माघी पूर्णिमा पर किशनगंज में आस्था का सैलाब:महानंदा नदी में हजारों श्रद्धालुओं ने किया स्नान, बालू मेला में दिखी हिंदू-मुस्लिम एकता, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

माघी पूर्णिमा पर किशनगंज में आस्था का सैलाब:महानंदा नदी में हजारों श्रद्धालुओं ने किया स्नान, बालू मेला में दिखी हिंदू-मुस्लिम एकता, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

किशनगंज में माघी पूर्णिमा के अवसर पर धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। रविवार को माघ मास की पूर्णिमा तिथि पर महानंदा नदी के चकला घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग सुबह से ही नदी में स्नान कर अपनी मनोकामनाएं पूरी करने और पापों से मुक्ति पाने की कामना कर रहे थे। हिंदू धर्म में माघी पूर्णिमा को अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है। ऐसा माना जाता है कि इससे भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है और आत्मा की शुद्धि होती है। माघी मेले से जुड़ी तस्वीरें… चकला घाट पर ‘बालू मेला’ या ‘माघी मेला’ भी लगता
जहां प्रयागराज के संगम में लाखों श्रद्धालु अमृत स्नान के लिए जुटते हैं, वहीं किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिले में स्थानीय लोग महानंदा नदी को गंगा के समान पवित्र मानकर यहां स्नान-दान करते हैं। चकला घाट पर ‘बालू मेला’ या ‘माघी मेला’ भी लगता है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग मिलकर आयोजन करते हैं। यह क्षेत्र की सौहार्दपूर्ण संस्कृति का प्रतीक है। इलाकों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे
आज सुबह से ही चकला स्थित महानंदा नदी के घाट पर सुकरू और आसपास के इलाकों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इनमें महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग सभी शामिल थे, जिन्होंने नदी में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की। कई श्रद्धालु मनोकामना पूर्ण होने पर मुंडन करवाने या दान-पुण्य करने भी आए थे। व्यंजनों की दुकानें भी सजी हुई थीं
नदी तट पर दही-चूड़ा, फलाहार और अन्य प्रसाद का वितरण किया गया। मेले की दुकानें और स्थानीय व्यंजनों की दुकानें भी सजी हुई थीं, जिससे धार्मिक और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिला। स्नान करने आए श्रद्धालुओं ने बताया कि महानंदा में स्नान से भी उतना ही पुण्य मिलता है। एक श्रद्धालु ने कहा, “यहां की ठंडी हवा और नदी का स्पर्श मन को शांति देता है।” राधा देवी नामक एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, “यह दिन पापों से मुक्ति और पुण्य कमाने का सर्वोत्तम अवसर है। हम परिवार सहित आए हैं और सबने स्नान किया।” प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती से मेला सुचारू रूप से चल रहा है। हालांकि, नदी में तेज धारा को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। किशनगंज में माघी पूर्णिमा के अवसर पर धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। रविवार को माघ मास की पूर्णिमा तिथि पर महानंदा नदी के चकला घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग सुबह से ही नदी में स्नान कर अपनी मनोकामनाएं पूरी करने और पापों से मुक्ति पाने की कामना कर रहे थे। हिंदू धर्म में माघी पूर्णिमा को अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है। ऐसा माना जाता है कि इससे भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है और आत्मा की शुद्धि होती है। माघी मेले से जुड़ी तस्वीरें… चकला घाट पर ‘बालू मेला’ या ‘माघी मेला’ भी लगता
जहां प्रयागराज के संगम में लाखों श्रद्धालु अमृत स्नान के लिए जुटते हैं, वहीं किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिले में स्थानीय लोग महानंदा नदी को गंगा के समान पवित्र मानकर यहां स्नान-दान करते हैं। चकला घाट पर ‘बालू मेला’ या ‘माघी मेला’ भी लगता है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग मिलकर आयोजन करते हैं। यह क्षेत्र की सौहार्दपूर्ण संस्कृति का प्रतीक है। इलाकों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे
आज सुबह से ही चकला स्थित महानंदा नदी के घाट पर सुकरू और आसपास के इलाकों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इनमें महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग सभी शामिल थे, जिन्होंने नदी में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की। कई श्रद्धालु मनोकामना पूर्ण होने पर मुंडन करवाने या दान-पुण्य करने भी आए थे। व्यंजनों की दुकानें भी सजी हुई थीं
नदी तट पर दही-चूड़ा, फलाहार और अन्य प्रसाद का वितरण किया गया। मेले की दुकानें और स्थानीय व्यंजनों की दुकानें भी सजी हुई थीं, जिससे धार्मिक और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिला। स्नान करने आए श्रद्धालुओं ने बताया कि महानंदा में स्नान से भी उतना ही पुण्य मिलता है। एक श्रद्धालु ने कहा, “यहां की ठंडी हवा और नदी का स्पर्श मन को शांति देता है।” राधा देवी नामक एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, “यह दिन पापों से मुक्ति और पुण्य कमाने का सर्वोत्तम अवसर है। हम परिवार सहित आए हैं और सबने स्नान किया।” प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती से मेला सुचारू रूप से चल रहा है। हालांकि, नदी में तेज धारा को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।  

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