समस्तीपुर में सोमवार सुबह ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों में कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी 100 मीटर के करीब रही। सुबह 9:00 बजे तक हेडलाइट जलाकर वाहन चलाना पड़ा। जिसके चलते इंटर के परीक्षार्थियों को अपने-अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचने में भी परेशानी हुई। पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जो सामान्य से करीब एक डिग्री कम है। इस दौरान सुबह की सापेक्ष आर्द्रत 99% जबकि दोपहर में 67% दर्ज की गई। करीब 8 किलोमीटर की रफ्तार से पछिया हवा चल रही है। किसानों के लिए सलाह मौसम विभाग की ओर से किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। मौसम विभाग के मुताबित शुष्क मौसम की संभावना को ध्यान में रखते हुए किसान हल्दी और ओल की तैयार फसलों की खुदाई प्राथमिकता के आधार पर करें। इसके साथ ही आगत राई और सरसों की तैयार फसलों की समय पर कटाई कर लें। इससे गुणवत्ता बनी रहेगी और नुकसान से बचा जा सके। इस समय आम और लीची में मंजर आने की संभावना अधिक रहती है, ऐसे में किसान अपने बागानों में किसी भी प्रकार की कर्षण क्रिया न करें। बागानों में दीमक मधुआ, दहिया कीट और पाउडरी ए मिलड्यू रोग की नियमित निगरानी करें। सरसों की फसल में लही कीट के आक्रमण की संभावना रहती है। इससे बचाव के लिए छिड़काव करें। पिछात बोई गई गेहूं की फसल में जिंक की कमी के लक्षण, जैसे पौधे का रंग पीला दिखाई दे तो 2.5 किलोग्राम जिंक सल्फेट, 1.25 किलोग्राम बुझा हुआ चूना और 12.5 किलोग्राम यूरिया को 500 लीटर पानी में खोल कर प्रति हेक्टेयर की दर से 15 दिनों के अंतराल पर छिड़काव करें। समस्तीपुर में सोमवार सुबह ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों में कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी 100 मीटर के करीब रही। सुबह 9:00 बजे तक हेडलाइट जलाकर वाहन चलाना पड़ा। जिसके चलते इंटर के परीक्षार्थियों को अपने-अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचने में भी परेशानी हुई। पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जो सामान्य से करीब एक डिग्री कम है। इस दौरान सुबह की सापेक्ष आर्द्रत 99% जबकि दोपहर में 67% दर्ज की गई। करीब 8 किलोमीटर की रफ्तार से पछिया हवा चल रही है। किसानों के लिए सलाह मौसम विभाग की ओर से किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। मौसम विभाग के मुताबित शुष्क मौसम की संभावना को ध्यान में रखते हुए किसान हल्दी और ओल की तैयार फसलों की खुदाई प्राथमिकता के आधार पर करें। इसके साथ ही आगत राई और सरसों की तैयार फसलों की समय पर कटाई कर लें। इससे गुणवत्ता बनी रहेगी और नुकसान से बचा जा सके। इस समय आम और लीची में मंजर आने की संभावना अधिक रहती है, ऐसे में किसान अपने बागानों में किसी भी प्रकार की कर्षण क्रिया न करें। बागानों में दीमक मधुआ, दहिया कीट और पाउडरी ए मिलड्यू रोग की नियमित निगरानी करें। सरसों की फसल में लही कीट के आक्रमण की संभावना रहती है। इससे बचाव के लिए छिड़काव करें। पिछात बोई गई गेहूं की फसल में जिंक की कमी के लक्षण, जैसे पौधे का रंग पीला दिखाई दे तो 2.5 किलोग्राम जिंक सल्फेट, 1.25 किलोग्राम बुझा हुआ चूना और 12.5 किलोग्राम यूरिया को 500 लीटर पानी में खोल कर प्रति हेक्टेयर की दर से 15 दिनों के अंतराल पर छिड़काव करें।


