माघी पूर्णिमा पर रामघाट में उमड़ा आस्था का सैलाब:उज्जैन में आज से होली उत्सव की विधिवत शुरुआत, डांडा स्थापित किया जाएगा

माघी पूर्णिमा पर रामघाट में उमड़ा आस्था का सैलाब:उज्जैन में आज से होली उत्सव की विधिवत शुरुआत, डांडा स्थापित किया जाएगा

माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को उज्जैन के रामघाट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों श्रद्धालुओं ने शिप्रा नदी में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस अवसर पर देश-विदेश से आए श्रद्धालु सुबह से ही परिवार सहित रामघाट पहुंचे और स्नान के उपरांत दान-पुण्य व विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं का मानना है कि माघी पूर्णिमा का स्नान पूरे माघ मास में किए गए स्नान के बराबर पुण्य प्रदान करता है। इंदिरा नगर निवासी नंदिनी सिकरवार ने बताया कि माघी पूर्णिमा का दिन दुर्लभ योग लेकर आता है, इसी कारण वे पूरे परिवार के साथ शिप्रा स्नान के लिए आई हैं। भूमि सिकरवार ने युवाओं से भी इस परंपरा से जुड़ने और धार्मिक संस्कारों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। पूरे महीने के स्नान का फल मिलता है पुजारियों के अनुसार जो श्रद्धालु पूरे माघ मास में नियमित स्नान नहीं कर पाते, उन्हें माघी पूर्णिमा के दिन शिप्रा में स्नान करने से पूरे महीने के स्नान का फल प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यताओं में इसे प्रयागराज के माघ स्नान के समान पुण्यदायी बताया गया है। होली उत्सव की शुरूआत माघी पूर्णिमा के साथ ही उज्जैन में होली उत्सव की विधिवत शुरुआत भी हो गई है। इस दिन को ‘डांडा रोपणी पूर्णिमा’ के नाम से जाना जाता है। शहर के प्रमुख चौराहों पर होली का डांडा स्थापित किया जाएगा, जो एक माह बाद होलिका दहन के साथ संपन्न होगा। इसके साथ ही सिंहपुरी स्थित आताल-पाताल भैरव मंदिर परिसर में विश्व की सबसे प्राचीन मानी जाने वाली कंडा होली की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। मंदिर के पुजारी राकेश जोशी ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है और उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा मानी जाती है।

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