गोपालगंज में जिले के पोस्ट ऑफिस चौक के पास लायंस क्लब ने एक निःशुल्क मधुमेह जांच शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में कुल 192 लोगों की शुगर जांच की गई। क्लब ने स्थानीय नागरिकों को बढ़ती शुगर की बीमारी के प्रति जागरूक किया और समय रहते इसकी पहचान कर बचाव के तरीके बताए। लायंस क्लब के सदस्यों द्वारा लगाए गए इस स्टॉल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। समाज के हर वर्ग के लोगों ने इस शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जांच कराने वालों में बुजुर्गों के साथ-साथ युवा और महिलाएं भी शामिल थीं, जो अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग दिखे। अनुभवी तकनीशियनों ने ब्लड शुगर की जांच की और तत्काल परिणाम उपलब्ध कराए। खान-पान में बदलाव करने की सलाह
जांच के बाद, जिन लोगों में शुगर का स्तर अनियंत्रित पाया गया, उन्हें क्लब से जुड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उचित परामर्श दिया गया। डॉक्टरों ने मरीजों को खान-पान में बदलाव करने की सलाह दी। उन्होंने चीनी, मैदा और अत्यधिक तैलीय भोजन से परहेज करने तथा फाइबर युक्त आहार लेने को कहा। इसके अतिरिक्त, प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट पैदल चलने या व्यायाम करने की सलाह भी दी गई। शुगर के मरीजों को नियमित अंतराल पर अपनी जांच कराते रहने और डॉक्टरी सलाह के बिना दवा न छोड़ने की हिदायत दी गई। लोग लक्षणों को पहचान नहीं पाते
लायंस क्लब की एलोरा नंदी ने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली और तनाव के कारण मधुमेह एक गंभीर समस्या बन गई है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग इस बीमारी के लक्षणों को पहचान नहीं पाते, जिससे भविष्य में किडनी, आंखों और हृदय संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। इस निःशुल्क शिविर से उन लोगों को विशेष लाभ मिला जो आर्थिक कारणों या जागरूकता की कमी के कारण नियमित जांच नहीं करा पाते। क्लब ने भविष्य में भी इस तरह के स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का संकल्प दोहराया ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सके। एलोरा नंदी ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम प्रत्येक रविवार को विभिन्न चौक-चौराहों पर लगाए जाते हैं, ताकि लोगों को मधुमेह की जांच कर जागरूक किया जा सके। गोपालगंज में जिले के पोस्ट ऑफिस चौक के पास लायंस क्लब ने एक निःशुल्क मधुमेह जांच शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में कुल 192 लोगों की शुगर जांच की गई। क्लब ने स्थानीय नागरिकों को बढ़ती शुगर की बीमारी के प्रति जागरूक किया और समय रहते इसकी पहचान कर बचाव के तरीके बताए। लायंस क्लब के सदस्यों द्वारा लगाए गए इस स्टॉल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। समाज के हर वर्ग के लोगों ने इस शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जांच कराने वालों में बुजुर्गों के साथ-साथ युवा और महिलाएं भी शामिल थीं, जो अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग दिखे। अनुभवी तकनीशियनों ने ब्लड शुगर की जांच की और तत्काल परिणाम उपलब्ध कराए। खान-पान में बदलाव करने की सलाह
जांच के बाद, जिन लोगों में शुगर का स्तर अनियंत्रित पाया गया, उन्हें क्लब से जुड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उचित परामर्श दिया गया। डॉक्टरों ने मरीजों को खान-पान में बदलाव करने की सलाह दी। उन्होंने चीनी, मैदा और अत्यधिक तैलीय भोजन से परहेज करने तथा फाइबर युक्त आहार लेने को कहा। इसके अतिरिक्त, प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट पैदल चलने या व्यायाम करने की सलाह भी दी गई। शुगर के मरीजों को नियमित अंतराल पर अपनी जांच कराते रहने और डॉक्टरी सलाह के बिना दवा न छोड़ने की हिदायत दी गई। लोग लक्षणों को पहचान नहीं पाते
लायंस क्लब की एलोरा नंदी ने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली और तनाव के कारण मधुमेह एक गंभीर समस्या बन गई है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग इस बीमारी के लक्षणों को पहचान नहीं पाते, जिससे भविष्य में किडनी, आंखों और हृदय संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। इस निःशुल्क शिविर से उन लोगों को विशेष लाभ मिला जो आर्थिक कारणों या जागरूकता की कमी के कारण नियमित जांच नहीं करा पाते। क्लब ने भविष्य में भी इस तरह के स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का संकल्प दोहराया ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सके। एलोरा नंदी ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम प्रत्येक रविवार को विभिन्न चौक-चौराहों पर लगाए जाते हैं, ताकि लोगों को मधुमेह की जांच कर जागरूक किया जा सके।


