंबित पाया गया है। इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि यह स्थिति आम नागरिकों के वैधानिक अधिकारों का हनन है। साथ ही, यह मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 का स्पष्ट उल्लंघन भी है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 39 और 41 के तहत प्रत्येक वाहन का विधिवत पंजीकरण अनिवार्य है। अपंजीकृत वाहन के संचालन पर धारा 192 के अंतर्गत दंड का प्रावधान है। केंद्रीय मोटरयान नियमावली के नियम 47 और 48 के अनुसार, वाहन बेचने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करना डीलर की कानूनी जिम्मेदारी है। सभी वाहन विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपने डीलर लॉग-इन आईडी के माध्यम से लंबित सभी RC-संबंधित दस्तावेजों को 7 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। निर्धारित समय-सीमा में अनुपालन न होने की स्थिति में, बिना किसी अतिरिक्त सूचना के संबंधित डीलर का लॉग-इन आईडी निलंबित या ब्लॉक कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, धारा 192, 177 सहित अन्य सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीलरशिप के निलंबन या रद्दीकरण के लिए राज्य परिवहन आयुक्त, बिहार को भी अनुशंसा भेजी जाएगी। यह भी बताया गया कि केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के नियम 50 और 51 के तहत वाहन पर निबंधन संख्या का प्रदर्शन अनिवार्य है, जिसके लिए HSRP लगाया जाना आवश्यक है। धारा 41 और नियम 42 के आलोक में किसी भी नए वाहन की सुपुर्दगी HSRP के बिना वाहन क्रेता को नहीं की जा सकती। जांच अभियान के दौरान यह पाया गया है कि कई वाहन, विशेषकर ई-रिक्शा, ट्रैक्टर इत्यादि, बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के सड़कों पर परिचालित हो रहे हैं। सभी डीलरों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि HSRP लगे बिना किसी भी वाहन की डिलीवरी नहीं करें। आदेश की अवहेलना की स्थिति में संबंधित डीलर को निर्गत User ID एवं Password तत्काल प्रभाव से ब्लॉक किए जाएंगे तथा वाहनों के व्यापार हेतु निर्गत व्यापार प्रमाण-पत्र को केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के नियम 44 के अंतर्गत निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। जिला परिवहन पदाधिकारी ने आम वाहन स्वामियों से भी अपील की है कि वाहन क्रय करते समय यह सुनिश्चित करें कि उनके वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज डीलर द्वारा समय पर पोर्टल पर अपलोड किए गए हों तथा वाहन पर HSRP अनिवार्य रूप से लगी हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहन पर नंबर प्लेट नहीं होने की स्थिति में अपराध, सड़क दुर्घटना, चोरी या अन्य घटनाओं के दौरान वाहन मालिक की पहचान कठिन हो जाती है। ऐसे में सड़कों पर बिना नंबर प्लेट के चलने वाले वाहनों के विरुद्ध विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा तथा पकड़े जाने पर जुर्माना के साथ-साथ वाहन जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।


