Silver Used in Cars: जब हम एक लग्जरी या सेल्फ-ड्राइविंग कार की बात करते हैं, तो हमारा ध्यान उसके डिजाइन, इंजन या फीचर्स पर जाता है। लेकिन इन गाड़ियों को स्मार्ट बनाने में जिन सामग्रियों की भूमिका होती है, उनमें एक महत्वपूर्ण धातु चांदी (Silver) भी है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में चांदी का उपयोग अब केवल सजावटी उद्देश्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इलेक्ट्रॉनिक और सेफ्टी सिस्टम्स में एक आवश्यक सामग्री के रूप में इस्तेमाल की जा रही है।
सेल्फ-ड्राइविंग कारों के लिए क्यों जरूरी है चांदी?
सेल्फ-ड्राइविंग कारें या ऑटोनॉमस व्हीकल्स (Autonomous Vehicles) सेंसर, कैमरा और रडार जैसे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स पर आधारित होती हैं। इन सिस्टम्स में डेटा को बहुत कम समय में प्रोसेस करना होता है ताकि गाड़ी उचित निर्णय ले सके।
सुपरफास्ट डेटा ट्रांसफर
चांदी उच्च विद्युत चालकता वाली धातु है और शुद्ध रूप में इसकी कंडक्टिविटी सभी धातुओं में सबसे अधिक मानी जाती है। इसी कारण, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाले सर्किट बोर्ड, कनेक्टर्स और स्विचेज़ में चांदी का लेपन (Plating) किया जाता है। इससे इलेक्ट्रिकल रेजिस्टेंस और सिग्नल लॉस कम करने में मदद मिलती है।
सुरक्षा का सवाल
यदि चांदी की जगह कम कंडक्टिव या कम टिकाऊ धातुओं का उपयोग किया जाए, तो इलेक्ट्रॉनिक कॉन्टैक्ट्स की विश्वसनीयता और लंबी अवधि की परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है। सेफ्टी-क्रिटिकल ऑटोमोटिव सिस्टम्स में इसी कारण चांदी जैसी उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का चयन किया जाता है।
सेंसर्स और ADAS में चांदी का कमाल
आजकल की कई मिड-रेंज गाड़ियों में भी ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) उपलब्ध हैं। इन सिस्टम्स में रडार और लिडार (LiDAR) जैसे सेंसर शामिल होते हैं, जिनके इलेक्ट्रॉनिक कॉन्टैक्ट्स और कनेक्टर्स में चांदी या चांदी-आधारित मैटीरियल का उपयोग किया जाता है।
सटीक रिस्पांस
चांदी के संपर्क बिंदु (Contact Points) जंग-प्रतिरोधी होते हैं, जिससे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स की विश्वसनीयता और ऑपरेशनल लाइफ बढ़ती है।
कनेक्टिविटी
5G इनेबल्ड कारों में एंटीना, कंट्रोल मॉड्यूल और कनेक्टिविटी चिप्स के कुछ हिस्सों में चांदी-आधारित सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है, जो सिग्नल ट्रांसमिशन की गुणवत्ता बनाए रखने में सहायक होती है।
EV और स्मार्ट कारों में चांदी की बढ़ती मांग
एक सामान्य पेट्रोल-डीजल कार की तुलना में, इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की संख्या अधिक होती है। इसी वजह से इनमें चांदी की खपत भी अधिक देखी जाती है।
उद्योग से जुड़े अनुमानों के अनुसार, एक औसत पेट्रोल-डीजल कार में लगभग 15 से 28 ग्राम तक चांदी का उपयोग हो सकता है। वहीं, एक हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक कार में यह मात्रा 30 से 50 ग्राम तक हो सकती है।
वास्तविक मात्रा वाहन के मॉडल, फीचर्स और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स पर निर्भर करती है। जैसे-जैसे वाहन अधिक इलेक्ट्रॉनिक्स और सॉफ्टवेयर पर आधारित हो रहे हैं, ऑटोमोबाइल सेक्टर में चांदी की औद्योगिक मांग बढ़ रही है।
भविष्य की कारों में चांदी की भूमिका
आने वाले समय में ऑटोमोटिव तकनीक के और अधिक इलेक्ट्रॉनिक्स-आधारित होने की संभावना है। ऐसे में चांदी जैसी उच्च कंडक्टिविटी और टिकाऊ धातु का उपयोग सेफ्टी और कंट्रोल सिस्टम्स में जारी रहने की उम्मीद की जाती है। इस संदर्भ में, चांदी भविष्य की स्मार्ट और सुरक्षित वाहन तकनीकों के विकास में एक महत्वपूर्ण औद्योगिक सामग्री बनी रहेगी।


