गयाजी में पांचूबिगहा के दो युवक गंगा में लापता:माघ पूर्णिमा का स्नान करने पहुंचे थे, एसडीआरएफ की टीम तलाश कर रही

गयाजी में पांचूबिगहा के दो युवक गंगा में लापता:माघ पूर्णिमा का स्नान करने पहुंचे थे, एसडीआरएफ की टीम तलाश कर रही

गयाजी में माघ पूर्णिमा के मौके पर गंगा स्नान की आस्था शोक में बदल गई। पटना के दीघा थाना क्षेत्र स्थित पाटीपुल घाट पर स्नान के दौरान चाकंद थाना क्षेत्र के पांचूबिगहा गांव के दो लोग लापता है। पांचूबिगहा निवासी धनंजय यादव (27), पिता रामगन यादव और रविन्द्र यादव (46), पिता स्वर्गीय जुदागर यादव, गांव के करीब बीस लोगों के साथ माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए पटना पहुंचे थे। स्नान के दौरान पाटीपुल घाट पर दोनों का संतुलन बिगड़ा और वे गंगा की तेज धारा में समा गए। साथ आए लोगों ने शोर मचाया, लेकिन पल भर में दोनों वहां मौजूद लोगों की आंखों से ओझल हो गए। एसडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू की घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दीघा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। घंटों तक नदी में तलाश जारी रही, लेकिन देर शाम तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा। परिजन पटना में ही डटे हुए हैं और हर संभावित जगह पर खोज की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पांचूबिगहा गांव में दोनों परिवारों के घरों पर लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। महिलाओं का रोना-पीटना थम नहीं रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से खोज अभियान और तेज करने, गोताखोरों की संख्या बढ़ाने और पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता देने की मांग की है। गयाजी में माघ पूर्णिमा के मौके पर गंगा स्नान की आस्था शोक में बदल गई। पटना के दीघा थाना क्षेत्र स्थित पाटीपुल घाट पर स्नान के दौरान चाकंद थाना क्षेत्र के पांचूबिगहा गांव के दो लोग लापता है। पांचूबिगहा निवासी धनंजय यादव (27), पिता रामगन यादव और रविन्द्र यादव (46), पिता स्वर्गीय जुदागर यादव, गांव के करीब बीस लोगों के साथ माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए पटना पहुंचे थे। स्नान के दौरान पाटीपुल घाट पर दोनों का संतुलन बिगड़ा और वे गंगा की तेज धारा में समा गए। साथ आए लोगों ने शोर मचाया, लेकिन पल भर में दोनों वहां मौजूद लोगों की आंखों से ओझल हो गए। एसडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू की घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दीघा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। घंटों तक नदी में तलाश जारी रही, लेकिन देर शाम तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा। परिजन पटना में ही डटे हुए हैं और हर संभावित जगह पर खोज की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पांचूबिगहा गांव में दोनों परिवारों के घरों पर लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। महिलाओं का रोना-पीटना थम नहीं रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से खोज अभियान और तेज करने, गोताखोरों की संख्या बढ़ाने और पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता देने की मांग की है।  

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