बजट सत्रः NEET छात्रा रेप-मौत केस पर कांग्रेस का प्रदर्शन:विजय सिन्हा बोले- CBI जांच करेगी, आरोपी नहीं बचेंगे; पहले दिन आर्थिक सर्वे होगा पेश

बजट सत्रः NEET छात्रा रेप-मौत केस पर कांग्रेस का प्रदर्शन:विजय सिन्हा बोले- CBI जांच करेगी, आरोपी नहीं बचेंगे; पहले दिन आर्थिक सर्वे होगा पेश

बिहार की नई NDA सरकार का पहला बजट सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हो रहा है। 27 फरवरी तक चलने वाले इस सत्र में कुल 19 बैठकें होंगी। पहले दिन सरकार आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष ने नीट छात्रा रेप-मौत केस को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक कमरूल होदा हाथ में पोस्टर लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करते नजर आए। उनकी मांग है कि मामले को राज्यपाल के अभिभाषण में शामिल किया जाए। वहीं मामले पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा, ‘केस CBI को सौंप दिया गया है, आरोपी नहीं बचेंगे।’ आज सत्र की शुरुआत राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के विधानसभा और विधान परिषद के जॉइंट सेशन को संबोधित करने से होगी। 3 फरवरी को वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। 5 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर परिचर्चा और मतदान किया जाएगा। बजट में अपना रोडमैप बताएगी NDA सरकार सूत्रों की मानें तो सरकार भविष्य का रोडमैप पेश करेगी। इस बार बजट का मुख्य आकर्षण ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए 2-2 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके लिए बड़ी राशि की व्यवस्था बजट में की जा सकती है। शीतकालीन सत्र से गायब रहे थे नेता प्रतिपक्ष, इस बार मौजूद रहेंगे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव शीतकालीन सत्र के दौरान बस एक दिन सदन की कार्यवाही में शामिल हुए थे। इसके बाद यूरोप की सैर पर निकल गए थे। बजट सत्र के दौरान उनके सदन में मौजूद रहने की पूरी संभावना है। उन्होंने पहले ऐलान किया था कि 100 दिन तक सरकार के कामकाज पर टिप्पणी नहीं करेंगे। अब देखना होगा कि वे इस सत्र के दौरान किस तरह हमलावर होते हैं। सदन में पता चलेगी विपक्ष की एकजुटता शीतकालीन सत्र के दौरान सभी विपक्षी पार्टियों ने एकजुट होकर तेजस्वी यादव को अपना नेता चुना था। इसके बाद कांग्रेस ने राजद के साथ गठबंधन तोड़कर बिहार में अकेले अपने बूते पार्टी मजबूत करने की बात कही थी। ऐसे में अब देखना होगा कि सदन में कांग्रेस और राजद के सदस्य एकजुट होकर आवाज उठाते हैं या दोनों दलों की राहें अलग रहेंगी। AIMIM पहले ही महागठबंधन से अलग है। ऐसे में तेजस्वी को केवल राजद और लेफ्ट के दो विधायकों का ही साथ मिलेगा। BSP के एक विधायक भी फिलहाल विपक्ष के साथ हैं। विपक्ष ने की इन 5 मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी 1- NEET छात्रा रेप-मौत मामला विपक्ष सरकार को लॉ एंड ऑर्डर के मसले पर घेरने की कोशिश में है। विपक्ष के पास सबसे बड़ा मुद्दा पटना में NEET छात्रा रेप-हत्या मामला है। विपक्ष के रुख को देखते हुए सरकार ने सत्र शुरू होने के 48 घंटे पहले मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग कर दी। 2- UGC विपक्ष UGC के नए कानून पर सदन में हंगामा कर सकता है। केंद्र सरकार के अनुसार इसे शैक्षणिक संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव रोकने के लिए लाया गया है। इसके समर्थन और विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है। 3- नौकरी-रोजगार महागठबंधन ने विधानसभा चुनाव मुख्य रूप से नौकरी-रोजगार के सवाल पर लड़ा। वहीं, नीतीश सरकार ने वादा किया कि 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी/रोजगार दिया जाएगा। सरकारी विभागों में खाली पड़े पद भरे जाएंगे। ऐसे में विपक्ष की तैयारी सरकार से यह पूछने की है कि कितने लोगों को नौकरी मिली? भर्तियां क्यों अटकी हैं? 4. बुल्डोजर एक्शन नई सरकार बनने के बाद पूरे बिहार में अतिक्रमण हटाने के लिए बुल्डोजर एक्शन हुए हैं। बड़ी संख्या में गरीबों की झोपड़ियां उजाड़ी गईं हैं। इसको लेकर कई जगह पुलिस और आम लोगों के बीच झड़पें हुईं। माले जैसी पार्टियां लगातार बुल्डोजर एक्शन का विरोध कर रही हैं। 5. बिहार पर कर्ज विपक्ष की तैयारी सरकार से खजाने की हालत पूछने की है। बिहार पर बढ़ते कर्ज को लेकर सवाल होंगे। आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने मांग की है कि सरकार खजाने की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करे। क्या कहते हैं विपक्षी दलों के नेता? भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने कहा, ‘हमारी पार्टी बजट सत्र में बुल्डोजर राज, नीट छात्रा कांड, यूजीसी के नए नियम और मनरेगा से जुड़े सवाल प्रमुखता से उठाएगी। सरकार ने गरीबों के घर उजाड़े हैं। कानून व्यवस्था की हालत खराब है।’ राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा, ‘सरकार को बताना होगा कि राज्य के खजाने का क्या हाल कर के रख दिया है। सरकार लोगों के सिर पर कर्ज का बोझ बढ़ाती जा रही है। सरकार को बाध्य किया जाएगा कि वह इस पर श्वेत पत्र जारी करे।’ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, ‘बजट में हमारी रणनीति क्या होगी, इस पर बैठक करके तय करेंगे। कौन-कौन मुद्दे उठाए जाएंगे, इसे तय किया जाएगा। महागठबंधन की पार्टियों के साथ कैसे कॉर्डिनेशन बनाया जाए, इस पर भी बैठक में विचार किया जाएगा।’ विपक्ष की गतिविधि कोई उम्मीद नहीं जगा रही वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी को विपक्ष से कोई उम्मीद नहीं दिख रही। वे कहते हैं कि सवाल ये है कि तेजस्वी सदन में रहेंगे या नहीं? कोर्ट का चक्कर तो नहीं लगाते रहेंगे? सरकार को घेरने के लिए विपक्ष के पास मुद्दे तो कई हैं, लेकिन विपक्ष की गतिविधि हताशा से भरी दिख रही है। बजट सत्र से जुटे अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…. बिहार की नई NDA सरकार का पहला बजट सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हो रहा है। 27 फरवरी तक चलने वाले इस सत्र में कुल 19 बैठकें होंगी। पहले दिन सरकार आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष ने नीट छात्रा रेप-मौत केस को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक कमरूल होदा हाथ में पोस्टर लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन करते नजर आए। उनकी मांग है कि मामले को राज्यपाल के अभिभाषण में शामिल किया जाए। वहीं मामले पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा, ‘केस CBI को सौंप दिया गया है, आरोपी नहीं बचेंगे।’ आज सत्र की शुरुआत राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के विधानसभा और विधान परिषद के जॉइंट सेशन को संबोधित करने से होगी। 3 फरवरी को वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। 5 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर परिचर्चा और मतदान किया जाएगा। बजट में अपना रोडमैप बताएगी NDA सरकार सूत्रों की मानें तो सरकार भविष्य का रोडमैप पेश करेगी। इस बार बजट का मुख्य आकर्षण ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए 2-2 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके लिए बड़ी राशि की व्यवस्था बजट में की जा सकती है। शीतकालीन सत्र से गायब रहे थे नेता प्रतिपक्ष, इस बार मौजूद रहेंगे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव शीतकालीन सत्र के दौरान बस एक दिन सदन की कार्यवाही में शामिल हुए थे। इसके बाद यूरोप की सैर पर निकल गए थे। बजट सत्र के दौरान उनके सदन में मौजूद रहने की पूरी संभावना है। उन्होंने पहले ऐलान किया था कि 100 दिन तक सरकार के कामकाज पर टिप्पणी नहीं करेंगे। अब देखना होगा कि वे इस सत्र के दौरान किस तरह हमलावर होते हैं। सदन में पता चलेगी विपक्ष की एकजुटता शीतकालीन सत्र के दौरान सभी विपक्षी पार्टियों ने एकजुट होकर तेजस्वी यादव को अपना नेता चुना था। इसके बाद कांग्रेस ने राजद के साथ गठबंधन तोड़कर बिहार में अकेले अपने बूते पार्टी मजबूत करने की बात कही थी। ऐसे में अब देखना होगा कि सदन में कांग्रेस और राजद के सदस्य एकजुट होकर आवाज उठाते हैं या दोनों दलों की राहें अलग रहेंगी। AIMIM पहले ही महागठबंधन से अलग है। ऐसे में तेजस्वी को केवल राजद और लेफ्ट के दो विधायकों का ही साथ मिलेगा। BSP के एक विधायक भी फिलहाल विपक्ष के साथ हैं। विपक्ष ने की इन 5 मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी 1- NEET छात्रा रेप-मौत मामला विपक्ष सरकार को लॉ एंड ऑर्डर के मसले पर घेरने की कोशिश में है। विपक्ष के पास सबसे बड़ा मुद्दा पटना में NEET छात्रा रेप-हत्या मामला है। विपक्ष के रुख को देखते हुए सरकार ने सत्र शुरू होने के 48 घंटे पहले मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग कर दी। 2- UGC विपक्ष UGC के नए कानून पर सदन में हंगामा कर सकता है। केंद्र सरकार के अनुसार इसे शैक्षणिक संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव रोकने के लिए लाया गया है। इसके समर्थन और विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है। 3- नौकरी-रोजगार महागठबंधन ने विधानसभा चुनाव मुख्य रूप से नौकरी-रोजगार के सवाल पर लड़ा। वहीं, नीतीश सरकार ने वादा किया कि 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी/रोजगार दिया जाएगा। सरकारी विभागों में खाली पड़े पद भरे जाएंगे। ऐसे में विपक्ष की तैयारी सरकार से यह पूछने की है कि कितने लोगों को नौकरी मिली? भर्तियां क्यों अटकी हैं? 4. बुल्डोजर एक्शन नई सरकार बनने के बाद पूरे बिहार में अतिक्रमण हटाने के लिए बुल्डोजर एक्शन हुए हैं। बड़ी संख्या में गरीबों की झोपड़ियां उजाड़ी गईं हैं। इसको लेकर कई जगह पुलिस और आम लोगों के बीच झड़पें हुईं। माले जैसी पार्टियां लगातार बुल्डोजर एक्शन का विरोध कर रही हैं। 5. बिहार पर कर्ज विपक्ष की तैयारी सरकार से खजाने की हालत पूछने की है। बिहार पर बढ़ते कर्ज को लेकर सवाल होंगे। आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने मांग की है कि सरकार खजाने की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करे। क्या कहते हैं विपक्षी दलों के नेता? भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने कहा, ‘हमारी पार्टी बजट सत्र में बुल्डोजर राज, नीट छात्रा कांड, यूजीसी के नए नियम और मनरेगा से जुड़े सवाल प्रमुखता से उठाएगी। सरकार ने गरीबों के घर उजाड़े हैं। कानून व्यवस्था की हालत खराब है।’ राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा, ‘सरकार को बताना होगा कि राज्य के खजाने का क्या हाल कर के रख दिया है। सरकार लोगों के सिर पर कर्ज का बोझ बढ़ाती जा रही है। सरकार को बाध्य किया जाएगा कि वह इस पर श्वेत पत्र जारी करे।’ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, ‘बजट में हमारी रणनीति क्या होगी, इस पर बैठक करके तय करेंगे। कौन-कौन मुद्दे उठाए जाएंगे, इसे तय किया जाएगा। महागठबंधन की पार्टियों के साथ कैसे कॉर्डिनेशन बनाया जाए, इस पर भी बैठक में विचार किया जाएगा।’ विपक्ष की गतिविधि कोई उम्मीद नहीं जगा रही वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी को विपक्ष से कोई उम्मीद नहीं दिख रही। वे कहते हैं कि सवाल ये है कि तेजस्वी सदन में रहेंगे या नहीं? कोर्ट का चक्कर तो नहीं लगाते रहेंगे? सरकार को घेरने के लिए विपक्ष के पास मुद्दे तो कई हैं, लेकिन विपक्ष की गतिविधि हताशा से भरी दिख रही है। बजट सत्र से जुटे अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….  

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