हरदोई में श्री रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में रविवार को वृंदावन के कलाकारों ने ‘अहिल्या उद्धार’ और ‘गंगा दर्शन’ की लीला का मंचन किया। इस दौरान पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो गए। लीला के मंचन में दर्शाया गया कि महर्षि विश्वामित्र के साथ भगवान राम और लक्ष्मण जनकपुर की ओर जा रहे थे। मार्ग में उन्हें गौतम मुनि की पत्नी अहिल्या पत्थर के रूप में मिलीं। गुरु विश्वामित्र ने प्रभु राम को अहिल्या की कथा सुनाई और उनके उद्धार का निवेदन किया। भगवान राम के चरण स्पर्श करते ही अहिल्या पुनः नारी रूप में प्रकट हो गईं।
इस दृश्य के दौरान कलाकारों ने ‘परसत पद पावन शोक नसावन, प्रघट भई तप पुंज सही’ चौपाई का गायन किया। इससे पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा। इसके बाद राम और लक्ष्मण गंगा किनारे पहुंचे, जहां उन्होंने पंडा-पुजारियों को सूर्यवंश की वंशावली सुनाई और दान-दक्षिणा दी। गंगा स्नान के उपरांत दोनों राजकुमार मिथिला पहुंचे। मिथिला पहुंचने पर महाराज जनक ने उनका स्वागत किया और उन्हें सुंदर सदन में ठहराया। मुख्य आयोजक श्री राम प्रकाश शुक्ला और प्रेम शंकर द्विवेदी ने बताया कि सोमवार, 2 फरवरी को दोपहर 2 बजे से नगर दर्शन और पुष्प वाटिका की लीला का मंचन किया जाएगा। इस अवसर पर अशोक शुक्ला, विनीत मिश्रा, त्रिलोकी नाथ और प्रमोद मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।


