Bihar Politics: बिहार विधानसभा सत्र शुरू, कांग्रेस अब भी बिना नेता, आला कमान से निर्देश का इंतज़ार

Bihar Politics: बिहार विधानसभा सत्र शुरू, कांग्रेस अब भी बिना नेता, आला कमान से निर्देश का इंतज़ार

Bihar Politics बिहार विधानसभा का सत्र शुरू हो चुका है, आज (03 फरवरी) बिहार का बजट पेश होना है। इससे पहले कांग्रेस नेताओं की सोमवार की शाम में विधायक दल की बैठक हुई। इस बैठक में भी विधायक दल के नेता के नाम का ऐलान नहीं हो पाया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने इससे जुड़े सवाल पर पत्रिका से कहा कि इस पर अन्तिम फैसला पार्टी आला कमान को लेना है। पार्टी की ओर से अभी इसपर कोई दिशा निर्देश नहीं मिला है। इसलिए अभी इसपर कोई फैसला नहीं हो पाया है। सदन में कांग्रेस- आरजेडी के तालमेल पर उन्होंने कहा कि सदन के अंदर कांग्रेस- राजद के साथ है, लेकिन बाहर एकला चलो की राह पर है। दरअसल, कांग्रेस के सीनियर नेता शकील अहमद खान ने प्रशांत किशोर से गठबंधन से जुड़े सवाल पर कहा था कि अगर हमारे विचार मिले, तो राजनीति में संभावनाएं भी बन सकती है। हालांकि, प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के सीनियर नेता और पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने इसपर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार करते हुए कहा कि हमारा पहला उदेश्य संघठन को मजबूत करना है। इसको लेकर हमारे नेता 08 फरवरी से जिला के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

कौन होगा विधायक दल का नेता?

02 फरवरी से बिहार विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। लेकिन, पार्टी ने अभी तक अपना विधायक दल का नेता घोषित कर पाई है। इससे जुड़े सवाल पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि अभी इसमें समय लगेगा। जो व्यवस्था है उसपर ही हमारा काम चलेगा। पार्टी आला कमान के निर्देश मिलते ही तय कर लिया जायेगा। बिहार विधानसभा में कांग्रेस के छह विधायक हैं। पिछले विधानसभा में शकील अहमद खान विधायक दल के नेता थे। लेकिन, 2025 का विधानसभा चुनाव में उनके हारने के बाद  यह पद खाली पड़ा है। पार्टी की दिल्ली में पिछले माह हुई बैठक में भी लेकिन, इसपर कोई फैसला नहीं हो पाया था।

सदन में कांग्रेस और राजद साथ साथ

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने साफ कर दिया कि विधानसभा के अंदर कांग्रेस और आरजेडी एक साथ सरकार को घेरने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि सदन में अमूमन ऐसा ही होता है कि समान्य विचारधारा वाले लोग एक साथ मिलकर सरकार को घेरने का काम करते हैं। लेकिन, पार्टी जमीन पर अपना संघर्ष का रास्ता अलग तय करेगी।

बैठक में चर्चा कम मारपीट ज्यादा

हालांकि कांग्रेस इन दिनों जमीन पर अपनी स्थिति मजबूत करने में लगी है। इसको लेकर प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस के सीनियर नेताओं के साथ पार्टी के सीनियर नेता बैठक कर संगठन को मजबूत करने में लगे हैं। लेकिन, इन बैठकों में चर्चा कम, आरोप प्रत्यारोप, मारपीट के ज्यादा मामला सामने आ रहे हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम इससे जुड़े सवाल पर कहते हैं कि बहुत दिनों से कोई उनकी पीड़ा नहीं सुना था। जब हम उनकी पीड़ा और संगठन को मजबूत करने पहुंच रहे हैं तो वे पीड़ा व्यक्त करते वक्त अपनी थोड़ी नाराजगी भी व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता अपनी पीड़ा परिवार में नहीं तो कहां पर व्यक्त करेंगे।

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