मुजफ्फरपुर में वाहन खरीदने और विदेश जाने में नया रिकॉर्ड बनाया है। पटना के बाद मुजफ्फरपुर के लोगों ने सबसे अधिक 97 हजार 551 गाड़ियों की खरीदारी की है। वहीं, पढ़ाई के साथ बेहतर अवसर के लिए मुजफ्फरपुर के लोगों में विदेश जाने की ललक तेजी से बढ़ी है। बिहार सरकारी की ओर से जारी आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वित्त वर्ष 24-25 में विदेश जाने के लिए 19 हजार 365 लोगों ने पासपोर्ट बनवाए हैं। मुजफ्फरपुर की बड़ी संख्या में युवा नौकरी और रोजगार के अलावा पढ़ाई के लिए अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया के अलावा ईरान और संयुक्त अरब जाते हैं। एक साल पहले ये आंकड़ा 16 हजार 678 था। 2023-24 में जिले के 17 हजार 508 लोगों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, जबकि 16 हजार 678 लोगों को पासपोर्ट जारी किया गया था। वहीं, 2024-25 में 20 हजार 310 लोगों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। 19 हजार 365 लोगों को पासपोर्ट मिला।
पटना से ज्यादा मुजफ्फरपुर में ट्रैक्टर की बिक्री पटना के बाद मुजफ्फरपुर में सबसे अधिक गाड़ियां का निबंधन हुआ है। पटना में 1 लाख 66 हजार 949 और मुजफ्फरपुर में 97 हजार 551 गाड़ियों का निबंधन हुआ। वहीं, तिरहुत प्रमंडल में मुजफ्फरपुर के बाद पूर्वी चंपारण में 65 हजार 956 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ। मुजफ्फरपुर में सबसे अधिक 76 हजार 929 बाइक और स्कूटर की बिकी है। इसके बाद ऑटो और ई-रिक्शा का 8 हजार 2 निबंधन हुआ। कार तीसरे नंबर पर रहा। 7 हजार 349 कार, 212 टैक्सी, 443 ट्रक, दो हजार 953 बस, 1469 ट्रैक्टर, 82 ट्रेलर और 66 अन्य गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ। ट्रैक्टर की बिक्री में मुजफ्फरपुर ने पटना को पीछे छोड़ दिया है। पटना में 1339 ट्रैक्टर की बिक्री हुई है। पूरे बिहार में 12 लाख 82 हजार 470 गाड़ियों की बिक्री हुई है।
ग्रामीण सड़क में भी मुजफ्फरपुर पटना से आगे ग्रामीण सड़क के मामले में भी मुजफ्फरपुर पटना से आगे है। मुजफ्फरपुर में कुल 6366 किमी ग्रामीण सड़क है। इसमें पक्की सड़क 5863 किमी और कच्ची सड़क 503 किमी है। पटना में कुल 3909 किमी ग्रामीण सड़क है। तिरहुत प्रमंडल में सबसे अधिक 6875 किमी ग्रामीण सड़क पूर्वी चंपारण में है। चूंकी पूर्वी चंपारण का क्षेत्रफल मुजफ्फरपुर के तुलना में अधिक है। एक साल में मुजफ्फरपुर में 18 किमी अधिक ग्रामीण सड़क बनी है।
मुजफ्फरपुर में वाहन खरीदने और विदेश जाने में नया रिकॉर्ड बनाया है। पटना के बाद मुजफ्फरपुर के लोगों ने सबसे अधिक 97 हजार 551 गाड़ियों की खरीदारी की है। वहीं, पढ़ाई के साथ बेहतर अवसर के लिए मुजफ्फरपुर के लोगों में विदेश जाने की ललक तेजी से बढ़ी है। बिहार सरकारी की ओर से जारी आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वित्त वर्ष 24-25 में विदेश जाने के लिए 19 हजार 365 लोगों ने पासपोर्ट बनवाए हैं। मुजफ्फरपुर की बड़ी संख्या में युवा नौकरी और रोजगार के अलावा पढ़ाई के लिए अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया के अलावा ईरान और संयुक्त अरब जाते हैं। एक साल पहले ये आंकड़ा 16 हजार 678 था। 2023-24 में जिले के 17 हजार 508 लोगों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, जबकि 16 हजार 678 लोगों को पासपोर्ट जारी किया गया था। वहीं, 2024-25 में 20 हजार 310 लोगों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। 19 हजार 365 लोगों को पासपोर्ट मिला।
पटना से ज्यादा मुजफ्फरपुर में ट्रैक्टर की बिक्री पटना के बाद मुजफ्फरपुर में सबसे अधिक गाड़ियां का निबंधन हुआ है। पटना में 1 लाख 66 हजार 949 और मुजफ्फरपुर में 97 हजार 551 गाड़ियों का निबंधन हुआ। वहीं, तिरहुत प्रमंडल में मुजफ्फरपुर के बाद पूर्वी चंपारण में 65 हजार 956 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ। मुजफ्फरपुर में सबसे अधिक 76 हजार 929 बाइक और स्कूटर की बिकी है। इसके बाद ऑटो और ई-रिक्शा का 8 हजार 2 निबंधन हुआ। कार तीसरे नंबर पर रहा। 7 हजार 349 कार, 212 टैक्सी, 443 ट्रक, दो हजार 953 बस, 1469 ट्रैक्टर, 82 ट्रेलर और 66 अन्य गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ। ट्रैक्टर की बिक्री में मुजफ्फरपुर ने पटना को पीछे छोड़ दिया है। पटना में 1339 ट्रैक्टर की बिक्री हुई है। पूरे बिहार में 12 लाख 82 हजार 470 गाड़ियों की बिक्री हुई है।
ग्रामीण सड़क में भी मुजफ्फरपुर पटना से आगे ग्रामीण सड़क के मामले में भी मुजफ्फरपुर पटना से आगे है। मुजफ्फरपुर में कुल 6366 किमी ग्रामीण सड़क है। इसमें पक्की सड़क 5863 किमी और कच्ची सड़क 503 किमी है। पटना में कुल 3909 किमी ग्रामीण सड़क है। तिरहुत प्रमंडल में सबसे अधिक 6875 किमी ग्रामीण सड़क पूर्वी चंपारण में है। चूंकी पूर्वी चंपारण का क्षेत्रफल मुजफ्फरपुर के तुलना में अधिक है। एक साल में मुजफ्फरपुर में 18 किमी अधिक ग्रामीण सड़क बनी है।


