स्पेन के बर्सिलोना में हार्ट अटैक से हुई करनाल जिले के कैमला गांव के मुकेश कुमार की मौत को करीब एक महीना होने को है। मृतक का परिवार आज भी अपने बेटे के शव के इंतजार में है, ताकि वे अपने बेटे के अंतिम दर्शन कर सके और गांव में ही उसका अंतिम संस्कार कर सके। परिवार के मुताबिक, 5 फरवरी को मुकेश का शव गांव में पहुंच सकता है। शव को भारत लाने के लिए स्पेन में सभी तरह की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है। अब सिर्फ टिकट होना बाकी है। परिजन राजबीर के मुताबिक, टिकट होने के बाद कारगो से शव 5 फरवरी की अलसुबह शव दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचेगा। जिसके बाद एम्बुलेंस से शव को गांव में लाया जाएगा और अंतिम दर्शन के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। क्या है पूरा मामला… 4 जनवरी को हुई थी हार्ट अटैक से मौत करनाल के कैमला गांव निवासी मुकेश कुमार की बीती 4 जनवरी को स्पेन में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। मुकेश अपनी साइकिल पर फूड डिलीवर करने के लिए जा रहा था। पहाड़ी एरिया में चढ़ते हुए घबराहट होने के बाद वह गिर गया। आसपास के लोग तुरंत उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद करनाल में उसके परिजनों को घटना की सूचना दी गई। सूचना के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। मुकेश को विदेश भेजने के लिए परिवार ने जमीन तक बेच दी थी और अब उनकी हालत ऐसी नहीं थी कि वे शव को वापस इंडिया ला सके। शव को भारत मंगाने के लिए फंड जुटाया गया। देश-विदेश से फंड्स एकत्रित हुए और परिवार ने भी सरकार व लोगों से मदद की अपील की थी। मुकेश ने की थी कोर्ट मैरिज बता दें कि, करीब डेढ़ साल पहले मुकेश ने जींद की सपना से लव मैरिज की थी। मुकेश और सपना दोनों ही अर्पणा अस्पताल में काम करते थे। मुकेश करीब 10 साल से काम कर रहा था और सपना करीब 4 साल से काम कर रही थी। मुकेश आंखों के डिपार्टमेंट में था और सपना ऑप्टिकल डिपार्टमेंट में थी। दोनों के बीच जान पहचान शुरू हुई और दोनों ने एक-दूसरे को जीवन साथी बनाने का फैसला लिया। 20 लाख रुपए खर्च कर विदेश गया था 3 महीने पहले ही वह पत्नी सपना के साथ स्पेन गया था। जहां वह बार्सिलोना शहर में रह रहा था। डॉक्टरों के मुताबिक, मुकेश को हार्ट अटैक आया था। पिता देवी सिंह के मुताबिक, मुकेश शुरू से ही विदेश जाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारना चाहता था। इसलिए परिवार ने अपनी जमीन बेची और मुकेश और उसकी पत्नी का टूरिस्ट वीजा अप्लाई कराया। विदेश जाने में करीब 20 लाख रुपए खर्च हुए। नौकरी छूटने पर फूड डिलीवर करने लगा पिता ने बताया कि 16 अक्टूबर को मुकेश और सपना स्पेन गए। पहले उसने लेबर का काम किया। इसके बाद एक स्टोर पर नौकरी करने लगा। कुछ दिनों बाद उसकी नौकरी छूट गई। वह नई नौकरी की तलाश कर रहा था। जब नौकरी नहीं मिली तो एक रेस्टोरेंट के माध्यम से उसने फूड डिलीवरी का काम शुरू कर दिया। उसकी पत्नी भी इसी रेस्टोरेंट पर काम करने लगी। पत्नी ने दी पति की मौत की सूचना देवी सिंह ने बताया कि 5 जनवरी की रात को बार्सिलोना से सपना का फोन आया। उसने बताया कि मुकेश रात को साइकिल से एक डिलीवरी लेकर ऊंचाई वाले इलाके की ओर जा रहे थे। चढ़ाई वाले रास्ते पर घबराहट के कारण उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया। इस कारण उसकी मौत हो गई। बार्सिलोना में अब सिर्फ सपना ही मौजूद है। कोई कंपनी कर रही है मदद परिजन राजबीर ने बताया कि अब उम्मीद है कि पांच फरवरी की सुबह पांच बजे मुकेश का पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंच जाएगा। शव को गांव में लाया जाएगा और अंतिम दर्शन के बाद दाह संस्कार किया जाएगा। मुकेश की डेथ से पूरा परिवार टूट गया है। हर कोई अपने बेटे-भाई के अंतिम दर्शन की राह देख रहा है। स्पेन में की कोई कंपनी पूरी प्रोसेस को देख रही है और अब जानकारी दी गई है कि जल्द ही शव इंडिया आ जाएगा।


