DM ने फार्मर रजिस्ट्री अभियान का जायजा लिया:मधुबनी में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों, CSC/वसुधा केंद्र संचालकों पर होगी कार्रवाई

DM ने फार्मर रजिस्ट्री अभियान का जायजा लिया:मधुबनी में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों, CSC/वसुधा केंद्र संचालकों पर होगी कार्रवाई

मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तीसरे चरण के दूसरे दिन क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने राजनगर के भगवानपुर और बाबूबरही प्रखंड की कई पंचायतों में चल रहे कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने किसानों से मुलाकात की और फार्मर रजिस्ट्री में आने वाली समस्याओं को सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। डीएम ने किसानों से अभियान में रुचि लेकर अपना पंजीकरण कराने का अनुरोध भी किया और इसके लाभों के बारे में जानकारी दी। लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री कार्य में किसी भी अधिकारी, कर्मी या सीएससी/वसुधा केंद्र संचालक की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभियान के पहले दिन 15 सीएससी/वसुधा केंद्र संचालकों का निबंधन रद्द किया गया है, और अन्य की भी पहचान की जा रही है। फार्मर रजिस्ट्री के तीसरे चरण के निर्देशों के तहत, 2 फरवरी से जिले की सभी पंचायतों में मिशन मोड में शिविर लगाकर पंजीकरण कार्य किया जा रहा है। किसानों को जागरूक करने और उन्हें शिविरों तक लाने के लिए सेविका/सहायिका और अन्य पंचायत स्तरीय कर्मियों को लगाया गया है। विभिन्न विभागों के कर्मियों को भी इस कार्य में लगाया गया जिलाधिकारी ने डीपीओ, आईसीडीएस और सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 8 फरवरी को प्रत्येक सेविका/सहायिका से एक प्रमाण पत्र लिया जाए। इस प्रमाण पत्र में यह पुष्टि होगी कि उनके पोषक क्षेत्र में आने वाले सभी किसानों (जिनके नाम से जमाबंदी है) का किसान रजिस्ट्री हो चुका है। एग्रोस्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रखंड और पंचायत स्तर के विभिन्न विभागों के कर्मियों को भी इस कार्य में लगाया गया है, जिनमें राजस्व कर्मचारी, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण अमीन, किसान सलाहकार, कार्यपालक सहायक, पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, विकास मित्र, आवास सहायक और आंगनवाड़ी सेविका शामिल हैं। मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तीसरे चरण के दूसरे दिन क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने राजनगर के भगवानपुर और बाबूबरही प्रखंड की कई पंचायतों में चल रहे कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने किसानों से मुलाकात की और फार्मर रजिस्ट्री में आने वाली समस्याओं को सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। डीएम ने किसानों से अभियान में रुचि लेकर अपना पंजीकरण कराने का अनुरोध भी किया और इसके लाभों के बारे में जानकारी दी। लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्री कार्य में किसी भी अधिकारी, कर्मी या सीएससी/वसुधा केंद्र संचालक की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभियान के पहले दिन 15 सीएससी/वसुधा केंद्र संचालकों का निबंधन रद्द किया गया है, और अन्य की भी पहचान की जा रही है। फार्मर रजिस्ट्री के तीसरे चरण के निर्देशों के तहत, 2 फरवरी से जिले की सभी पंचायतों में मिशन मोड में शिविर लगाकर पंजीकरण कार्य किया जा रहा है। किसानों को जागरूक करने और उन्हें शिविरों तक लाने के लिए सेविका/सहायिका और अन्य पंचायत स्तरीय कर्मियों को लगाया गया है। विभिन्न विभागों के कर्मियों को भी इस कार्य में लगाया गया जिलाधिकारी ने डीपीओ, आईसीडीएस और सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि 8 फरवरी को प्रत्येक सेविका/सहायिका से एक प्रमाण पत्र लिया जाए। इस प्रमाण पत्र में यह पुष्टि होगी कि उनके पोषक क्षेत्र में आने वाले सभी किसानों (जिनके नाम से जमाबंदी है) का किसान रजिस्ट्री हो चुका है। एग्रोस्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रखंड और पंचायत स्तर के विभिन्न विभागों के कर्मियों को भी इस कार्य में लगाया गया है, जिनमें राजस्व कर्मचारी, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण अमीन, किसान सलाहकार, कार्यपालक सहायक, पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, विकास मित्र, आवास सहायक और आंगनवाड़ी सेविका शामिल हैं।  

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