Momos Harmful For Health: फास्ट फूड की बढ़ती दीवानगी कभी-कभी इतनी खतरनाक हो सकती है, इसका अंदाजा इस चौंकाने वाले मामले से लगाया जा सकता है। मोमोज की लत ने एक मासूम बच्चे को ऐसी राह पर डाल दिया कि उसके चलते परिवार को करीब 85 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। स्वाद के नाम पर शुरू हुई यह आदत धीरे-धीरे विश्वास, लालच और शोषण की कहानी बन गई। यह मामला सिर्फ एक बच्चे की कमजोरी नहीं, बल्कि फास्ट फूड की लत और उसके गंभीर सामाजिक व मानसिक दुष्प्रभावों की चेतावनी भी है।
एक गलत आदत और 85 लाख उड़ गए
यूपी के देवरिया से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मोमोज की लत के चलते 7 साल के बच्चे ने घर से करीब 85 लाख रुपये के गहने निकालकर मोमोज स्टॉल चलाने वाले तीन लोगों को दे दिए। बच्चे के पिता विमलेश ने बताया कि दुकानदार पहले उसे मुफ्त मोमोज़ खिलाते थे और बाद में उससे घर से गहने लाने को कहने लगे, जिससे परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट से जुड़ी एक रिसर्च में सामने आया है कि दिल्ली जैसे बड़े शहरों में बिकने वाले कई स्ट्रीट फूड मोमोज, समोसा, गोलगप्पे और बर्गर में जरूरत से कहीं ज्यादा फीकल बैक्टीरिया पाया गया। यह सीधे तौर पर फूड हाइजीन की अनदेखी को दिखाता है, जो पेट से लेकर इम्युनिटी तक को कमजोर कर सकता है।
स्वाद बढ़ाने वाला या बीमारी बुलाने वाला?
मोमोज में अक्सर मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे स्वाद तो बढ़ता है, लेकिन सेहत पर इसका असर खतरनाक हो सकता है। MSG के ज्यादा सेवन से हड्डियां कमजोर होना, सीने में जलन, पसीना ज्यादा आना और नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। यही वजह थी कि कभी मैगी को लेकर भी बड़ा विवाद खड़ा हुआ था।
अधपकी सब्जियां बन सकती हैं दिमागी बीमारी की वजह
वेज मोमोज में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सब्जी है पत्तागोभी। कई स्टॉल्स पर इसकी स्टफिंग ठीक से पकाई नहीं जाती। अधपकी पत्तागोभी में मौजूद हानिकारक तत्व लंबे समय में न्यूरोलॉजिकल यानी दिमाग से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं।
लाल चटनी, स्वाद के साथ खतरा
मोमोज के साथ मिलने वाली तीखी लाल चटनी अलग ही लेवल की होती है। लेकिन यही चटनी पेट के लिए सबसे बड़ा दुश्मन बन सकती है। जरूरत से ज्यादा मिर्च और केमिकल कलर से बनी चटनी पेट दर्द, गैस, एसिडिटी और यहां तक कि पाइल्स जैसी समस्या को जन्म दे सकती है। रोज़ाना इसका सेवन आंतों को नुकसान पहुंचाता है।
चिकन मोमोज में सड़ा मांस?
कुछ रिसर्च और फूड इंस्पेक्शन रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि रोड साइड बिकने वाले चिकन मोमोज में कई बार पुराना या खराब चिकन इस्तेमाल किया जाता है। तेज मसाले और चटनी के कारण उसका स्वाद छिप जाता है, लेकिन शरीर पर इसका असर गंभीर फूड पॉइजनिंग के रूप में सामने आ सकता है।
बिना धुली सब्जियां और अधपके मोमोज
अक्सर देखा गया है कि स्ट्रीट वेंडर्स सब्जियों को ठीक से धोने तक की मेहनत नहीं करते। ऊपर से एक साथ बड़ी मात्रा में मोमोज बनाते हैं, जिससे वे अंदर से कच्चे रह जाते हैं। ऐसे मोमोज पेट में जाकर इंफेक्शन और डायरिया का कारण बन सकते हैं।
मैदा और केमिकल का खेल
मोमोज की बाहरी परत मैदे से बनती है। कई जगह इस मैदे में सफेदी और सॉफ्टनेस के लिए केमिकल्स मिलाए जाते हैं। लगातार ऐसा मैदा खाने से डायबिटीज, मोटापा और पैंक्रियाज से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
तो क्या मोमोज पूरी तरह छोड़ दें?
ऐसा नहीं है कि हर मोमोज नुकसानदेह ही हों। यह रिसर्च खासतौर पर रोड साइड बिकने वाले मोमोज पर आधारित है। अगर आपको मोमोज पसंद हैं, तो किसी साफ-सुथरी, भरोसेमंद दुकान या रेस्टोरेंट से ही खाएं।


