झाबुआ जिले की पेटलावद तहसील में सोमवार शाम बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। अचानक बदले मौसम के मिजाज से गेहूं की लहलहाती फसलें खेतों में बिछ गईं, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। रायपुरिया, रामनगर, बोलासा, बनी और बरवेट सहित आसपास के कई क्षेत्रों में फसलों पर कुदरत का कहर टूटा। मंगलवार सुबह जब किसान अपने खेतों का जायजा लेने पहुंचे, तो तबाही का मंजर देखकर वे मायूस हो गए। सागड़िया के किसान राजाराम पाटीदार ने बताया कि उन्होंने 25 बीघा में गेहूं की फसल बोई थी, लेकिन सोमवार की भारी बारिश और हवाओं ने फसल को पूरी तरह आड़ा कर दिया है। उनके अनुसार, लगभग 60 प्रतिशत फसल खराब होने की आशंका है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट आएगी। इसी तरह बोलासा के किसान मांगीलाल पाटीदार ने कहा कि इस बार प्रकृति की मार बहुत ज्यादा पड़ी है और नुकसान का आंकड़ा उम्मीद से कहीं अधिक है। किसानों का कहना है कि वे अब बेबस महसूस कर रहे हैं। प्रभावित किसानों ने सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द खेतों का सर्वे करवाकर उचित मुआवजे की राशि प्रदान करने की मांग की है, ताकि उन्हें इस आर्थिक संकट से राहत मिल सके।


