सहरसा के नया बाजार में ‘लोक स्वास्थ्य सुविधा फाउंडेशन’ पर अवैध बहाली के नाम पर 7,500 रुपये वसूलने का आरोप लगा है। सोमवार शाम सिविल सर्जन से इसकी शिकायत की गई। सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने इस मामले में जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। चंद्रायान गांव की निवासी नेहा कुमारी ने बताया कि फाउंडेशन ‘स्वास्थ्य मित्र’ के पद पर बहाली कर रहा है। उन्हें बताया गया कि इन स्वास्थ्य मित्रों को राज्य सरकार की स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की जानकारी पंचायत के लोगों तक पहुंचानी होगी। नेहा के अनुसार, बहाली के नाम पर उनसे 7,500 रुपये नकद मांगे गए, लेकिन कोई रसीद नहीं दी गई। इस संबंध में ‘लोक स्वास्थ्य सुविधा फाउंडेशन’ के कर्मी राजेश कुमार राघव ने बताया कि वे स्वास्थ्य उन्मूलन पर एक कार्यक्रम चला रहे हैं। इसके तहत सहरसा जिले की 131 पंचायतों के विभिन्न वार्डों में स्वास्थ्य मित्रों की बहाली की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 22 लोगों को नियुक्त किया जा चुका है और फाउंडेशन के नियमों के अनुसार 7,500 रुपये ‘सिक्योरिटी मनी’ के तौर पर लिए जा रहे हैं। हालांकि, सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने स्पष्ट किया कि सरकार के स्तर पर किसी भी तरह की ऐसी बहाली नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई फाउंडेशन इस तरह से अवैध उगाही कर रहा है, तो इसकी गहन जांच की जाएगी और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सहरसा के नया बाजार में ‘लोक स्वास्थ्य सुविधा फाउंडेशन’ पर अवैध बहाली के नाम पर 7,500 रुपये वसूलने का आरोप लगा है। सोमवार शाम सिविल सर्जन से इसकी शिकायत की गई। सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने इस मामले में जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। चंद्रायान गांव की निवासी नेहा कुमारी ने बताया कि फाउंडेशन ‘स्वास्थ्य मित्र’ के पद पर बहाली कर रहा है। उन्हें बताया गया कि इन स्वास्थ्य मित्रों को राज्य सरकार की स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की जानकारी पंचायत के लोगों तक पहुंचानी होगी। नेहा के अनुसार, बहाली के नाम पर उनसे 7,500 रुपये नकद मांगे गए, लेकिन कोई रसीद नहीं दी गई। इस संबंध में ‘लोक स्वास्थ्य सुविधा फाउंडेशन’ के कर्मी राजेश कुमार राघव ने बताया कि वे स्वास्थ्य उन्मूलन पर एक कार्यक्रम चला रहे हैं। इसके तहत सहरसा जिले की 131 पंचायतों के विभिन्न वार्डों में स्वास्थ्य मित्रों की बहाली की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 22 लोगों को नियुक्त किया जा चुका है और फाउंडेशन के नियमों के अनुसार 7,500 रुपये ‘सिक्योरिटी मनी’ के तौर पर लिए जा रहे हैं। हालांकि, सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने स्पष्ट किया कि सरकार के स्तर पर किसी भी तरह की ऐसी बहाली नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई फाउंडेशन इस तरह से अवैध उगाही कर रहा है, तो इसकी गहन जांच की जाएगी और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


