एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन अपने आवंटित सरकारी बंगले की हालत देख खफा हैं। बंगला (26 एम स्ट्रैंड रोड) उनकी नजर में खंडहर है। रहने लायक नहीं है। इस बंगले में लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव रहते थे। उनके खाली करने के बाद बंगले में पंखा, कुर्सी, सोफा, बल्ब, एसी और अन्य उपकरण जैसे कई जरूरी सामान नहीं हैं। लखेन्द्र ने जब बंगले का निरीक्षण किया तो यह सब दिखा है। उन्होंने कहा कि जब किसी जनप्रतिनिधि को सरकारी आवास दिया जाता है तो उसमें बुनियादी सुविधाएं पहले से होती हैं। लेकिन बंगले में उन्हें पंखा, एसी तो नहीं ही दिखे, कई जगह दरवाजों की कुंडी टूटी मिली तो छत का प्लास्टर उखड़ा मिला। आवास के इस हाल की जानकारी भवन निर्माण विभाग को दी गई है। मरम्मत के बाद ही शिफ्ट होंगे। तेजप्रताप यादव किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। इसलिए नियमों के तहत उन्हें सरकारी आवास खाली करना पड़ा है। उन्होंने अपनी पार्टी बना ली है। राजद से उनका कोई नाता नहीं है। एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन अपने आवंटित सरकारी बंगले की हालत देख खफा हैं। बंगला (26 एम स्ट्रैंड रोड) उनकी नजर में खंडहर है। रहने लायक नहीं है। इस बंगले में लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव रहते थे। उनके खाली करने के बाद बंगले में पंखा, कुर्सी, सोफा, बल्ब, एसी और अन्य उपकरण जैसे कई जरूरी सामान नहीं हैं। लखेन्द्र ने जब बंगले का निरीक्षण किया तो यह सब दिखा है। उन्होंने कहा कि जब किसी जनप्रतिनिधि को सरकारी आवास दिया जाता है तो उसमें बुनियादी सुविधाएं पहले से होती हैं। लेकिन बंगले में उन्हें पंखा, एसी तो नहीं ही दिखे, कई जगह दरवाजों की कुंडी टूटी मिली तो छत का प्लास्टर उखड़ा मिला। आवास के इस हाल की जानकारी भवन निर्माण विभाग को दी गई है। मरम्मत के बाद ही शिफ्ट होंगे। तेजप्रताप यादव किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। इसलिए नियमों के तहत उन्हें सरकारी आवास खाली करना पड़ा है। उन्होंने अपनी पार्टी बना ली है। राजद से उनका कोई नाता नहीं है।


