शेखपुरा में सोमवार को डीएम शेखर आनंद ने ‘किसान रजिस्ट्री अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाना है। अभियान के पहले दिन डीएम ने स्वयं कमान संभालते हुए विभिन्न प्रखंडों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष रूप से अरियरी प्रखंड के हुसैनाबाद, बेलछी और कसार पंचायत पहुंचकर पंजीकरण कार्य की जमीनी हकीकत जानी और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ एडीएम लखींद्र पासवान, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी और अरियरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने पंजीकरण केंद्रों पर लॉग-इन प्रक्रिया और डेटा एंट्री की गति की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पंजीकरण पूरी तरह नि:शुल्क शिविर में उपस्थित किसानों से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी ने उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने किसानों को जागरूक करते हुए बताया कि यह पंजीकरण पूरी तरह नि:शुल्क है और इसके लिए वसुधा केंद्रों या CSC पर कोई शुल्क नहीं देना है। डीएम ने बताया कि किसान आईडी बनने के बाद खाद, बीज और सभी सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से मिलेगा। जमीन के दस्तावेजों और आधार लिंकिंग से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर मौजूद राजस्व कर्मियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीएम ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को सख्त निर्देश दिए कि 02 फरवरी से 06 फरवरी तक चलने वाले इस विशेष अभियान को ‘मिशन मोड’ में संचालित किया जाए। उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने का आदेश दिया, ताकि जिले का कोई भी पात्र किसान सरकारी लाभ से वंचित न रहे। अब तक कुल 742 किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। डीएम द्वारा शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए अन्य प्रखंडों की प्रगति की लगातार जानकारी ली जा रही है और समीक्षा के साथ आवश्यक निर्देश भी दिए जा रहे हैं। शेखपुरा में सोमवार को डीएम शेखर आनंद ने ‘किसान रजिस्ट्री अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाना है। अभियान के पहले दिन डीएम ने स्वयं कमान संभालते हुए विभिन्न प्रखंडों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष रूप से अरियरी प्रखंड के हुसैनाबाद, बेलछी और कसार पंचायत पहुंचकर पंजीकरण कार्य की जमीनी हकीकत जानी और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ एडीएम लखींद्र पासवान, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी और अरियरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने पंजीकरण केंद्रों पर लॉग-इन प्रक्रिया और डेटा एंट्री की गति की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पंजीकरण पूरी तरह नि:शुल्क शिविर में उपस्थित किसानों से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी ने उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने किसानों को जागरूक करते हुए बताया कि यह पंजीकरण पूरी तरह नि:शुल्क है और इसके लिए वसुधा केंद्रों या CSC पर कोई शुल्क नहीं देना है। डीएम ने बताया कि किसान आईडी बनने के बाद खाद, बीज और सभी सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से मिलेगा। जमीन के दस्तावेजों और आधार लिंकिंग से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर मौजूद राजस्व कर्मियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीएम ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को सख्त निर्देश दिए कि 02 फरवरी से 06 फरवरी तक चलने वाले इस विशेष अभियान को ‘मिशन मोड’ में संचालित किया जाए। उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने का आदेश दिया, ताकि जिले का कोई भी पात्र किसान सरकारी लाभ से वंचित न रहे। अब तक कुल 742 किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। डीएम द्वारा शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए अन्य प्रखंडों की प्रगति की लगातार जानकारी ली जा रही है और समीक्षा के साथ आवश्यक निर्देश भी दिए जा रहे हैं।


