UP Mega Film City Set to Transform Entertainment: उत्तर प्रदेश अब सिर्फ राजनीति, इतिहास और आस्था का केंद्र ही नहीं रहेगा, बल्कि मनोरंजन उद्योग का भी एक बड़ा हब बनने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है। यमुना एक्सप्रेस-वे के सेक्टर-21 में विकसित की जा रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। लगभग 1000 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित यह फिल्म सिटी वर्ष 2028 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इसे केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और रोजगार सृजन के बड़े प्लेटफॉर्म के रूप में देख रही है। माना जा रहा है कि यह फिल्म सिटी आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकती है।
एक ही परिसर में पूरा फिल्म इकोसिस्टम
इंटरनेशनल फिल्म सिटी की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहां फिल्म निर्माण से जुड़ी हर सुविधा एक ही जगह उपलब्ध होगी।
- अत्याधुनिक फिल्म स्टूडियो
- विशाल शूटिंग फ्लोर
- हाईटेक पोस्ट प्रोडक्शन यूनिट
- साउंड स्टेज, एडिटिंग लैब
- एनिमेशन और VFX सुविधाएं
- और सबसे महत्वपूर्ण- फिल्म यूनिवर्सिटी
इसका उद्देश्य यह है कि फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार और तकनीकी विशेषज्ञों को अलग-अलग राज्यों में भटकने की आवश्यकता न पड़े। पूरी फिल्म निर्माण प्रक्रिया,स्क्रिप्ट से स्क्रीन तक एक ही परिसर में पूरी की जा सके।
लोकेशन ही है सबसे बड़ी ताकत
- फिल्म सिटी की लोकेशन इसे और खास बनाती है।
- यमुना एक्सप्रेस-वे से सीधी कनेक्टिविटी
- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नजदीकी
- दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र तक आसान पहुंच
इस बेहतर संपर्क व्यवस्था के चलते देश और विदेश के प्रोडक्शन हाउसों के लिए यहां शूटिंग करना बेहद सुविधाजनक होगा। वेब सीरीज, फिल्मों, विज्ञापनों और डिजिटल कंटेंट की शूटिंग के लिए यह स्थान एक आदर्श गंतव्य बन सकता है।
युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
यह परियोजना केवल मनोरंजन उद्योग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रोजगार के नए द्वार भी खोलेगी।
- अभिनय
- सिनेमेटोग्राफी
- एडिटिंग
- सेट डिजाइन
- कॉस्ट्यूम डिजाइन
- मेकअप आर्टिस्ट
- लाइटिंग और साउंड टेक्नोलॉजी
हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। फिल्म यूनिवर्सिटी के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोफेशनल प्रशिक्षण भी मिलेगा, जिससे वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
पर्यटन को भी मिलेगा बड़ा बूस्ट
फिल्म सिटी के आसपास होटल, कन्वेंशन सेंटर और मनोरंजन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे फिल्म पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटक शूटिंग लोकेशन देखने आएंगे, जिससे होटल उद्योग,स्थानीय व्यापार,ट्रांसपोर्ट सेक्टर,सेवा उद्योग को सीधा लाभ होगा।
सांस्कृतिक पहचान को मिलेगी वैश्विक पहचान
उत्तर प्रदेश की लोक कला, परंपराएं, लोकगीत, नृत्य और ऐतिहासिक धरोहरों को फिल्मों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैश्विक मंच मिलेगा। यह परियोजना प्रदेश को केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी सशक्त बनाएगी।
परियोजना की प्रगति
यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने निर्माण कार्य की निगरानी के लिए इंजीनियरिंग एजेंसियों और चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्मों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे परियोजना के निर्माण चरण में प्रवेश का संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फिल्म सिटी प्रदेश के लिए नई आर्थिक धुरी साबित होगी। फिल्म उद्योग से जुड़े निवेश, सेवाएं और व्यापारिक गतिविधियां राज्य की जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।


