अररिया के बटुरबाड़ी प्रखंड के मरना टोला में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता सामुदायिक मेले का आयोजन किया गया। लर्निंग लिंक फाउंडेशन और IIFL समस्ता माइक्रोफाइनेंस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेले का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को विभिन्न सरकारी योजनाओं और आधुनिक वित्तीय सेवाओं से जोड़ना था। स्थानीय वार्ड सदस्य और ग्रामीणों ने इसमें सक्रिय सहयोग दिया। लर्निंग लिंक फाउंडेशन से प्रशिक्षण लिया मेले में मुख्य रूप से वे ग्रामीण शामिल हुए जिन्होंने पहले लर्निंग लिंक फाउंडेशन से वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इन प्रशिक्षित लाभार्थियों ने अन्य ग्रामीणों को भी जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। सैकड़ों ग्रामीणों ने इन योजनाओं के तहत पंजीकरण करवाया और अपने खाते खुलवाए। बैंकिंग सेवाओं को सुगम बनाने के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के प्रतिनिधि मेले में मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त, विभिन्न ऑनलाइन वित्तीय सेवाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई, जिससे ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग से परिचित होने का अवसर मिला। मेला सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चला यह मेला सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चला। आयोजकों ने सभी आगंतुकों के लिए नाश्ते की व्यवस्था भी की थी। लर्निंग लिंक फाउंडेशन के परियोजना पदाधिकारी एजाज आलम, साहिद आलम, हरिनारायण मिश्र, आरिफ हुसैन और जूनियर अधिकारी चंदन कुमार साह ने कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने ग्रामीणों से व्यक्तिगत बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा और योजनाओं का लाभ उठाने में सहायता की। स्थानीय स्तर पर आयोजित ऐसे मेले ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं। यह आयोजन न केवल जागरूकता फैलाने में सफल रहा, बल्कि सैकड़ों परिवारों को सरकारी योजनाओं के दायरे में लाने में भी कामयाब रहा। अररिया के बटुरबाड़ी प्रखंड के मरना टोला में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता सामुदायिक मेले का आयोजन किया गया। लर्निंग लिंक फाउंडेशन और IIFL समस्ता माइक्रोफाइनेंस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेले का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को विभिन्न सरकारी योजनाओं और आधुनिक वित्तीय सेवाओं से जोड़ना था। स्थानीय वार्ड सदस्य और ग्रामीणों ने इसमें सक्रिय सहयोग दिया। लर्निंग लिंक फाउंडेशन से प्रशिक्षण लिया मेले में मुख्य रूप से वे ग्रामीण शामिल हुए जिन्होंने पहले लर्निंग लिंक फाउंडेशन से वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इन प्रशिक्षित लाभार्थियों ने अन्य ग्रामीणों को भी जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। सैकड़ों ग्रामीणों ने इन योजनाओं के तहत पंजीकरण करवाया और अपने खाते खुलवाए। बैंकिंग सेवाओं को सुगम बनाने के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के प्रतिनिधि मेले में मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त, विभिन्न ऑनलाइन वित्तीय सेवाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई, जिससे ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग से परिचित होने का अवसर मिला। मेला सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चला यह मेला सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चला। आयोजकों ने सभी आगंतुकों के लिए नाश्ते की व्यवस्था भी की थी। लर्निंग लिंक फाउंडेशन के परियोजना पदाधिकारी एजाज आलम, साहिद आलम, हरिनारायण मिश्र, आरिफ हुसैन और जूनियर अधिकारी चंदन कुमार साह ने कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने ग्रामीणों से व्यक्तिगत बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा और योजनाओं का लाभ उठाने में सहायता की। स्थानीय स्तर पर आयोजित ऐसे मेले ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं। यह आयोजन न केवल जागरूकता फैलाने में सफल रहा, बल्कि सैकड़ों परिवारों को सरकारी योजनाओं के दायरे में लाने में भी कामयाब रहा।


