भास्कर न्यूज| सरायकेला माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर सरायकेला स्थित प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर में श्री जगन्नाथ सेवा समिति के तत्वावधान में भगवान श्री जगन्नाथ का भव्य श्रृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और “जय जगन्नाथ” के जयकारों से क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। विशेष पूजा-अर्चना मंदिर के पुजारी ब्रह्मदेव महापात्र द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न कराई गई। पूजा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भोग लेकर भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्तों ने भगवान को पुष्प, धूप, दीप अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। दोपहर में भगवान श्री जगन्नाथ को विशेष रूप से अन्न भोग अर्पित किया गया, जिसके पश्चात समिति की ओर से श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में अन्न भोग का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़े श्रद्धा भाव से प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर श्री जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष राजा सिंहदेव ने कहा कि हमारी संस्कृति और परंपरा भगवान श्री जगन्नाथ से गहराई से जुड़ी हुई है। इस संस्कृति को निभाना और अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे आगे आकर अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का संकल्प लें।कार्यक्रम में शंकर सतपति, गणेश सतपति, गोलक, बादल दुबे, चिरंजीव महापात्र, परसु कवि, सुशांत महापात्र, चित्रा पटनायक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भास्कर न्यूज| सरायकेला माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर सरायकेला स्थित प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर में श्री जगन्नाथ सेवा समिति के तत्वावधान में भगवान श्री जगन्नाथ का भव्य श्रृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और “जय जगन्नाथ” के जयकारों से क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। विशेष पूजा-अर्चना मंदिर के पुजारी ब्रह्मदेव महापात्र द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न कराई गई। पूजा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भोग लेकर भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्तों ने भगवान को पुष्प, धूप, दीप अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। दोपहर में भगवान श्री जगन्नाथ को विशेष रूप से अन्न भोग अर्पित किया गया, जिसके पश्चात समिति की ओर से श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में अन्न भोग का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़े श्रद्धा भाव से प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर श्री जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष राजा सिंहदेव ने कहा कि हमारी संस्कृति और परंपरा भगवान श्री जगन्नाथ से गहराई से जुड़ी हुई है। इस संस्कृति को निभाना और अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे आगे आकर अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का संकल्प लें।कार्यक्रम में शंकर सतपति, गणेश सतपति, गोलक, बादल दुबे, चिरंजीव महापात्र, परसु कवि, सुशांत महापात्र, चित्रा पटनायक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


