भिंड जिले में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदला हुआ नजर आया। रात से ही आसमान में घने बादलों का डेरा बना रहा। मंगलवार सुबह होते ही जिले में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो सुबह आठ बजे के बाद रुक-रुक कर जारी रही। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से उठे बादलों का असर भिंड सहित आसपास के जिलों में देखने को मिला, जिससे मावठ जैसी स्थिति बनी हुई है। इस बारिश को किसानों के लिए राहतभरी माना जा रहा है। खेतों में पलावा करने का समय था, लेकिन मावठ की इस बारिश से पलावा की आवश्यकता नहीं पड़ी। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं की फसल के लिए यह बारिश बेहद लाभकारी है। इसी तरह चना, मसूर और अरहर की फसलों के लिए भी यह मौसम अनुकूल बताया जा रहा है। हालांकि मटर की फसल में इस समय फलियां आ चुकी हैं। जिन खेतों में पानी भराव की स्थिति बनेगी, वहां मटर की फसल को नुकसान की आशंका है, जबकि जहां पानी नहीं भरेगा, वहां यह बारिश दानों को मजबूत करेगी और उत्पादन में वृद्धि होगी। सरसों की फसल में भी दाना पड़ने का समय है, ऐसे में हल्की बारिश और शांत हवा अच्छी पैदावार के संकेत माने जा रहे हैं। कृषि अधिकारियों का कहना है कि यदि तेज हवा चली और फसल बिछी तो दानों पर असर पड़ सकता है, लेकिन रिमझिम बूंदाबांदी और शांत मौसम फसलों के लिए लाभदायक रहेगा।
मौसम के कारण जिले में आर्द्रता करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। दृश्यता आधा किलोमीटर तक सिमट गई है और कई इलाकों में हल्की धुंध छाई रही। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सुबह के समय अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। बादल छाए रहेंगे, बीच-बीच में धूप भी निकलेगी और सर्दी में और इजाफा होगा।


