मोतिहारी में एक युवक ने अपने ही पट्टीदार के घर पर लाइसेंसी हथियार से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। घटना रकौलिया थाना क्षेत्र के बेलवाराय बरवा टोला गांव का है। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। आरोपी मनीष गिरि रात के समय नरेश गिरि के दरवाजे पर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। जब नरेश गिरि ने इसका विरोध किया, तो मनीष गिरि ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालकर छह राउंड से अधिक फायरिंग कर दी। अचानक हुई फायरिंग से गांव में दहशत फैल गई। पुलिस में शिकायत करने से डर रहा था परिवार नरेश गिरि जान बचाने के लिए भागकर दूसरे के दरवाजे पर पहुंचे और भय के कारण बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन रात में ही नरेश गिरि को इलाज के लिए महनावा स्थित एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए। फायरिंग की इस घटना से पीड़ित परिवार इतना भयभीत था कि शुरू में पुलिस में शिकायत करने से भी डर रहा था। इसी बीच घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। डीएसपी ने जांच का दिया निर्देश वीडियो वायरल होने के बाद एसपी स्वर्ण प्रभात ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर डीएसपी दिलीप सिंह को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। हालांकि, घटना की रात ही अपर थानाध्यक्ष रवि रंजन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे, लेकिन दो दिन तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं होती रहीं। इसके बाद डीएसपी दिलीप सिंह बेलवाराय पोखरा के समीप पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया। इसके उपरांत नरेश गिरि की पत्नी गायत्री देवी ने थाने में आवेदन देकर मनीष गिरि पर लाइसेंसी हथियार से फायरिंग करने का आरोप लगाया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और आवेदन के आधार पर मामले की जांच में जुटी है। मोतिहारी में एक युवक ने अपने ही पट्टीदार के घर पर लाइसेंसी हथियार से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। घटना रकौलिया थाना क्षेत्र के बेलवाराय बरवा टोला गांव का है। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। आरोपी मनीष गिरि रात के समय नरेश गिरि के दरवाजे पर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। जब नरेश गिरि ने इसका विरोध किया, तो मनीष गिरि ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालकर छह राउंड से अधिक फायरिंग कर दी। अचानक हुई फायरिंग से गांव में दहशत फैल गई। पुलिस में शिकायत करने से डर रहा था परिवार नरेश गिरि जान बचाने के लिए भागकर दूसरे के दरवाजे पर पहुंचे और भय के कारण बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन रात में ही नरेश गिरि को इलाज के लिए महनावा स्थित एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए। फायरिंग की इस घटना से पीड़ित परिवार इतना भयभीत था कि शुरू में पुलिस में शिकायत करने से भी डर रहा था। इसी बीच घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। डीएसपी ने जांच का दिया निर्देश वीडियो वायरल होने के बाद एसपी स्वर्ण प्रभात ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर डीएसपी दिलीप सिंह को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। हालांकि, घटना की रात ही अपर थानाध्यक्ष रवि रंजन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे, लेकिन दो दिन तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं होती रहीं। इसके बाद डीएसपी दिलीप सिंह बेलवाराय पोखरा के समीप पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया। इसके उपरांत नरेश गिरि की पत्नी गायत्री देवी ने थाने में आवेदन देकर मनीष गिरि पर लाइसेंसी हथियार से फायरिंग करने का आरोप लगाया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और आवेदन के आधार पर मामले की जांच में जुटी है।


