करनाल के कार एक्सेसरी शोरूम संचालक SHO के खिलाफ लामबंद:बदसलूकी के लगाए आरोप,बोले हमारे व्यापार में दे रहे दखल,एसपी को दी शिकायत,रामलाल बोले आरोप निराधार

करनाल के कार एक्सेसरी शोरूम संचालक SHO के खिलाफ लामबंद:बदसलूकी के लगाए आरोप,बोले हमारे व्यापार में दे रहे दखल,एसपी को दी शिकायत,रामलाल बोले आरोप निराधार

करनाल के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कार एक्सेसरी शोरूम चलाने वाले व्यापारियों ने थाना प्रभारी पर बदसलूकी और बेवजह परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इससे नाराज सभी शोरूम मालिक एकजुट होकर एसपी कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्या एसपी नरेंद्र बजारणिया के सामने रखी। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस की इस कार्यप्रणाली से उनका रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित हो रहा है और व्यापार करना मुश्किल हो गया है। एसपी ने पूरे मामले को सुनने के बाद शोरूम मालिकों को समाधान का आश्वासन दिया। वहीं एसएचओ ने सभी आरोपों को निराधार बताया है और दुकानदारों पर ही माहौल बिगाड़ने और व्यवस्था खराब करने के आरोप लगाए है। ग्राहक से कहो तो झगड़ा, पुलिस आए तो बदसलूकी का आरोप
शोरूम मालिक यतिन, मन्नू कश्यप और अन्य व्यापारियों ने बताया कि उनकी दुकानों के सामने अक्सर बाहर से आने वाले लोग गाड़ियां खड़ी करके कहीं और चले जाते हैं। ऐसे में जब दुकानदार किसी वाहन मालिक से गाड़ी हटाने के लिए कहते हैं तो कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। दूसरी ओर जब सिविल लाइन थाना के एसएचओ गश्त के दौरान बाहर खड़ी गाड़ियां देखते हैं तो वे सीधे दुकानदारों से उलझ जाते हैं और कथित तौर पर बदसलूकी करते हैं। व्यापारियों का आरोप है कि बिना उनकी बात सुने ही उन्हें दोषी ठहरा दिया जाता है। लेबर को पकड़कर अंदर डालने की धमकी का आरोप
दुकानदारों ने आरोप लगाया कि शोरूम पर काम करने वाले लेबर के साथ भी पुलिस का रवैया ठीक नहीं है। लेबर सोनू ने बताया कि वह कल 11 बजे एक गाड़ी में काम कर रहा था, तभी एसएचओ वहां पहुंचे और अपने पुलिसकर्मियों से उसे पकड़ने और गाड़ी में डालने की बात कही। सोनू का कहना है कि उसने कोई बहस या गलत व्यवहार नहीं किया था। बाद में जब उसका भाई मौके पर पहुंचा और पुलिस से रिक्वेस्ट की, तब जाकर उसे छोड़ा गया। इस घटना से अन्य कर्मचारियों में भी डर का माहौल है। अन्य ऑफिसों की गाड़ियां भी खड़ी, निशाना सिर्फ दुकानदार
व्यापारियों का कहना है कि जिस इलाके में उनके शोरूम हैं, वहां अन्य ऑफिस भी स्थित हैं। उन ऑफिसों के बाहर भी लोग अपनी कारें खड़ी करके अंदर चले जाते हैं, लेकिन कार्रवाई सिर्फ शोरूम वालों पर ही होती है। दुकानदार राहुल ने आरोप लगाया कि पुलिस वाले और डायल-112 की गाड़ी में आने वाले कर्मचारी कई बार शोरूम से सामान ले जाते हैं और उसके पैसे तक नहीं देते। व्यापार पर असर, बेवजह बंदिशों का आरोप
दुकानदारों का आरोप है कि एसएचओ रामलाल की वजह से उनका व्यापार लगातार प्रभावित हो रहा है। रोज-रोज की परेशानियों से ग्राहक भी डरने लगे हैं। व्यापारियों का कहना है कि वे कोई अपराध नहीं कर रहे, सिर्फ अपना काम कर रहे हैं, फिर भी उन पर तरह-तरह की बंदिशें लगाई जा रही हैं, जैसे हॉर्न न लगाने या किसी सामान को न लगाने की हिदायतें। उनका सवाल है कि अगर वे अपना काम ही नहीं करेंगे तो रोजी-रोटी कैसे चलेगी। साथ ही आरोप लगाया गया कि असली अपराध करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती। एसएचओ ने आरोप बताए निराधार
इस पूरे मामले पर जब सिविल लाइन थाना प्रभारी रामलाल से बात की गई तो उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि ये दुकानदार सड़क पर जाम लगाकर रखते हैं और कुछ शरारती तत्वों के साथ मिलकर इलाके का माहौल खराब कर रहे हैं। एसएचओ के अनुसार यहां लोगों को बैठाकर शराब पिलाने की शिकायतें भी मिली हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष की ओर से भी इनके खिलाफ शिकायत आई हुई है, जिससे आम नागरिक परेशान हैं। पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम कर रही है, न कि किसी को परेशान करने के लिए। मारपीट के आरोपों पर एसएचओ ने कहा कि पुलिस ने किसी के साथ मारपीट नहीं की, बल्कि पुलिस को ही गालियां दी गईं, इसके बावजूद संयम से काम लिया गया। एसपी ने दिया समाधान का भरोसा
एसपी नरेंद्र बजारणिया ने शोरूम मालिकों को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और उचित समाधान निकाला जाएगा, ताकि व्यापार भी सुचारु रूप से चल सके और कानून व्यवस्था भी बनी रहे।

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