‘धुरंधर’ में गन होल्डिंग को लेकर आदित्य धर ने बताई इंट्रेस्टिंग वजह, जिसे देखकर आप भी कहेंगे वाह!

‘धुरंधर’ में गन होल्डिंग को लेकर आदित्य धर ने बताई इंट्रेस्टिंग वजह, जिसे देखकर आप भी कहेंगे वाह!

Aditya Dhar Reveals An Interesting Reason Dhurandhar: आदित्य धर की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर‘ थिएटर में बंपर कमाई करने के बाद अब नेटफ्लिक्स पर भी धूम मचा रही है। ओटीटी पर दर्शक फिल्म की बारीकियों को पकड़कर सोशल मीडिया पर कई पोस्ट कर रहे हैं और इन सवालों के जवाब अब खुद डायरेक्टर आदित्य धर दे रहे हैं। बता दें, उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक ऐसी ही उत्सुकता का जवाब दिया है, जिसने दर्शकों का ध्यान खींचा है।

हाथों में गन है लेकिन उंगली ट्रिगर पर है।

फिल्म के एक सीन में रणवीर सिंह (हमजा) और दानिश पंडोर (उजैर बलोच) के हाथों में गन है, लेकिन दोनों ने इसे अलग तरीके से पकड़ा हुआ है। हमजा की उंगली ट्रिगर पर नहीं है, जबकि उजैर बलोच की उंगली ट्रिगर पर है। आदित्य धर ने इस अंतर की वजह समझाते हुए बताया कि ये एक छोटी-सी सीन है जो किरदारों की पृष्ठभूमि को दिखाती है। बता दें, आदित्य धर ने रणवीर सिंह के किरदार हमजा के लिए लिखा है कि “एक ट्रेन्ड आदमी जब तक जरूरी ना हो, किसी उद्देश्य के साथ बिना शूट नहीं करता, ट्रिगर से उंगली दूर रखता है।” क्योंकि ये ट्रेंड रहता है और संयम को दर्शाता है।

तो वहीं दूसरी ओर, उजैर बलोच जैसे अनट्रेन्ड व्यक्ति के बारे में उन्होंने बताया कि “एक अनट्रेन्ड व्यक्ति ट्रिगर पर उंगली रखता है, इससे दुर्घटनावश फायर का खतरा रहता है या गुस्से में होता है जो कि मासूमों या आसपास के लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है।”फिल्म में उजैर बलोच एक गैंगस्टर है, जबकि हमजा (रणवीर सिंह) उस गैंग में एक भारतीय ट्रेन्ड एजेंट है। रणवीर सिंह ने इतनी छोटी बारीकी का भी ध्यान रखा, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है।

Aditya Dhar Reveals An Interesting Reason Dhurandhar

थिएटर रिलीज के बाद दर्शकों ने फिल्म की बारीकियां की नोटिस

इतना ही नहीं, थिएटर रिलीज के बाद भी दर्शकों ने फिल्म में कई बारीकियां नोटिस की थीं। जैसे, हमजा जमील-जमाली को एक सीन में फोन करता है तो कंट्री कोड +92 दिखता है, जो पाकिस्तान का कोड है (भारत का कोड +91 है)। लोगों ने आदित्य धर की इस रिसर्च और डिटेलिंग की भी काफी सराहना की।

‘धुरंधर’ के नेटफ्लिक्स वर्जन का ड्यूरेशन थिएटर वर्जन से कुछ कम है, जिसे लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, कई लोगों का मानना है कि ये अंतर थिएटर और नेटफ्लिक्स की प्लेबैक स्पीड में फर्क के कारण है, जिससे करीब 10 मिनट का अंतर दिख रहा है। दरअसल, ‘धुरंधर’ न केवल अपनी कहानी और एक्शन के लिए, बल्कि अपनी बारीक डिटेलिंग के लिए भी दर्शकों और क्रिटिक्स का ध्यान खींच रही है।

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