Union Budget 2026 Medical Sector: आपके शहर में भी खुलेगा AIIMS? जानिए किन 3 जगहों की चमकने वाली है किस्मत!

Union Budget 2026 Medical Sector: आपके शहर में भी खुलेगा AIIMS? जानिए किन 3 जगहों की चमकने वाली है किस्मत!

Union Budget 2026 Medical Sector: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9वां बजट पेश करते हुए हेल्थकेयर सेक्टर को लेकर लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं। सरकार ने देश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। इसके तहत भारत में 5 नए रीजनल मेडिकल हब बनाए जाएंगे। इन हब्स का मकसद आयुष, मेडिकल टूरिज्म और डायग्नोस्टिक सेक्टर को बढ़ावा देना है, ताकि भारत इलाज के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर और मजबूत बन सके।

आयुष, मेडिकल टूरिज्म और डायग्नोस्टिक सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

इन रीजनल मेडिकल हब्स में आधुनिक अस्पतालों के साथ-साथ आयुष सेंटर, एडवांस डायग्नोस्टिक लैब्स और रिसर्च फैसिलिटी होंगी। इससे आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को नई पहचान मिलेगी। साथ ही मेडिकल टूरिज्म को भी मजबूती मिलेगी, जिससे विदेशों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ सकती है।

डॉक्टरों और हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते

इन मेडिकल हब्स के बनने से रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए हजारों नई नौकरियां निकलने की उम्मीद है। इसके अलावा मेडिकल इक्विपमेंट, फार्मा कंपनियों और हेल्थ स्टार्टअप्स को भी इससे फायदा होगा।

देश में खुलेंगे 3 नए एम्स (AIIMS)

सरकार ने देश में 3 नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) खोलने की घोषणा भी की है। नए एम्स खुलने से मेडिकल एजुकेशन और सुपर स्पेशियलिटी इलाज की सुविधाएं बेहतर होंगी। इससे दूर-दराज और छोटे शहरों के लोगों को अपने ही क्षेत्र में उच्च स्तर का इलाज मिल सकेगा।

जामनगर स्थित WHO ग्लोबल मेडिकल सेंटर होगा अपग्रेड

एक और अहम फैसले के तहत जामनगर में स्थित WHO ग्लोबल मेडिकल सेंटर को अपग्रेड किया जाएगा। इससे रिसर्च, ट्रेनिंग और ग्लोबल हेल्थ पॉलिसी के क्षेत्र में भारत की भूमिका और मजबूत होगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ेगा।

कोविड के बाद बढ़ी मांग, आयुष सेक्टर को मिलेगा वर्ल्ड क्लास सपोर्ट

कोविड महामारी के बाद आयुष और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों की मांग में तेजी आई है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार आयुष फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग लैब्स को वर्ल्ड क्लास बनाने जा रही है। इससे दवाओं की गुणवत्ता सुधरेगी और भारतीय आयुष उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिलेगी।

भारत को ग्लोबल हेल्थ हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम

कुल मिलाकर, ये सभी घोषणाएं देश के हेल्थ सेक्टर को मजबूत करने, रोजगार बढ़ाने और भारत को एक ग्लोबल हेल्थ हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही हैं।

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