Hair Health: आजकल छोटी उम्र में ही बाल सफेद होने लग गए हैं। पहले अक्सर एक उम्र के बाद बाल सफेद होते थे, लेकिन अभी छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी हेयर कलर का प्रयोग करते हैं ताकि बालों को काला दिखा सकें। लेकिन क्या आपको पता है कि अब आपकी इस समस्या से आपको हमेशा के लिए छुटकारा मिल सकता है? जी हां, वैज्ञानिकों का दावा है कि सफेद बालों को फिर से काला करना मुमकिन हो सकता है। आइए जानते हैं कि बाल सफेद क्यों होते हैं और इसमें तनाव (Stress) की क्या भूमिका है।
क्यों होते हैं बाल सफेद?(Gray Hair Reversal)
हमारे बालों का रंग ‘मेलानिन’ नामक एक पिगमेंट के कारण होता है, जिसे ‘मेलानोसाइट’ कोशिकाएं बनाती हैं। जब हमारे शरीर में ये कोशिकाएं मेलानिन बनाना बंद कर देती हैं, तो हमारे बाल अपना प्राकृतिक रंग खोने लगते हैं और समय से पहले सफेद होने लगते हैं। उम्र से पहले सफेद बालों के पीछे पोषण की कमी और आनुवंशिकता जैसे कई कारण होते हैं।
क्या तनाव से सफेद बाल बढ़ते हैं?(Hair Follicle Science)
पॉपुलर मैकेनिक्स की एक रिसर्च के अनुसार, मानसिक तनाव बालों को सफेद करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। जब हम तनाव में होते हैं, तो शरीर में ‘नॉरपेनेफ्रिन’ जैसे हार्मोन निकलते हैं जो बालों के रोम (Follicles) में मौजूद रंग बनाने वाली स्टेम सेल्स को नुकसान पहुंचाते हैं।
वैज्ञानिकों ने पाया कि तनाव के कारण बालों के प्रोटीन में बदलाव आता है, जिससे वे सफेद हो जाते हैं। रिसर्च में यह भी देखा गया कि जब लोगों ने तनाव कम किया या छुट्टियां बिताईं, तो उनके कुछ सफेद बाल वापस अपने प्राकृतिक रंग में लौटने लगे।
कैसे काले होंगे सफेद बाल?(Holistic Hair Care)
वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर बाल तनाव के कारण सफेद हुए हैं, तो उन्हें वापस काला करना संभव है। इसके लिए आपको अपनी जीवनशैली में ये बदलाव करने होंगे-
- तनाव कम करें।
- नींद की कमी न होने दें।
- विटामिन B12, आयरन, जिंक और कॉपर युक्त आहार लें।
- बालों पर बहुत ज्यादा हीट या हार्ड केमिकल्स का प्रयोग न करें।
क्या यह रिसर्च सबके लिए मुमकिन है?(Hair Health Awareness)
वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि सफेद बालों का वापस काला होना मुख्य रूप से उन लोगों में देखा गया है जिनके बाल हाल ही में ‘तनाव’ की वजह से सफेद हुए थे। अगर बाल उम्र के कारण या आनुवंशिक कारणों से पूरी तरह सफेद हो चुके हैं, तो उन्हें पलटना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालिफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं, बल्कि इस बारे में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह जरुर ले लें।


