मैहर कोतवाली पुलिस ने पत्नी की चाकू मारकर हत्या करने के बाद फरार चल रहे एक आरोपी को पांच महीने की मशक्कत के बाद जबलपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार सुबह कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। टीआई अनिमेष द्विवेदी ने बताया कि सगमनिया निवासी 35 वर्षीय अर्चना दुबे का विवाह लगभग 14 साल पहले नरसिंहपुर जिले के दासगंज-गोटेगांव निवासी 39 वर्षीय केशव प्रसाद दुबे उर्फ भइयाजी से हुआ था। उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें 13 और 10 साल की दो बेटियां और 8 साल का एक बेटा शामिल है। घरेलू कलह और पति की नशे की लत से परेशान होकर अर्चना घटना से चार महीने पहले बच्चों के साथ अपने मायके आ गई थी। 21 सितंबर की रात को की थी हत्या घटना 21 सितंबर 2025 की रात की है। आरोपी केशव दुबे अचानक अपनी ससुराल पहुंचा। खाना खाने के बाद जब वह सोने के लिए कमरे में गया, तो उसने तीनों बच्चों को बाहर भेजकर दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद आरोपी ने पहले अपनी पत्नी की लाठी से पिटाई की, फिर उसके गले पर चाकू से कई वार किए और उसे जख्मी हालत में छोड़कर भाग गया। घटना सामने आते ही महिला के भाई और अन्य परिजन उसे आनन-फानन में सिविल अस्पताल ले गए। वहां से उसे सतना रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही अर्चना दुबे ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसे पकड़ना मुश्किल हो रहा था। आखिरकार, 30 जनवरी की शाम को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने जबलपुर के भेड़ाघाट में दबिश दी और आरोपी केशव को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी के साथ एएसआई सतीश मिश्रा, प्रधान आरक्षक पुष्पेन्द्र वर्मा, जय बागरी, आरक्षक शिवदीप सिंह, शिवम तिवारी, संदीप सिंह और सुशील द्विवेदी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


