गयाजी में सब्जी उत्पादक किसानों और उपभोक्ताओं के बीच की खाई को खत्म करने की कोशिश अब सहकारिता के रास्ते तय की जा रही है। बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण और विपणन योजना के तहत गया में प्रखंड स्तर पर नई संरचना खड़ी की जा रही है, जहां किसान सीधे बाजार से जुड़ेंगे और बिचौलियों की भूमिका सीमित होगी। योजना का क्रियान्वयन त्रिस्तरीय सहकारी व्यवस्था के जरिए किया जा रहा है, जिसमें प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियां और उनसे जुड़े संघ अहम भूमिका निभाएंगे। सहकारी समितियों का गठन किया जा रहा जिले के सभी प्रखंडों में सब्जी उत्पादक किसानों को शामिल करते हुए सहकारी समितियों का गठन किया जा रहा है। इन समितियों के माध्यम से किसानों से सीधे सब्जी की खरीद होगी और उसे बाजार में बेचा जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे एक ओर किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलेगा, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं तक सब्जी स्थिर व नियंत्रित दर पर पहुंच सकेगी। सभी अंचलों में भवन निर्माण होगा डीएम शशांक शुभंकर ने बताया कि योजना के तहत सब्जी बिक्री केंद्रों की स्थापना के लिए सभी अंचलों में भवन निर्माण कराया जाएगा। यह काम जिला सहकारिता विभाग के माध्यम से होगा। हर प्रखंड में करीब 10 हजार वर्गफीट जमीन चिन्हित की जा रही है। जहां प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति का ढांचा खड़ा किया जा सके। फिलहाल जिले के 15 प्रखंडों में जमीन की पहचान कर ली गई है। नगर क्षेत्र के नौगढ़ मौजा से लेकर मानपुर के डेल्हा, फतेहपुर के पकरी, बेलागंज के हरगांव, टनकुप्पा के ढिबर, बाकेबाजार के दीघासिन, डुमरिया के गोटीवांध, बाराचट्टी के सोम, मोहनपुर के पथरा, डोभी के डोभी, परैया के नेउरिया, अतरी के टेंटुआ, खिजरसराय के लोदीपुर, मोहड़ा के बेला और नीमचक बथानी के मोरबाबीचक मौजा में भवन निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन का दावा है कि इन केंद्रों के शुरू होने से किसानों को सब्जी के भंडारण की सुविधा मिलेगी। फसल कटाई के बाद जल्दबाजी में औने-पौने दाम पर बिक्री की मजबूरी नहीं रहेगी। नजदीकी बाजार तक पहुंचने में आसानी होगी और नुकसान कम होगा। कुल मिलाकर, यह पहल खेती को सिर्फ उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय बाजार से जोड़ने की एक ठोस कोशिश के तौर पर देखी जा रही है। गयाजी में सब्जी उत्पादक किसानों और उपभोक्ताओं के बीच की खाई को खत्म करने की कोशिश अब सहकारिता के रास्ते तय की जा रही है। बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण और विपणन योजना के तहत गया में प्रखंड स्तर पर नई संरचना खड़ी की जा रही है, जहां किसान सीधे बाजार से जुड़ेंगे और बिचौलियों की भूमिका सीमित होगी। योजना का क्रियान्वयन त्रिस्तरीय सहकारी व्यवस्था के जरिए किया जा रहा है, जिसमें प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियां और उनसे जुड़े संघ अहम भूमिका निभाएंगे। सहकारी समितियों का गठन किया जा रहा जिले के सभी प्रखंडों में सब्जी उत्पादक किसानों को शामिल करते हुए सहकारी समितियों का गठन किया जा रहा है। इन समितियों के माध्यम से किसानों से सीधे सब्जी की खरीद होगी और उसे बाजार में बेचा जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे एक ओर किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलेगा, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं तक सब्जी स्थिर व नियंत्रित दर पर पहुंच सकेगी। सभी अंचलों में भवन निर्माण होगा डीएम शशांक शुभंकर ने बताया कि योजना के तहत सब्जी बिक्री केंद्रों की स्थापना के लिए सभी अंचलों में भवन निर्माण कराया जाएगा। यह काम जिला सहकारिता विभाग के माध्यम से होगा। हर प्रखंड में करीब 10 हजार वर्गफीट जमीन चिन्हित की जा रही है। जहां प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति का ढांचा खड़ा किया जा सके। फिलहाल जिले के 15 प्रखंडों में जमीन की पहचान कर ली गई है। नगर क्षेत्र के नौगढ़ मौजा से लेकर मानपुर के डेल्हा, फतेहपुर के पकरी, बेलागंज के हरगांव, टनकुप्पा के ढिबर, बाकेबाजार के दीघासिन, डुमरिया के गोटीवांध, बाराचट्टी के सोम, मोहनपुर के पथरा, डोभी के डोभी, परैया के नेउरिया, अतरी के टेंटुआ, खिजरसराय के लोदीपुर, मोहड़ा के बेला और नीमचक बथानी के मोरबाबीचक मौजा में भवन निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन का दावा है कि इन केंद्रों के शुरू होने से किसानों को सब्जी के भंडारण की सुविधा मिलेगी। फसल कटाई के बाद जल्दबाजी में औने-पौने दाम पर बिक्री की मजबूरी नहीं रहेगी। नजदीकी बाजार तक पहुंचने में आसानी होगी और नुकसान कम होगा। कुल मिलाकर, यह पहल खेती को सिर्फ उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय बाजार से जोड़ने की एक ठोस कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।


