गोपालगंज जिले में सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। दृश्यता काफी कम रही और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। घने कोहरे का सबसे अधिक असर NH-27 ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर और जिले की अन्य प्रमुख सड़कों पर देखा गया। सुबह के समय दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। ट्रक, बस और अन्य भारी वाहन हेडलाइट व इंडिकेटर जलाकर धीमी गति से चलते दिखे। कोहरे के कारण लंबी दूरी की बसें और मालवाहक ट्रक अपने निर्धारित समय से देरी से चल रहे हैं। कोहरे के कारण कनकनी पछुआ हवाओं के प्रभाव और घने कोहरे के कारण जिले में कनकनी और सिहरन बनी हुई है। अधिकतम तापमान 26-27 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 13-14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कड़ाके की ठंड ने जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है। ठंड से बचने के लिए लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं, लेकिन दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकलने वालों के लिए अलाव और चाय सहारा बन गए हैं। अंबेडकर चौक, मौनिया चौक और थावे रोड जैसे प्रमुख चौक-चौराहों पर लोग सूखी लकड़ियां और टायर जलाकर ठंड भगाते दिखे। ये अलाव सामाजिक चर्चा का केंद्र भी बन गए हैं, जहाँ लोग खेती-किसानी से लेकर राजनीति तक की बातें करते हैं। चाय दुकानों पर बढ़ी भीड़ इस मौसम में शहर की चाय दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। मिट्टी के कुल्हड़ में अदरक और इलायची वाली गरमागरम चाय लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बाहर निकलने पर जब हाथ-पैर सुन्न होने लगते हैं, तब एक कप चाय शरीर में नई ऊर्जा भर देती है। चाय की चुस्की के साथ भाप उड़ाते चेहरे शहर की इस ठिठुरती ठंड में एक अलग ही सुकून तलाश रहे हैं। गोपालगंज जिले में सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। दृश्यता काफी कम रही और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। घने कोहरे का सबसे अधिक असर NH-27 ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर और जिले की अन्य प्रमुख सड़कों पर देखा गया। सुबह के समय दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। ट्रक, बस और अन्य भारी वाहन हेडलाइट व इंडिकेटर जलाकर धीमी गति से चलते दिखे। कोहरे के कारण लंबी दूरी की बसें और मालवाहक ट्रक अपने निर्धारित समय से देरी से चल रहे हैं। कोहरे के कारण कनकनी पछुआ हवाओं के प्रभाव और घने कोहरे के कारण जिले में कनकनी और सिहरन बनी हुई है। अधिकतम तापमान 26-27 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 13-14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कड़ाके की ठंड ने जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है। ठंड से बचने के लिए लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं, लेकिन दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकलने वालों के लिए अलाव और चाय सहारा बन गए हैं। अंबेडकर चौक, मौनिया चौक और थावे रोड जैसे प्रमुख चौक-चौराहों पर लोग सूखी लकड़ियां और टायर जलाकर ठंड भगाते दिखे। ये अलाव सामाजिक चर्चा का केंद्र भी बन गए हैं, जहाँ लोग खेती-किसानी से लेकर राजनीति तक की बातें करते हैं। चाय दुकानों पर बढ़ी भीड़ इस मौसम में शहर की चाय दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। मिट्टी के कुल्हड़ में अदरक और इलायची वाली गरमागरम चाय लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बाहर निकलने पर जब हाथ-पैर सुन्न होने लगते हैं, तब एक कप चाय शरीर में नई ऊर्जा भर देती है। चाय की चुस्की के साथ भाप उड़ाते चेहरे शहर की इस ठिठुरती ठंड में एक अलग ही सुकून तलाश रहे हैं।


