बक्सर में इंटरमीडिएट वार्षिक (सैद्धान्तिक) परीक्षा 2026 का शुभारंभ सोमवार से सख्त निगरानी और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के बीच हो गया। सुबह होते ही विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। छात्र-छात्राएं समय से पहले केंद्रों पर पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे, वहीं कई अभिभावक भी बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए केंद्रों के बाहर मौजूद रहे। पूरे जिले में परीक्षा को लेकर प्रशासनिक मशीनरी सुबह से ही सक्रिय दिखी। दो पालियों में परीक्षा, देर से आने वालों को सख्त मनाही परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। दूसरी पाली के लिए 1:30 बजे के बाद प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। प्रशासन ने पहले ही निर्देश जारी कर दिया था कि सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। सोमवार को इसका असर साफ दिखाई दिया, अधिकतर परीक्षार्थी समय से पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए थे। जूता-मोजा और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध कदाचारमुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त नियम लागू किए हैं। परीक्षा केंद्रों में जूता-मोजा पहनकर आने पर प्रतिबंध लगाया गया है। केंद्रों के बाहर छात्रों के पैरों में चप्पल या स्लीपर नजर आए, जिससे नियमों के प्रति जागरूकता स्पष्ट दिखी। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, ईयरफोन और सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। प्रवेश द्वार पर फ्रिस्किंग की कड़ी व्यवस्था की गई है, और बिना जांच किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही। नकल पर जीरो टॉलरेंस- उल्लंघन पर FIR तक की चेतावनी जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान नकल, जबरन प्रवेश या किसी भी प्रकार के नियम उल्लंघन पर तत्काल कड़ी कार्रवाई होगी। दोषी परीक्षार्थियों को परीक्षा से निष्कासित करने के अलावा उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का भी प्रावधान है। जिला प्रशासन ने यह भी बताया कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनधिकृत गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। 32 परीक्षा केंद्रों पर 24 हजार 302 परीक्षार्थी जिले में कुल 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 24,302 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस बल, जोनल दंडाधिकारी और उड़नदस्ता दल लगातार गश्त कर रहे हैं। हर केंद्र की गतिविधियों पर प्रशासनिक टीम की पैनी नजर है, ताकि किसी भी संभावित गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके। जिला नियंत्रण कक्ष सक्रिय परीक्षा के दौरान किसी भी आपात स्थिति या समस्या के समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष, बक्सर को सक्रिय रखा गया है। परीक्षार्थी, अभिभावक या केंद्राधीक्षक किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने सभी छात्रों से नियमों का पालन करने और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की है, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो सके। बक्सर में इंटरमीडिएट वार्षिक (सैद्धान्तिक) परीक्षा 2026 का शुभारंभ सोमवार से सख्त निगरानी और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के बीच हो गया। सुबह होते ही विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। छात्र-छात्राएं समय से पहले केंद्रों पर पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे, वहीं कई अभिभावक भी बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए केंद्रों के बाहर मौजूद रहे। पूरे जिले में परीक्षा को लेकर प्रशासनिक मशीनरी सुबह से ही सक्रिय दिखी। दो पालियों में परीक्षा, देर से आने वालों को सख्त मनाही परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। दूसरी पाली के लिए 1:30 बजे के बाद प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। प्रशासन ने पहले ही निर्देश जारी कर दिया था कि सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। सोमवार को इसका असर साफ दिखाई दिया, अधिकतर परीक्षार्थी समय से पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए थे। जूता-मोजा और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध कदाचारमुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त नियम लागू किए हैं। परीक्षा केंद्रों में जूता-मोजा पहनकर आने पर प्रतिबंध लगाया गया है। केंद्रों के बाहर छात्रों के पैरों में चप्पल या स्लीपर नजर आए, जिससे नियमों के प्रति जागरूकता स्पष्ट दिखी। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, ईयरफोन और सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। प्रवेश द्वार पर फ्रिस्किंग की कड़ी व्यवस्था की गई है, और बिना जांच किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही। नकल पर जीरो टॉलरेंस- उल्लंघन पर FIR तक की चेतावनी जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान नकल, जबरन प्रवेश या किसी भी प्रकार के नियम उल्लंघन पर तत्काल कड़ी कार्रवाई होगी। दोषी परीक्षार्थियों को परीक्षा से निष्कासित करने के अलावा उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का भी प्रावधान है। जिला प्रशासन ने यह भी बताया कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनधिकृत गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। 32 परीक्षा केंद्रों पर 24 हजार 302 परीक्षार्थी जिले में कुल 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 24,302 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस बल, जोनल दंडाधिकारी और उड़नदस्ता दल लगातार गश्त कर रहे हैं। हर केंद्र की गतिविधियों पर प्रशासनिक टीम की पैनी नजर है, ताकि किसी भी संभावित गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके। जिला नियंत्रण कक्ष सक्रिय परीक्षा के दौरान किसी भी आपात स्थिति या समस्या के समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष, बक्सर को सक्रिय रखा गया है। परीक्षार्थी, अभिभावक या केंद्राधीक्षक किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने सभी छात्रों से नियमों का पालन करने और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की है, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।


