New Tax Rules Union Budget 2026: लोकसभा में आज पेश किए गए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने टैक्स सिस्टम को सरल, भरोसेमंद और करदाताओं के अनुकूल बनाने की दिशा में कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने बताया कि आयकर कानून की व्यापक समीक्षा जुलाई 2024 में शुरू की गई थी, जिसे रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है। इसके तहत नया आयकर कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिससे टैक्स नियमों और प्रक्रियाओं में स्पष्टता आएगी और आम नागरिकों के लिए अनुपालन आसान होगा।
नया अधिनियम 2025 होगा लागू
वित्त मंत्री ने कहा कि आयकर अधिनियम 1961 की जगह अब नया आयकर अधिनियम 2025 लागू किया जाएगा, जिसके तहत सरल नियम और नए रिटर्न फॉर्म जल्द अधिसूचित होंगे। इन फॉर्म्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सामान्य करदाता बिना किसी कठिनाई के रिटर्न दाखिल कर सकें। उन्होंने इसे ईज ऑफ लिविंग (Ease of Living) की दिशा में अहम कदम बताया। साथ ही, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा किसी व्यक्ति को दिया गया ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री होगा और इस पर टीडीएस भी नहीं काटा जाएगा।
विदेशी टूर पैकेज पर टैक्स छूट
कर संग्रह से जुड़े प्रावधानों में राहत देते हुए विदेशी टूर पैकेज की बिक्री पर टीसीएस दर को मौजूदा 5 और 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया। इसी तरह शिक्षा और मेडिकल खर्च के लिए लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत टीसीएस भी दो प्रतिशत किया जाएगा। मैनपावर सर्विसेज को भुगतान ठेकेदारों की श्रेणी में लाकर टीडीएस को केवल 1 या 2 प्रतिशत तक सीमित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे भ्रम की स्थिति खत्म होगी।
निवेशकों और छोटे करदाताओं के लिए फायदे
छोटे करदाताओं के लिए एक नया ऑटोमेटेड सिस्टम लाने की घोषणा की गई है, जिसके जरिए कम या शून्य टीडीएस सर्टिफिकेट नियम आधारित प्रक्रिया से मिल सकेगा। इसके अलावा एक से अधिक कंपनियों में निवेश रखने वाले निवेशकों के लिए फॉर्म 15जी और 15एच को सीधे रिपॉजिटरी के माध्यम से स्वीकार करने की सुविधा दी जाएगी।
रिटर्न फाइल और संशोधन के लिए समय सीमा
रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को चरणबद्ध किया जाएगा। आईटीआर 1 और आईटीआर 2 दाखिल करने वाले व्यक्ति 31 जुलाई तक रिटर्न भरेंगे, जबकि नॉन ऑडिट बिजनेस मामलों और ट्रस्ट्स को 31 अगस्त तक का समय मिलेगा। अनिवासी द्वारा अचल संपत्ति बिक्री पर टीडीएस अब निवासी खरीदार के पैन आधारित चालान से जमा किया जाएगा, जिससे अलग टैक्स रिटर्न की जरूरत नहीं रहेगी। रिटर्न संशोधन की अंतिम तिथि को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव भी शामिल है, वह भी मामूली शुल्क के साथ।


