बूंदी में चार दिवसीय संभागीय आरोग्य मेले का समापन हो गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ भारत, विकसित भारत’ के विजन को साकार करने में आयुर्वेद की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने आयुर्वेद को भारत की अनमोल बौद्धिक संपदा बताया।
उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने कुंभा स्टेडियम में आयोजित मेले के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने मेले का निरीक्षण कर लाभार्थियों से प्रतिक्रिया भी ली। डॉ. बैरवा ने कहा कि केंद्र सरकार आयुर्वेद और आयुष पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में इस वर्ष के केंद्रीय बजट में आयुष मंत्रालय के लिए 4400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। आयुर्वेद विभाग की उपनिदेशक डॉ. मालती पारीक ने मेले की सफलता का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि चार दिनों के दौरान 26,000 से अधिक लोगों ने मेले का लाभ उठाया। इनमें से 11,500 लोगों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया और 1,861 रोगियों का पंचकर्म चिकित्सा से उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त, तीन हजार लोगों को औषधीय पादपों के बारे में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर आयुर्वेद विभाग कोटा संभाग की अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजना शर्मा, जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, पूर्व विधायक ओमप्रकाश शर्मा, संजय लाठी, राजकुमार श्रृंगी और कालूलाल जांगिड़ मौजूद रहे। जिला आयुर्वेद अस्पताल के पीएमओ डॉ. सुनील कुशवाह, सहायक निदेशक डॉ. भोलेश कुमार जैन, मेला प्रभारी डॉ. मनीष माथुर सहित आयुर्वेद चिकित्सक संघ के पदाधिकारी भी मौजूद थे।


