Hem Singh Bhadana: 3 चुनावी हार के बाद बने थे प्रधान, फिर राजस्थान की राजनीति में छाए; ऐसा रहा हेम सिंह भड़ाना का कैबिनेट मंत्री तक का सफर

Hem Singh Bhadana: 3 चुनावी हार के बाद बने थे प्रधान, फिर राजस्थान की राजनीति में छाए; ऐसा रहा हेम सिंह भड़ाना का कैबिनेट मंत्री तक का सफर

अलवर। पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना का सोमवार सुबह 7 बजे निधन हो गया। वे 59 साल के थे। करीब 5 महीने से कैंसर से पीड़ित थे। छात्र जीवन से ही सक्रिय राजनीति के रूप में उभरे राजनेता पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना के निधन से राजस्थान की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई।

हेम सिंह भड़ाना 20 दिन पहले ही गुड़गांव में इलाज कराने गए थे, जहां से स्वस्थ होकर करीब 10 दिन पूर्व ही अलवर आए थे। जहां बुधवार सुबह उनका निधन हो गया। हेम सिंह भड़ाना राजस्थान की राजनीति में गुर्जर समाज के एक प्रमुख और प्रभावशाली नेता के रूप में जाने जाते थे।

छात्र नेता से कैबिनेट मंत्री तक का सफर

हेम सिंह भड़ाना शुरू से ही छात्र राजनीति में सक्रिय रहे। साल 1991 से 1992 तक राजकीय कला एवं विधि महाविद्यालय, अलवर के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। इसके बाद छात्र राजनीति से निकलकर प्रदेश की राजनीति में एंट्री की। उन्होंने अलवर जिले की थानागाजी विधानसभा सीट से साल 1993 में जनता दल, 1998 में निर्दलीय और 2003 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। लेकिन, तीनों ही चुनावों में हार का सामना करना पड़ा।

Hem Singh Bhadana

इसके बाद हेम सिंह भड़ाना ने ग्रामीण राजनीति में एंट्री की और 10 फरवरी 2005 को किशनगढ़बास पंचायत समिति प्रधान बने। प्रधान बनने के बाद वे राजस्थान की राजनीति में छाए गए। वे थानागाजी से दो बार विधायक बने। वे पहली बार 2005 में थानागाजी से विधायक बने और फिर 2014 में विधायक बनकर कैबिनेट मंत्री बने।

वसुंधरा राजे सरकार में उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। 2014 में उन्हें स्वतंत्र प्रभार के साथ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बनाया गया। 2016 से 2018 तक वे स्टेट मोटर गैराज और संपदा विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे। 2019 में बीजेपी से टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय चुनाव लड़े, जिसमें मात्र 137 वोट से हार का मुंह देखना पड़ा। साल 2024 में फिर भाजपा से चुनाव लड़े और मात्र 56 वोट से हार गए।

अनुभव और नेतृत्व में सहयोग

राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई दिग्गज नेताओं के साथ काम किया है। इनमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, वरिष्ठ नेता अरुण सिंह, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और भूपेंद्र यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हैं। इन सबके साथ मिलकर उन्होंने संगठन और सरकार दोनों में सक्रिय भूमिका निभाई।

भगेरी कलां गांव के रहने वाले थे

उनका जन्म 7 फरवरी 1966 को अलवर जिले के किशनगढ़ बास तहसील के भगेरी कलां गांव में हुआ था। पिता श्योनारायण और माता हरदेवी के घर जन्मे हेम सिंह ने अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद राजनीति में प्रवेश किया था। उन्होंने एमए और एलएलबी की डिग्री प्राप्त की, जिसमें राजकीय महाविद्यालय, अलवर और राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से अध्ययन किया था। भड़ाना के 2 बेटे और 2 बेटी हैं। बड़ा बेटा धीरेंद्र भड़ाना बिजनेसमैन है। छोटा बेटा सुरेंद्र भड़ाना राजनीति में सक्रिय है।

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