चार लड़कियों के आत्महत्या के बाद गांव में पसरा सन्नाटा:घरों में लटका ताला, 4 दिन में पुलिस मृतकों का नाम तक पता नहीं कर सकी; IG भी वापस लौटे

चार लड़कियों के आत्महत्या के बाद गांव में पसरा सन्नाटा:घरों में लटका ताला, 4 दिन में पुलिस मृतकों का नाम तक पता नहीं कर सकी; IG भी वापस लौटे

औरंगाबाद में पांच सहेलियों ने एक साथ‎ जहर खा लिया, जिसमें चार की मौत हो‎ गई। एक किशोरी लापता है। चर्चा है कि परिजन उसका ‎इलाज करा रहे हैं। लेकिन इलाज कहां हो रहा है इसकी भनक तक पुलिस को नहीं लग पाई है। घटना‎ हसपुरा थाना क्षेत्र मोती बिगहा गांव‎राजवंशी टोला की है। घटना गुरुवार की है।‎ चारों सहेलियों की मौत के बाद परिजनों ने‎ आनन-फानन में गांव के ही श्मशान में एक ही चिता पर दाह ‎संस्कार कर दिया। गांव के मर्द घर छोड़कर निकल गए हैं। कुछ महिलाएं गांव में हैं, लेकिन वो कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। घटना के 4 दिन बाद भी पुलिस इस गुत्थी को सुलझा नहीं पाई है कि, आखिर 4 लड़कियों ने सामूहिक आत्मदाह क्यों किया। अब सिलसिलेवार ढंग से समझिए वारदात की पूरी कहानी गुरुवार की सुबह करीब आठ बजे गांव से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तालाब के पास विनोद राजवंशी, सीता राजवंशी, वीरेंद्र राजवंशी, नंदू राजवंशी और रंजीत राजवंशी की पुत्री ने जहर खाया था। इनमें से चार लड़कियों की मौत हो गई, जबकि विनोद राजवंशी की बेटी अभी जिंदा है। ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दिए बिना ही चारों शव को एक ही चीते पर जला दिया। गांव में कई तरह की चर्चा होने लगी। ग्रामीण मामले को दबाने में लग गए। गांव में मीटिंग बुलाया गया। निर्णय लिया गया कि यह खबर बाहर नहीं जानी चाहिए। लेकिन धीरे-धीरे यह खबर फैल गई। घटना के दो दिन बाद इसकी चर्चा तेज हो गई। रविवार को पुलिस हरकत में आई और मामले की छानबीन में जुट गई। धीरे-धीरे पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। पहले थानाध्यक्ष फिर एसडीपीओ और बाद में आईजी गांव में पहुंचे। ग्रामीणों से पूछताछ की, लेकिन सबों को खाली हाथ लौटना पड़ा। गांव में पसरा सन्नाटा भास्कर की टीम मामले की पड़ताल के लिए रविवार रात 9 बजे के करीब गांव पहुंची। वहां बिल्कुल सन्नाटा पसरा हुआ था। गांव में कोई भी व्यक्ति घर के बाहर नहीं था। लोग अपने-अपने घरों के अंदर मौजूद थे, कई घरों का दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में वार्ड सदस्य दुर्गा देवी से संपर्क किया गया तो वह बाहर निकलीं, लेकिन कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। थोड़ी देर में पुलिस की टीम पहुंची। वहां पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बताया कि उनकी ड्यूटी लगाई गई है। जिन घरों की लड़कियों ने जहर खाई है, उन घरों पर नजर रखने को कहा गया है। 8 घंटे में मृतकों का नाम तक पता नहीं चला थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि रविवार को सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 तक पुलिस गांव में रही, लेकिन कोई भी जानकारी नहीं मिली। कोई कुछ बोलने को तैयार ही नहीं है। गांव के सभी पुरुष फरार हो चुके थे। महिलाएं कुछ भी बताने से इनकार करती रही। यही नहीं घटना की जानकारी मिलने पर पहुंचे मगध पर क्षेत्र के आईजी क्षत्रनील सिंह भी ग्रामीणों का मुंह नहीं खुलवा सके। उन्होंने कई महिलाओं से खुद पूछताछ की लेकिन कोई भी जानकारी नहीं दी गई। घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है पुलिस आखिर एक ही गांव की रहने वाली पांच लड़कियों ने एक साथ ही सामूहिक आत्महत्या का कदम क्यों उठाई, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। कुछ लोगों का कहना है कि लड़कियों ने प्रेम-प्रसंग के कारण यह आत्मघाती कदम उठाया है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि अज्ञानता के कारण अंधविश्वास में पड़कर जहर खा ली है। हालांकि जहर खाने के बाद बची विनोद राजवंशी की बेटी ही घटना के असली कारणों के बारे में बता सकती है, लेकिन परिजनों ने उसे कहीं छिपा दिया है। रिश्तेदारों के घर की गई छापेमारी पुलिस लगातार विनोद राजवंशी के रिश्तेदारों के घर भी छापेमारी कर रही है। ताकि उसकी बेटी से पूछताछ की जा सके। जानकारी के अनुसार पुलिस डिंडीर और दाउदनगर के शमशेर नगर गांव स्थित उसके रिश्तेदारों के घर भी छापेमारी करने पहुंची थी, लेकिन वह वहां भी नहीं मिली। साग लाने की बात कह कर घर से निकली थी जानकारी के अनुसार पांचों लड़कियां आपस में दोस्त थी और हमेशा एक साथ ही रहती थी। सभी का घर आसपास में ही मौजूद है। जिनमें फिलहाल ताला लटका हुआ है। गुरुवार की दोपहर पांचों लड़की साग लाने के लिए बधार में जाने की बात कह कर घर से निकली थी। आधे घंटे के बाद ही जहर खा लेने की सूचना परिजनों को मिली। औरंगाबाद में पांच सहेलियों ने एक साथ‎ जहर खा लिया, जिसमें चार की मौत हो‎ गई। एक किशोरी लापता है। चर्चा है कि परिजन उसका ‎इलाज करा रहे हैं। लेकिन इलाज कहां हो रहा है इसकी भनक तक पुलिस को नहीं लग पाई है। घटना‎ हसपुरा थाना क्षेत्र मोती बिगहा गांव‎राजवंशी टोला की है। घटना गुरुवार की है।‎ चारों सहेलियों की मौत के बाद परिजनों ने‎ आनन-फानन में गांव के ही श्मशान में एक ही चिता पर दाह ‎संस्कार कर दिया। गांव के मर्द घर छोड़कर निकल गए हैं। कुछ महिलाएं गांव में हैं, लेकिन वो कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं। घटना के 4 दिन बाद भी पुलिस इस गुत्थी को सुलझा नहीं पाई है कि, आखिर 4 लड़कियों ने सामूहिक आत्मदाह क्यों किया। अब सिलसिलेवार ढंग से समझिए वारदात की पूरी कहानी गुरुवार की सुबह करीब आठ बजे गांव से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तालाब के पास विनोद राजवंशी, सीता राजवंशी, वीरेंद्र राजवंशी, नंदू राजवंशी और रंजीत राजवंशी की पुत्री ने जहर खाया था। इनमें से चार लड़कियों की मौत हो गई, जबकि विनोद राजवंशी की बेटी अभी जिंदा है। ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दिए बिना ही चारों शव को एक ही चीते पर जला दिया। गांव में कई तरह की चर्चा होने लगी। ग्रामीण मामले को दबाने में लग गए। गांव में मीटिंग बुलाया गया। निर्णय लिया गया कि यह खबर बाहर नहीं जानी चाहिए। लेकिन धीरे-धीरे यह खबर फैल गई। घटना के दो दिन बाद इसकी चर्चा तेज हो गई। रविवार को पुलिस हरकत में आई और मामले की छानबीन में जुट गई। धीरे-धीरे पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। पहले थानाध्यक्ष फिर एसडीपीओ और बाद में आईजी गांव में पहुंचे। ग्रामीणों से पूछताछ की, लेकिन सबों को खाली हाथ लौटना पड़ा। गांव में पसरा सन्नाटा भास्कर की टीम मामले की पड़ताल के लिए रविवार रात 9 बजे के करीब गांव पहुंची। वहां बिल्कुल सन्नाटा पसरा हुआ था। गांव में कोई भी व्यक्ति घर के बाहर नहीं था। लोग अपने-अपने घरों के अंदर मौजूद थे, कई घरों का दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में वार्ड सदस्य दुर्गा देवी से संपर्क किया गया तो वह बाहर निकलीं, लेकिन कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। थोड़ी देर में पुलिस की टीम पहुंची। वहां पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बताया कि उनकी ड्यूटी लगाई गई है। जिन घरों की लड़कियों ने जहर खाई है, उन घरों पर नजर रखने को कहा गया है। 8 घंटे में मृतकों का नाम तक पता नहीं चला थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि रविवार को सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 तक पुलिस गांव में रही, लेकिन कोई भी जानकारी नहीं मिली। कोई कुछ बोलने को तैयार ही नहीं है। गांव के सभी पुरुष फरार हो चुके थे। महिलाएं कुछ भी बताने से इनकार करती रही। यही नहीं घटना की जानकारी मिलने पर पहुंचे मगध पर क्षेत्र के आईजी क्षत्रनील सिंह भी ग्रामीणों का मुंह नहीं खुलवा सके। उन्होंने कई महिलाओं से खुद पूछताछ की लेकिन कोई भी जानकारी नहीं दी गई। घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है पुलिस आखिर एक ही गांव की रहने वाली पांच लड़कियों ने एक साथ ही सामूहिक आत्महत्या का कदम क्यों उठाई, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। कुछ लोगों का कहना है कि लड़कियों ने प्रेम-प्रसंग के कारण यह आत्मघाती कदम उठाया है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि अज्ञानता के कारण अंधविश्वास में पड़कर जहर खा ली है। हालांकि जहर खाने के बाद बची विनोद राजवंशी की बेटी ही घटना के असली कारणों के बारे में बता सकती है, लेकिन परिजनों ने उसे कहीं छिपा दिया है। रिश्तेदारों के घर की गई छापेमारी पुलिस लगातार विनोद राजवंशी के रिश्तेदारों के घर भी छापेमारी कर रही है। ताकि उसकी बेटी से पूछताछ की जा सके। जानकारी के अनुसार पुलिस डिंडीर और दाउदनगर के शमशेर नगर गांव स्थित उसके रिश्तेदारों के घर भी छापेमारी करने पहुंची थी, लेकिन वह वहां भी नहीं मिली। साग लाने की बात कह कर घर से निकली थी जानकारी के अनुसार पांचों लड़कियां आपस में दोस्त थी और हमेशा एक साथ ही रहती थी। सभी का घर आसपास में ही मौजूद है। जिनमें फिलहाल ताला लटका हुआ है। गुरुवार की दोपहर पांचों लड़की साग लाने के लिए बधार में जाने की बात कह कर घर से निकली थी। आधे घंटे के बाद ही जहर खा लेने की सूचना परिजनों को मिली।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *