दूसरे देश में घुसकर इजराइल ने बड़े आतंकी लीडर को मार गिराया, साहस देखकर फिर पूरी दुनिया हैरान!

दूसरे देश में घुसकर इजराइल ने बड़े आतंकी लीडर को मार गिराया, साहस देखकर फिर पूरी दुनिया हैरान!

इजराइल के ताजा कारनामे से एक बार फिर पूरी दुनिया हैरान हो गई है। इजराइली सेना ने लेबनान में घुसकर बड़े आतंकी लीडर को ढेर कर दिया।

सेना ने बताया कि उन्होंने रविवार को हिजबुल्लाह के टॉप आतंकी लीडर अली दाऊद अमिच पर हमला करके उसे मार गिराया है। यह हिजबुल्लाह के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में एक ब्रांच का हेड था।

इजराइल के खिलाफ साजिश रच रहा था आतंकी संगठन

यह आतंकवादी लेबनान के अल-द्वेयर इलाके में हिजबुल्लाह के लिए मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से बनाने की कोशिश कर रहा था।

साथ ही इजराइली फोर्सेस के खिलाफ आतंकवादी साजिशों को बढ़ावा दे रहा था। सेना ने आगे कहा- आतंकवादी के कामों ने इजराइल और लेबनान के बीच हुई समझ का उल्लंघन किया।

लगातर इजराइल कर रहा लेबनान में हमला

बता दें कि नवंबर 2024 में हिजबुल्लाह के साथ हुए युद्धविराम समझौते के बाद भी इजराइल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) दक्षिणी लेबनान में सक्रिय हैं। सेना की वापसी डेडलाइन के बावजूद इजराइल ने अपने सैनिकों को इलाके में तैनात कर रखा है।

युद्धविराम उल्लंघन के आरोप में लगभग रोजाना कार्रवाई होती हैं, जिससे लेबनान में दर्जनों मौतें हुई हैं। इजराइल का दावा है कि ये ऑपरेशन सुरक्षा के लिए जरूरी हैं, जबकि लेबनान इसे संप्रभुता का उल्लंघन मानता है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

इससे पहले 21 जनवरी को इजराइल ने लेबनान पर कई हमले किए थे। इजराइली सेना ने हमले से एक दिन पहले निकासी की चेतावनी जारी की थी और फिर उसके अगले दिन ही भीषण बमबारी कर दी। जिससे हाहाकार मच गया। तब इजराइली बमबारी में 7 से ज्यादा इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।

कितने लोगों की हुई थी मौत?

इजराइली बमबारी के चलते 21 जनवरी को लेबनान में 2 लोगों की जान चली गई थी। साथ ही 19 लोग घायल हुए थे। इनमें से 8 पत्रकार थे। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुई।

लेबनान के राष्ट्रपति ने की हमले की निंदा

इजराइली हमले के बाद लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजराइल की जमकर आलोचना की थी। उन्होंने इजराइल पर आबादी वाले कस्बों और गांवों के खिलाफ व्यवस्थित आक्रामकता की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए हमले की निंदा की।

साथ ही सीजफायर और अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अन्य देशों से इस मामले में हस्तक्षेप करने और इजराइल के हमलों को रोकने की अपील की।

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