बजट 2026 को लेकर मेरठ के सांसद अरुण गोविल ने केंद्र सरकार की सराहना करते हुए इसे जनकल्याणकारी, दूरदर्शी और विकासोन्मुख बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट स्पष्ट करता है कि भारत आज स्थिर अर्थव्यवस्था, नियंत्रित महंगाई और तेज विकास के मार्ग पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। सांसद अरुण गोविल ने कहा कि यह बजट केवल वर्तमान की जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित भारत-2047 की मजबूत नींव रखता है। बजट में रोजगार और उद्योग को विशेष प्राथमिकता दी गई है। मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा, एमएसएमई के लिए फंडिंग, आसान ऋण व्यवस्था और पुराने औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने की योजनाएं युवाओं के लिए नए रोजगार और अवसर सृजित करेंगी। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर इस बजट की सबसे बड़ी ताकत है। रेलवे, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर, नेशनल वॉटरवे और शहरी विकास के लिए रिकॉर्ड स्तर पर सरकारी निवेश किया गया है। इससे व्यापार सुगम होगा, लॉजिस्टिक्स सस्ता होगा और आम आदमी की यात्रा सुविधाजनक बनेगी। किसानों और ग्रामीण भारत के लिए इस बजट को उम्मीदों का सूरज बताते हुए सांसद ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, पशुपालन, मत्स्य पालन और हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर को बढ़ावा दिया गया है। ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार, बाजार तक पहुंच और आर्थिक सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अरुण गोविल ने कहा कि शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट बजट का मजबूत स्तंभ है। एजुकेशन से एम्प्लॉयमेंट की सोच के तहत नई स्किल्स, हेल्थ, टेक्नोलॉजी, डिजाइन, एबीजीसी और एआई जैसे आधुनिक क्षेत्रों पर फोकस युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करेगा। स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार के मानवीय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रोफेशनल्स की संख्या बढ़ाने, मेडिकल टूरिज्म को प्रोत्साहन, दिव्यांगजनों के लिए स्किल डेवलपमेंट और आधुनिक सहायक उपकरणों के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि टैक्स व्यवस्था को सरल, पारदर्शी बनाया गया है। नया इनकम टैक्स कानून छोटे करदाताओं, छात्रों, मिडिल क्लास और एनआरआई के लिए राहत लेकर आया है, जिससे ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। सांसद ने बताया कि इस बजट में संस्कृति और पर्यटन को रोजगार का बड़ा माध्यम बनाया गया है। हेरिटेज साइट्स, आध्यात्मिक स्थलों और ईको-टूरिज्म को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करने का प्रावधान किया गया है। नॉर्थ-ईस्ट और पूर्वी भारत के लिए यह बजट विशेष है, जहां पर्यटन, कनेक्टिविटी और स्थानीय रोजगार पर सीधा फोकस किया गया है। अंत में अरुण गोविल ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट गरीब, किसान, मध्यम वर्ग, युवा, महिलाएं, व्यापारी और हर वर्ग के साथ खड़ा है। यह बजट न केवल विश्वास देता है, बल्कि देश को विकास की नई दिशा भी दिखाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस राष्ट्र-निर्माण वाले बजट के लिए हृदय से धन्यवाद दिया।


