समस्तीपुर शहर के धर्मपुर मोहल्ला स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन लोकल फॉर वोकल के तहत इको ग्रीन यूनिट फाउंडेशन के तहत केला के रेशे से घरेलू सजावट का सामान बनाने की ट्रेनिंग शुरू हुई। ट्रेनिंग कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी डॉक्टर तरुण चौधरी, नगर निगम के उप महापौर रामबालक पासवान ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। मौके पर एमएलसी डॉक्टर तरुण चौधरी ने कहा कि सामान्य तौर पर केला का फल काटे जाने के बाद केला के थम यानी उसके तना को लोग फेंक देते हैं। इस योजना के तहत थम से रेशा निकाल कर घरेलू सजावट का सामान बनाने की यहां पर ट्रेंनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग अभी महिलाओं के लिए शुरू की गई है, लेकिन पुरुष भी चाहे तो इसकी ट्रेनिंग ले सकते हैं। अपना खुद का कारोबार विकसित करेंगी महिलाएं ट्रेनिंग लेकर वह अपना खुद का कारोबार विकसित कर सकेंगी। जिसे महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का भरण पोषण कर सकेंगे। समान उत्पादन के बाद सामान बेचने के लिए बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा। उपमहापौर रामबालक पासवान ने बताया कि प्रधानमंत्री के विजन के हिसाब से इको ग्रीन फाउंडेशन की ओर से केला के रेशे से बैग, चटाई, मास्क, झोला , आसनी आदि बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ ही यहां पर महिलाओं के अधिकार और उनके कर्तव्य के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। केले के रेशे से बना आशनी मुख्य ट्रेनर पूजा सिंह ने बतााया कि पहले बैच में तीस महिलाओं को यह ट्रेनिंग दी जा रही है, उन्हें केले के रेशे से बनाए जाने वाले उत्पाद की शुरू से जानकारी दी जाएगी। ट्रेनिंग समाप्त होने के बाद महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा, जहां पर वह अपना उत्पाद बेच सकेंगी। इसके लिए यहां पर क्लस्टर भी विकसित किया जाएगा। मौके पर भारतीय जनता पार्टी किसान सेल के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र यादव आदि समाज से भी भी मौके पर उपस्थित थे। समस्तीपुर शहर के धर्मपुर मोहल्ला स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन लोकल फॉर वोकल के तहत इको ग्रीन यूनिट फाउंडेशन के तहत केला के रेशे से घरेलू सजावट का सामान बनाने की ट्रेनिंग शुरू हुई। ट्रेनिंग कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी डॉक्टर तरुण चौधरी, नगर निगम के उप महापौर रामबालक पासवान ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। मौके पर एमएलसी डॉक्टर तरुण चौधरी ने कहा कि सामान्य तौर पर केला का फल काटे जाने के बाद केला के थम यानी उसके तना को लोग फेंक देते हैं। इस योजना के तहत थम से रेशा निकाल कर घरेलू सजावट का सामान बनाने की यहां पर ट्रेंनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग अभी महिलाओं के लिए शुरू की गई है, लेकिन पुरुष भी चाहे तो इसकी ट्रेनिंग ले सकते हैं। अपना खुद का कारोबार विकसित करेंगी महिलाएं ट्रेनिंग लेकर वह अपना खुद का कारोबार विकसित कर सकेंगी। जिसे महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का भरण पोषण कर सकेंगे। समान उत्पादन के बाद सामान बेचने के लिए बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा। उपमहापौर रामबालक पासवान ने बताया कि प्रधानमंत्री के विजन के हिसाब से इको ग्रीन फाउंडेशन की ओर से केला के रेशे से बैग, चटाई, मास्क, झोला , आसनी आदि बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ ही यहां पर महिलाओं के अधिकार और उनके कर्तव्य के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। केले के रेशे से बना आशनी मुख्य ट्रेनर पूजा सिंह ने बतााया कि पहले बैच में तीस महिलाओं को यह ट्रेनिंग दी जा रही है, उन्हें केले के रेशे से बनाए जाने वाले उत्पाद की शुरू से जानकारी दी जाएगी। ट्रेनिंग समाप्त होने के बाद महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा, जहां पर वह अपना उत्पाद बेच सकेंगी। इसके लिए यहां पर क्लस्टर भी विकसित किया जाएगा। मौके पर भारतीय जनता पार्टी किसान सेल के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र यादव आदि समाज से भी भी मौके पर उपस्थित थे।


