Union Budget 2026: क्या टैक्स स्लैब में होने वाला है बड़ा खेल? बजट में मिलेगा तोहफा या लगेगा झटका, मिडिल क्लास जरूर पढ़ें

Union Budget 2026: क्या टैक्स स्लैब में होने वाला है बड़ा खेल? बजट में मिलेगा तोहफा या लगेगा झटका, मिडिल क्लास जरूर पढ़ें

Union Budget 2026: बजट 2026 को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं। सैलरी पाने वाले टैक्सपेयर्स की नजरें इस बार यूनियन बजट 2026 पर ही टिकी हुई है। सब यही जानना चाहते हैं कि सरकार इनकम टैक्स में कोई राहत देगी या नहीं। हालांकि टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव होने की उम्मीद काफी कम देखी जा रही है, लेकिन छोटे-छोटे बदलाव जरूर देखने को मिल सकते हैं।

टैक्स एक्सपर्ट सुरेश सुराणा के मुताबिक, सरकार अभी भी धीरे-धीरे नए टैक्स रिजीम को आगे बढ़ा रही है। सरकार का फोकस सिस्टम को आसान बनाने और ज्यादा लोगों को नए रिजीम की तरफ लाने पर है, न कि कोई बड़ी उलटफेर करने पर है।

नए टैक्स रिजीम में छोटे बदलाव संभव

सुराणा का कहना है कि बजट 2026 में पिछले सालों में किए गए बदलावों को और बेहतर किया जा सकता है। मतलब ये कि कोई बड़ा ऐलान नहीं होगा, लेकिन ऐसे छोटे बदलाव हो सकते हैं जिससे नया टैक्स रिजीम समझने और अपनाने में आसान हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि महंगाई और बढ़ती लागत को देखते हुए मिडिल क्लास के लिए टैक्स स्लैब में थोड़ा-बहुत बदलाव किया जा सकता है।

टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव मुश्किल

अगर आप सोच रहे हैं कि टैक्स स्लैब पूरी तरह बदल जाएंगे, तो ऐसा होना मुश्किल है। सुराणा के मुताबिक, बड़े बदलाव पहले ही पिछले बजट्स में हो चुके हैं। इस बार सरकार शायद सिर्फ छोटे लेवल पर स्लैब या लिमिट में एडजस्टमेंट करे, ताकि महंगाई की वजह से लोगों पर ज्यादा टैक्स का बोझ न पड़े।

क्या स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ेगा?

सैलरी वालों के लिए एक अच्छी खबर यह हो सकती है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाया जाए। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सरकार नए टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने पर विचार कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो बिना टैक्स सिस्टम को जटिल बनाए, लाखों सैलरी पाने वालों को सीधा फायदा मिलेगा।

सैलरी वालों को असल में क्या उम्मीद रखनी चाहिए?

कुल मिलाकर, बजट से बहुत बड़े फायदे की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। लेकिन छोटी और काम की राहत जरूर मिल सकती है, जैसे

  • स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी
  • टैक्स स्लैब में हल्का बदलाव
  • टैक्स लिमिट में मामूली सुधार
  • सरकार इस बार भी धीरे-धीरे और सोच-समझकर कदम उठाने के मूड में दिख रही है।

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