Budget 2026: तेंदूपत्ता उद्योग को बड़ी राहत: बजट में TCS घटा, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा… जानिए क्या है खास

Budget 2026: तेंदूपत्ता उद्योग को बड़ी राहत: बजट में TCS घटा, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा… जानिए क्या है खास

Budget 2026: केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आम बजट में तेंदूपत्ता उद्योग से जुड़े लाखों लोगों के हित में एक ऐतिहासिक और राहतपूर्ण निर्णय लिया गया है। सरकार ने तेंदूपत्ता व्यापार पर लगने वाली टीसीएस की दर को 5 प्रतिशत से घटाकर मात्र 2 प्रतिशत कर दिया है।

इस महत्वपूर्ण निर्णय के सम्बन्ध में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इस निर्णय से तेंदूपत्ता संग्राहकों, प्राथमिक सहकारी समितियों, लघु व्यापारियों और वन आधारित आजीविका से जुड़े परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। दर घटने से यह समस्या काफी हद तक समाप्त होगी और वन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

वनमंत्री केदार कश्यप ने जताया आभार

वनमंत्री केदार कश्यप ने इस जन-हितकारी फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा यह निर्णय दर्शाता है कि केंद्र सरकार देश के वनवासी, आदिवासी और श्रम आधारित उद्योगों की आर्थिक मजबूती को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है।

तेंदूपत्ता उद्योग को भरपूर लाभ मिलेगा

वनमंत्री कश्यप ने कहा कि तेंदूपत्ता उद्योग को इस फैसले से भरपूर लाभ मिलेगा। टीसीएस दर कम होने से तेंदूपत्ता व्यापार से जुड़े लोगों के हाथ में अधिक नकद राशि रहेगी, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी मजबूत होगी। इसका सीधा लाभ तेन्दूपत्ता संग्राहकों मिलेगा। इसके साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े आदिवासी और वनवासी परिवारों को अब कम कर कटौती का सामना करना पड़ेगा, जिससे उन्हें उनके श्रम का पूरा मूल्य मिल सकेगा।

वनमंत्री कश्यप ने कहा कि पहले 5 प्रतिशत टीसीएस छोटे व्यापारियों के लिए बड़ा आर्थिक बोझ था। अब 2 प्रतिशत टीसीएस होने से व्यापार करना आसान और व्यावहारिक होगा। साथ ही कई संग्राहक और छोटे व्यापारी आयकर दायरे में नहीं आते थे, लेकिन टीसीएस कटने के बाद रिफंड की प्रक्रिया जटिल होती थी। दर घटने से यह समस्या काफी हद तक समाप्त होगी और वन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। यह निर्णय तेंदूपत्ता जैसे वन उत्पादों के व्यापार को प्रोत्साहित करेगा और ग्रामीण-आदिवासी अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।

उन्होंने कहा कि यह बजट मानवीय और समावेशी बजट का उदाहरण यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि मोदी सरकार का बजट केवल राजस्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीब, आदिवासी, श्रमिक और वन आश्रित समुदायों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने की स्पष्ट सोच के साथ तैयार किया गया है। वनमंत्री केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय तेंदूपत्ता उद्योग से जुड़े लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला सिद्ध होगा।

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