हेमंत हुए भावुक, बोले- झारखंड के लोग अब बोका व कमजोर नहीं

हेमंत हुए भावुक, बोले- झारखंड के लोग अब बोका व कमजोर नहीं

चाईबासा के सेरेंगसिया में कोल विद्रोह के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
झामुमो के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार देर रात दुमका के गांधी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सह पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि अब केंद्र सरकार झारखंड को कमजोर और बोका समझने की भूल न करे। किसी भी सूरत में झारखंड के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन के निधन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भावुक हो गए। मंच से बोलते समय उनकी आंखें भर आईं और गला रुंध गया। खुद को संभालते हुए उन्होंने कहा कि आज वह भावुक भी हैं और उत्साहित भी। पहले झारखंड के लोग संघर्ष के जरिए अपने अधिकार हासिल करते थे, लेकिन अब कानून के दायरे में रहकर अपने हक और अधिकार सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की 42 प्रतिशत खनिज संपदा झारखंड में है, लेकिन केंद्रीय बजट में राज्य के लिए कुछ भी नहीं है। झारखंड को उसके खनिजों की 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये की रॉयल्टी अब तक नहीं दी गई, जो यहां की जनता के साथ सीधा अन्याय है।उन्होंने कहा कि झारखंड के लोग आर्थिक रूप से भले कमजोर रहे हों, लेकिन इतने भी कमजोर नहीं हैं कि सामंती ताकतों की साजिश और राजनीतिक षड्यंत्र को न समझ सकें। -शेष पेज 11 पर गांव से चलती है सरकार, रांची से नहीं: सीएम चाईबासा|मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की सरकार गांव से चलती है, रांची से नहीं। सरकार आम जनता के सुख-दुख की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। वे पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो प्रखंड स्थित सेरेंगसिया शहीद स्थल पर आयोजित शहीद दिवस सह विकास एवं रोजगार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने सेरेंगसिया शहीद स्मारक पर पहुंचकर कोल विद्रोह के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में उन्होंने कहा कि यह पावन धरती जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीर शहीदों की गवाही देती है। उनके संघर्ष से आज की पीढ़ी को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। साथ ही राज्य के 1479 युवाओं को विभिन्न विभागों के नियुक्ति पत्र सौंपे। 197 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास मुख्यमंत्री ने 398.19 करोड़ की लागत से 197 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 224.78 करोड़ की लागत से 122 योजनाओं का शिलान्यास और 173.40 करोड़ की लागत से 75 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के तहत 3.77 लाख लाभार्थियों के बीच 637.43 करोड़ की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। चाईबासा के सेरेंगसिया में कोल विद्रोह के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
झामुमो के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार देर रात दुमका के गांधी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सह पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि अब केंद्र सरकार झारखंड को कमजोर और बोका समझने की भूल न करे। किसी भी सूरत में झारखंड के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन के निधन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भावुक हो गए। मंच से बोलते समय उनकी आंखें भर आईं और गला रुंध गया। खुद को संभालते हुए उन्होंने कहा कि आज वह भावुक भी हैं और उत्साहित भी। पहले झारखंड के लोग संघर्ष के जरिए अपने अधिकार हासिल करते थे, लेकिन अब कानून के दायरे में रहकर अपने हक और अधिकार सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की 42 प्रतिशत खनिज संपदा झारखंड में है, लेकिन केंद्रीय बजट में राज्य के लिए कुछ भी नहीं है। झारखंड को उसके खनिजों की 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये की रॉयल्टी अब तक नहीं दी गई, जो यहां की जनता के साथ सीधा अन्याय है।उन्होंने कहा कि झारखंड के लोग आर्थिक रूप से भले कमजोर रहे हों, लेकिन इतने भी कमजोर नहीं हैं कि सामंती ताकतों की साजिश और राजनीतिक षड्यंत्र को न समझ सकें। -शेष पेज 11 पर गांव से चलती है सरकार, रांची से नहीं: सीएम चाईबासा|मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की सरकार गांव से चलती है, रांची से नहीं। सरकार आम जनता के सुख-दुख की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। वे पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो प्रखंड स्थित सेरेंगसिया शहीद स्थल पर आयोजित शहीद दिवस सह विकास एवं रोजगार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने सेरेंगसिया शहीद स्मारक पर पहुंचकर कोल विद्रोह के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में उन्होंने कहा कि यह पावन धरती जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीर शहीदों की गवाही देती है। उनके संघर्ष से आज की पीढ़ी को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। साथ ही राज्य के 1479 युवाओं को विभिन्न विभागों के नियुक्ति पत्र सौंपे। 197 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास मुख्यमंत्री ने 398.19 करोड़ की लागत से 197 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 224.78 करोड़ की लागत से 122 योजनाओं का शिलान्यास और 173.40 करोड़ की लागत से 75 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के तहत 3.77 लाख लाभार्थियों के बीच 637.43 करोड़ की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।  

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