गयाजी में रेड सैंड बोआ सांप की तस्करी:दुर्लभ स्नेक के साथ तस्कर अरेस्ट; RPF कर्मियों को देखते ही भाग रहे थे बदमाश

गयाजी में रेड सैंड बोआ सांप की तस्करी:दुर्लभ स्नेक के साथ तस्कर अरेस्ट; RPF कर्मियों को देखते ही भाग रहे थे बदमाश

गयाजी में पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू मंडल अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट ने ऑपरेशन विलेप के तहत वन्यजीव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की है। गया रेलवे स्टेशन पर गश्ति के दौरान आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने दुर्लभ प्रजाति के रेड सैंड बोआ (Eryx johnii) के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया। बरामद सर्प वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में सूचीबद्ध एक अमूल्य और संरक्षित जीव है। टीम की नजर दो संदिग्ध व्यक्तियों पर पड़ी आरपीएफ सूत्रों के अनुसार 3 फरवरी को टीम की नजर दो संदिग्ध व्यक्तियों पर पड़ी। दोनों के पास आसमानी रंग का बैग था और आरपीएफ कर्मियों को देखते ही वे भागने लगे। संदेह के आधार पर टीम ने घेराबंदी कर दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान उपेन्द्र कुमार (28 ), निवासी सिरीपुर, मखदुमपुर, जहानाबाद और मोहम्मद सादुल्ला (46), निवासी अमराहा, चाकन्द, गया के रूप में हुई। मृत रेड सैंड बोआ सांप की तस्करी जब बैग की तलाशी के बारे में पूछा गया तो दोनों ने स्वीकार किया कि उसमें दुर्लभ प्रजाति का मृत रेड सैंड बोआ सर्प रखा है। तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। वनरक्षी वशिष्ट कुमार, स्नैक कैचर रंजीत कुमार और क्यूआरटी की टीम आरपीएफ पोस्ट पहुंची। उनकी मदद से बैग से लगभग चार फीट लंबा मृत रेड सैंड बोआ बरामद किया गया आरपीएफ पोस्ट गया में तैनात सहायक उप निरीक्षक मृत्युंजय कुमार अकेला की ओर से दिए गए शिकायत पत्र के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। मामला वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 2, 9, 39, 40(2), 48, 50, 51, 58A और 59 के तहत दर्ज हुआ है। गिरफ्तार दोनों तस्करों को बरामद सामग्री के साथ विधिसम्मत कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी बनारसी यादव ने कहा कि वन्यजीव तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। रेलवे परिसरों का दुरुपयोग कर की जाने वाली तस्करी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऑपरेशन विलेप के तहत आगे भी सघन जांच और निगरानी जारी है। गयाजी में पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू मंडल अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट ने ऑपरेशन विलेप के तहत वन्यजीव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की है। गया रेलवे स्टेशन पर गश्ति के दौरान आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने दुर्लभ प्रजाति के रेड सैंड बोआ (Eryx johnii) के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया। बरामद सर्प वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में सूचीबद्ध एक अमूल्य और संरक्षित जीव है। टीम की नजर दो संदिग्ध व्यक्तियों पर पड़ी आरपीएफ सूत्रों के अनुसार 3 फरवरी को टीम की नजर दो संदिग्ध व्यक्तियों पर पड़ी। दोनों के पास आसमानी रंग का बैग था और आरपीएफ कर्मियों को देखते ही वे भागने लगे। संदेह के आधार पर टीम ने घेराबंदी कर दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान उपेन्द्र कुमार (28 ), निवासी सिरीपुर, मखदुमपुर, जहानाबाद और मोहम्मद सादुल्ला (46), निवासी अमराहा, चाकन्द, गया के रूप में हुई। मृत रेड सैंड बोआ सांप की तस्करी जब बैग की तलाशी के बारे में पूछा गया तो दोनों ने स्वीकार किया कि उसमें दुर्लभ प्रजाति का मृत रेड सैंड बोआ सर्प रखा है। तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। वनरक्षी वशिष्ट कुमार, स्नैक कैचर रंजीत कुमार और क्यूआरटी की टीम आरपीएफ पोस्ट पहुंची। उनकी मदद से बैग से लगभग चार फीट लंबा मृत रेड सैंड बोआ बरामद किया गया आरपीएफ पोस्ट गया में तैनात सहायक उप निरीक्षक मृत्युंजय कुमार अकेला की ओर से दिए गए शिकायत पत्र के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। मामला वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 2, 9, 39, 40(2), 48, 50, 51, 58A और 59 के तहत दर्ज हुआ है। गिरफ्तार दोनों तस्करों को बरामद सामग्री के साथ विधिसम्मत कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया गया। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी बनारसी यादव ने कहा कि वन्यजीव तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। रेलवे परिसरों का दुरुपयोग कर की जाने वाली तस्करी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऑपरेशन विलेप के तहत आगे भी सघन जांच और निगरानी जारी है।  

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