जामताड़ा साइबर क्राइम में 14वें नंबर पर:संदिग्ध लेन-देन की सूचना नहीं दी तो नपेंगे बैंक और सीएसपी संचालक, एसपी की कड़ी चेतावनी

जामताड़ा साइबर क्राइम में 14वें नंबर पर:संदिग्ध लेन-देन की सूचना नहीं दी तो नपेंगे बैंक और सीएसपी संचालक, एसपी की कड़ी चेतावनी

जामताड़ा जिले में बढ़ते साइबर अपराध को लेकर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने सख्त रुख अपनाया है। एसपी ने बताया कि वर्तमान में जामताड़ा साइबर अपराध के मामलों में राज्य स्तर पर 14वें स्थान पर है, जो जिले के लिए चेतावनी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए और बैंक, सीएसपी संचालक व एटीएम से जुड़े अधिकारी लापरवाही बरतते रहे, तो जामताड़ा एक बार फिर साइबर अपराध के मामलों में शीर्ष पर पहुंच सकता है। एसपी ने कहा कि साइबर अपराध का ग्राफ नीचे लाने के लिए पुलिस पूरी गंभीरता से काम कर रही है, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से कई मामलों में कार्रवाई प्रभावित हो रही है। सीसीटीवी, अलार्म और संदिग्ध लेन-देन की सूचना अनिवार्य एसपी राजकुमार मेहता ने बताया कि पूर्व में ही सभी बैंकों, सीएसपी सेंटरों और एटीएम प्रभारियों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप सीसीटीवी कैमरा, अलार्म सिस्टम, ग्रिल समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। इसके साथ ही साइबर ठगी से जुड़े संदिग्ध लेन-देन, अत्यधिक नकद निकासी और संदिग्ध खातों का डेटा तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराने को कहा गया था। बावजूद इसके कई बैंकों और संबंधित संस्थानों द्वारा न तो समय पर डेटा साझा किया जा रहा है और न ही पुलिस को अपेक्षित सहयोग मिल रहा है। एसपी ने साफ कहा कि यदि किसी खाते से साइबर ठगी की राशि की निकासी हो रही है या किसी म्यूट अकाउंट की जानकारी मिलती है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को देना अनिवार्य है। इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समन्वय बढ़ाने के लिए समाहरणालय में अहम बैठक साइबर अपराध की रोकथाम को प्रभावी बनाने के लिए समाहरणालय स्थित एसजीवाई सभागार में जिले के सभी बैंक अधिकारियों, सीएसपी संचालकों, एटीएम प्रभारियों और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अन्य अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसपी ने साइबर अपराध के नए तरीकों की जानकारी देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सभी संबंधित संस्थान अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सतर्कता से काम करें, तो जामताड़ा जिले में साइबर अपराध के मामलों में निश्चित रूप से कमी लाई जा सकती है। पुलिस इस दिशा में लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रखेगी। जामताड़ा जिले में बढ़ते साइबर अपराध को लेकर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने सख्त रुख अपनाया है। एसपी ने बताया कि वर्तमान में जामताड़ा साइबर अपराध के मामलों में राज्य स्तर पर 14वें स्थान पर है, जो जिले के लिए चेतावनी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए और बैंक, सीएसपी संचालक व एटीएम से जुड़े अधिकारी लापरवाही बरतते रहे, तो जामताड़ा एक बार फिर साइबर अपराध के मामलों में शीर्ष पर पहुंच सकता है। एसपी ने कहा कि साइबर अपराध का ग्राफ नीचे लाने के लिए पुलिस पूरी गंभीरता से काम कर रही है, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से कई मामलों में कार्रवाई प्रभावित हो रही है। सीसीटीवी, अलार्म और संदिग्ध लेन-देन की सूचना अनिवार्य एसपी राजकुमार मेहता ने बताया कि पूर्व में ही सभी बैंकों, सीएसपी सेंटरों और एटीएम प्रभारियों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप सीसीटीवी कैमरा, अलार्म सिस्टम, ग्रिल समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। इसके साथ ही साइबर ठगी से जुड़े संदिग्ध लेन-देन, अत्यधिक नकद निकासी और संदिग्ध खातों का डेटा तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराने को कहा गया था। बावजूद इसके कई बैंकों और संबंधित संस्थानों द्वारा न तो समय पर डेटा साझा किया जा रहा है और न ही पुलिस को अपेक्षित सहयोग मिल रहा है। एसपी ने साफ कहा कि यदि किसी खाते से साइबर ठगी की राशि की निकासी हो रही है या किसी म्यूट अकाउंट की जानकारी मिलती है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को देना अनिवार्य है। इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समन्वय बढ़ाने के लिए समाहरणालय में अहम बैठक साइबर अपराध की रोकथाम को प्रभावी बनाने के लिए समाहरणालय स्थित एसजीवाई सभागार में जिले के सभी बैंक अधिकारियों, सीएसपी संचालकों, एटीएम प्रभारियों और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अन्य अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसपी ने साइबर अपराध के नए तरीकों की जानकारी देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सभी संबंधित संस्थान अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सतर्कता से काम करें, तो जामताड़ा जिले में साइबर अपराध के मामलों में निश्चित रूप से कमी लाई जा सकती है। पुलिस इस दिशा में लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रखेगी।  

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