Sadhvi Prem Baisa Suspicious Death: जोधपुर। पाल के आरती नगर स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में इंजेक्शन के बाद दाल पर संदेह गहराने लगा है। गत 28 जनवरी को साध्वी प्रेम बाईसा को जुकाम और गला खराब होने पर कम्पाउंडर ने दो इंजेक्शन लगाए थे। इसके बाद साध्वी ने अपने कर्मचारी सुरेश से खाने में दाल बनवाई थी।
सांस लेने में परेशानी
आमतौर पर सुरेश ही साध्वी के कमरे में खाना लेकर जाता था, लेकिन 28 जनवरी को पिता बिरमनाथ बेटी साध्वी प्रेम बाईसा के लिए दाल लेकर कमरे में गए थे। कुछ देर बाद साध्वी को सांस लेने में परेशानी होने लगी थी। वह जोर-जोर से कहने लगी थी कि उसे सांस नहीं आ रही है। यह बात सुरेश से पूछताछ में सामने आई है। उधर, पुलिस की एसआईटी की मौजूदगी में एफएसएल टीम ने आश्रम के कमरे की जांच कर साक्ष्य जुटाए। खाना बनाने में प्रयुक्त सामग्री के सैंपल भी लिए गए हैं।
मामले की बारीकी से जांच
पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। कोई भी साक्ष्य छूट न जाए, इसके लिए दोबारा मौका मुआयना किया गया है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है। हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट के लिए विसरा को एफएसएल भेजा गया है।
दाल में जहर या इंजेक्शन का रिएक्शन ?
मामले की जांच दो पहलुओं के इर्द-गिर्द घूम रही है। 28 जनवरी को कम्पाउंडर देवीसिंह राजपुरोहित ने आश्रम पहुंचकर साध्वी प्रेम बाईसा को दो इंजेक्शन लगाए थे। इसके बाद सुरेश ने दाल बनाई थी, जिसे पिता साध्वी के कमरे में लेकर गए थे। इंजेक्शन के रिएक्शन अथवा दाल में जहर मिलने से मौत होने की आशंका जताई जा रही है। इसी कारण एफएसएल ने जांच के दौरान आश्रम से खाद्य सामग्री के सैंपल भी लिए हैं।
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मुंह से झाग निकले थे, लेकिन मिटा दिए
दाल पीने के बाद साध्वी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। सांस न आने पर वह जोर से चिल्लाने लगी थी। सूत्रों के अनुसार, साध्वी के मुंह से झाग भी निकले थे, लेकिन उन्हें साफ कर दिया गया था। एफएसएल जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा कि मौत का कारण दाल में किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी है या फिर इंजेक्शन का रिएक्शन। इसके लिए पुलिस ने विसरा को जांच के लिए एफएसएल भेजा है। इसकी रिपोर्ट दो-तीन दिन में मिलने की संभावना है।
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एसआईटी ने पिता से पूछताछ की
महात्मा गांधी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद साध्वी का शव बालोतरा जिले के परेऊ क्षेत्र के जास्ती गांव ले जाया गया था, जहां सोमवार को साध्वी प्रेम बाईसा को समाधि दी गई थी। जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के बुलावे पर साध्वी के पिता बिरमनाथ जोधपुर पहुंचे। बोरानाडा स्थित एसीपी कार्यालय में उनसे पूछताछ की गई। इससे पहले भी उनसे पूछताछ की जा चुकी है।


