नवादा में एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है। एक प्रेमी जोड़े ने चलती बस में प्यार होने के बाद मंदिर में शादी कर ली। विवाह के बाद, दुल्हन अपने दूल्हे के साथ ई-रिक्शा से सदर अस्पताल पहुंची, जहां उन्होंने दूल्हे की बीमार मौसी का आशीर्वाद लिया।
नवादा के आशीष सिंह के बेटे दीपक कुमार और गया की काजल कुमारी के बीच पिछले दो साल से प्रेम संबंध था। उनकी प्रेम कहानी एक बस यात्रा के दौरान शुरू हुई, जब दोनों की मुलाकात हुई और बातचीत का सिलसिला चला। बस में ही दीपक ने काजल को प्रपोज किया, जिसके बाद उनका प्यार परवान चढ़ा। शादी के बाद सदर अस्पताल पहुंचे नवविवाहित
अंततः, इस प्रेमी जोड़े ने नवादा के एक मंदिर में विवाह रचा लिया। शादी के बाद, नवविवाहित जोड़ा अपनी शादी की पोशाक में ही सदर अस्पताल पहुंचा। उनका उद्देश्य दीपक की मौसी का आशीर्वाद लेना था, जो पिछले एक हफ्ते से अस्पताल में भर्ती हैं।
अस्पताल में शादी के जोड़े में पहुंचे दीपक और काजल को देखकर मरीज और अन्य लोग हैरान रह गए। उनकी इस पहल ने अस्पताल के माहौल में एक सुखद बदलाव ला दिया। कई लोगों ने इस जोड़े को बधाई दी और उनके नए जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। नवादा में एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है। एक प्रेमी जोड़े ने चलती बस में प्यार होने के बाद मंदिर में शादी कर ली। विवाह के बाद, दुल्हन अपने दूल्हे के साथ ई-रिक्शा से सदर अस्पताल पहुंची, जहां उन्होंने दूल्हे की बीमार मौसी का आशीर्वाद लिया।
नवादा के आशीष सिंह के बेटे दीपक कुमार और गया की काजल कुमारी के बीच पिछले दो साल से प्रेम संबंध था। उनकी प्रेम कहानी एक बस यात्रा के दौरान शुरू हुई, जब दोनों की मुलाकात हुई और बातचीत का सिलसिला चला। बस में ही दीपक ने काजल को प्रपोज किया, जिसके बाद उनका प्यार परवान चढ़ा। शादी के बाद सदर अस्पताल पहुंचे नवविवाहित
अंततः, इस प्रेमी जोड़े ने नवादा के एक मंदिर में विवाह रचा लिया। शादी के बाद, नवविवाहित जोड़ा अपनी शादी की पोशाक में ही सदर अस्पताल पहुंचा। उनका उद्देश्य दीपक की मौसी का आशीर्वाद लेना था, जो पिछले एक हफ्ते से अस्पताल में भर्ती हैं।
अस्पताल में शादी के जोड़े में पहुंचे दीपक और काजल को देखकर मरीज और अन्य लोग हैरान रह गए। उनकी इस पहल ने अस्पताल के माहौल में एक सुखद बदलाव ला दिया। कई लोगों ने इस जोड़े को बधाई दी और उनके नए जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।


