Rajasthan Patrika Chennai Edition ने 23 साल में हिंदी और तमिलनाडु को जोड़ा

Rajasthan Patrika Chennai Edition ने 23 साल में हिंदी और तमिलनाडु को जोड़ा

चेन्नई में जब 23 साल पहले Rajasthan Patrika ने अपने हिंदी संस्करण की शुरुआत की थी, तब यह एक साहसिक कदम माना गया। आज, इस अखबार ने न सिर्फ हिंदी और तमिलनाडु के बीच की दूरियां मिटाईं, बल्कि सामाजिक और भाषाई एकता की मिसाल भी पेश की है।

राजस्थान पत्रिका का चेन्नई संस्करण तमिलनाडु में प्रकाशित होने वाला एकमात्र हिंदी राष्ट्रीय दैनिक है। 23 वर्षों में इसने न सिर्फ समाचारों की सीमाएं पार कीं, बल्कि भाषाओं और समुदायों के बीच सेतु का काम किया। सामाजिक उद्यमी डॉ. सौंदर्या राजेश ने इस अवसर पर कहा कि पत्रिका परिवार ने हिंदी हृदयभूमि को तमिलनाडु की धरती से जोड़ने का साहसिक फैसला किया और यह साबित किया कि दूरी कभी भी संबंधों में बाधा नहीं बन सकती।

पत्रिका ने समुदायों को जोड़ा

एक सामाजिक उद्यमी के रूप में, जिसकी जड़ें चेन्नई में हैं, मैं इस क्षण की गहराई और भावुकता को पूरी तरह महसूस कर रही हूूं। बाइस वर्ष पहले, पत्रिका परिवार ने यहां एक शांत लेकिन सशक्त बीज बोया था जिससे जन्मा एकमात्र हिंदी राष्ट्रीय दैनिक। आपने हिंदी हृदयभूमि को तमिलनाडु की धरती से जोड़ने का साहसिक निर्णय लिया। और यह तब किया, जब विभाजित होना आसान था। आपने केवल समाचार नहीं छापे बल्कि भाषाओं की सीमाएं लांघते हुए आवाज़ों को एक-दूसरे तक पहुंचाया, समुदायों को जोड़ा और निष्पक्ष पत्रकारिता की मिसाल कायम की।
आज, आपके 23वें स्थापना दिवस पर, मैं आपकी दृढ़ता, आपकी स्पष्टता और दूरी को संबंधों में बाधा न बनने देने के आपके संकल्प को नमन करती हूं। चेन्नई आपके कारण और समृद्ध हुआ है। आने वाला अध्याय और गहराई, और अधिक सच्चाई तथा वही अडिग आशा लेकर आए, जिसने आपको यहां तक पहुंचाया है! हार्दिक बधाई!

डॉ. सौंदर्या राजेश, सामाजिक उद्यमी व प्रबंध निदेशक, अवतार करियर क्रिएटर्स

Rajasthan Patrika Chennai Edition
डॉ. सौंदर्या राजेश, सामाजिक उद्यमी व प्रबंध निदेशक, अवतार करियर क्रिएटर्स

जिम्मेदार पत्रकारिता की भूमिका

राजस्थान पत्रिका के चेन्नई संस्करण पर लोकसभा सांसद दयानिधि मारन ने भी अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि चेन्नई हमेशा से विभिन्न संस्कृतियों, विचारों और भाषाओं का स्वागत करता रहा है। राजस्थान पत्रिका ने पिछले दो दशकों में हिंदी भाषी समुदाय को शहर के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने में पूरी तरह से जोड़ा है। इसके अलावा, पत्रिका ने तमिलनाडु के पाठकों के साथ रचनात्मक संवाद स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

राजस्थान पत्रिका चेन्नई संस्करण ने जोड़ा भाषाई ताना-बाना

चेन्नई संस्करण के राजस्थान पत्रिका के 23वें स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर मैं पूरे समाचार पत्र के स्टाफ और प्रबंधन को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। चेन्नई लंबे समय से ऐसा शहर रहा है जो पूरे भारत से आए लोगों, विचारों और संस्कृतियों का स्वागत करता है। यह देखकर प्रसन्नता होती है कि राजस्थान पत्रिका ने पिछले दो दशकों में यहां न केवल प्रकाशन स्थल पाया है, बल्कि एक सच्चा घर भी बनाया है। चेन्नई से प्रकाशित होने वाला एकमात्र हिंदी राष्ट्रीय दैनिक होने के नाते, इस पत्र ने हिंदी भाषी समुदाय को शहर के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने में पूरी तरह से जुड़ा हुआ महसूस कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, साथ ही पूरे तमिलनाडु के पाठकों के साथ व्यापक रचनात्मक संवाद भी स्थापित किया है। राजस्थान पत्रिका का चेन्नई संस्करण इस बात का उदाहरण है कि जिम्मेदार पत्रकारिता कैसे भाषाओं और क्षेत्रों को जोड़ सकती है, आपसी समझ को बढ़ावा दे सकती है और सामाजिक सद्भाव को मजबूत कर सकती है। मैं पूरी टीम की सराहना करता हूं कि उन्होंने पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखते हुए इस शहर की समावेशी भावना को प्रतिबिंबित किया है। मैं राजस्थान पत्रिका परिवार को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और कामना करता हूं कि चेन्नई संस्करण आने वाले वर्षों में अपनी प्रासंगिकता, विश्वसनीयता और सफलता बनाए रखे।

दयानिधि मारन, लोकसभा सांसद, चेन्नई सेंट्रल

सामाजिक समावेश और निष्पक्ष पत्रकारिता

पत्रिका के 23वें स्थापना दिवस पर दोनों ही वक्ताओं ने निष्पक्ष पत्रकारिता और सामाजिक समावेश को पत्रिका की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। दयानिधि मारन ने कहा कि राजस्थान पत्रिका चेन्नई संस्करण एक उदाहरण है कि कैसे जिम्मेदार पत्रकारिता भाषाओं और क्षेत्रों को जोड़ सकती है, आपसी समझ को बढ़ा सकती है और सामाजिक सद्भाव को मजबूत कर सकती है।

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