किशनगंज जिले के खगड़ा रेड लाइट एरिया में नाबालिगों से जबरन देह व्यापार कराने के मुख्य आरोपी कृष्ण खलीफा ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस की लगातार दबिश के बाद उसने स्वेच्छा से कोर्ट में सरेंडर किया है। यह मामला किशनगंज थाना कांड संख्या 430/2025 से संबंधित है। कृष्ण खलीफा पर पॉक्सो एक्ट, मानव तस्करी, जबरन देह व्यापार तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि खलीफा खगड़ा इलाके में एक बड़ा रैकेट चलाता था, जिसके तहत मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा और अन्य जिलों से नाबालिग लड़कियों को लाकर जबरन देह व्यापार में धकेला जाता था। सख्त पहरे में रखकर लगातार किया शोषण पीड़िताओं ने अपने बयानों में बताया था कि उन्हें सख्त पहरे में रखकर लगातार शोषण किया जाता था और उन्हें बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिलता था। पिछले कुछ वर्षों में खगड़ा रेड लाइट एरिया पुलिस की कई छापेमारी का केंद्र रहा है। ‘ऑपरेशन रेड’ जैसे अभियानों में पुलिस ने कई नाबालिगों को बचाया था और 10-15 महिलाओं तथा धंधेबाजों को हिरासत में लिया था। मुख्य आरोपी कृष्ण खलीफा के घर से भी दो युवतियों को बरामद किया गया था, लेकिन उस समय वह फरार हो गया था। जांच में पता चला कि उसका गिरोह अन्य जिलों के तस्करों से जुड़ा था। लड़कियों को झांसे में फंसाकर या खरीद-फरोख्त के जरिए बिहार, बंगाल और पड़ोसी राज्यों से यहां लाया जाता था। बेरोजगारी का फायदा उठाकर नाबालिगों का शोषण कृष्ण खलीफा को ‘खगड़ा रेड लाइट एरिया का बादशाह’ भी कहा जाता था। उसके खिलाफ दर्ज कई मामलों में मानव तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है, जो गरीबी और बेरोजगारी का फायदा उठाकर नाबालिगों का शोषण करता था। आत्मसमर्पण के बाद अब न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए मजबूत सबूत जुटाए जा रहे हैं। किशनगंज जिले के खगड़ा रेड लाइट एरिया में नाबालिगों से जबरन देह व्यापार कराने के मुख्य आरोपी कृष्ण खलीफा ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस की लगातार दबिश के बाद उसने स्वेच्छा से कोर्ट में सरेंडर किया है। यह मामला किशनगंज थाना कांड संख्या 430/2025 से संबंधित है। कृष्ण खलीफा पर पॉक्सो एक्ट, मानव तस्करी, जबरन देह व्यापार तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि खलीफा खगड़ा इलाके में एक बड़ा रैकेट चलाता था, जिसके तहत मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा और अन्य जिलों से नाबालिग लड़कियों को लाकर जबरन देह व्यापार में धकेला जाता था। सख्त पहरे में रखकर लगातार किया शोषण पीड़िताओं ने अपने बयानों में बताया था कि उन्हें सख्त पहरे में रखकर लगातार शोषण किया जाता था और उन्हें बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिलता था। पिछले कुछ वर्षों में खगड़ा रेड लाइट एरिया पुलिस की कई छापेमारी का केंद्र रहा है। ‘ऑपरेशन रेड’ जैसे अभियानों में पुलिस ने कई नाबालिगों को बचाया था और 10-15 महिलाओं तथा धंधेबाजों को हिरासत में लिया था। मुख्य आरोपी कृष्ण खलीफा के घर से भी दो युवतियों को बरामद किया गया था, लेकिन उस समय वह फरार हो गया था। जांच में पता चला कि उसका गिरोह अन्य जिलों के तस्करों से जुड़ा था। लड़कियों को झांसे में फंसाकर या खरीद-फरोख्त के जरिए बिहार, बंगाल और पड़ोसी राज्यों से यहां लाया जाता था। बेरोजगारी का फायदा उठाकर नाबालिगों का शोषण कृष्ण खलीफा को ‘खगड़ा रेड लाइट एरिया का बादशाह’ भी कहा जाता था। उसके खिलाफ दर्ज कई मामलों में मानव तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है, जो गरीबी और बेरोजगारी का फायदा उठाकर नाबालिगों का शोषण करता था। आत्मसमर्पण के बाद अब न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए मजबूत सबूत जुटाए जा रहे हैं।


