सहरसा में RYA और AISA का प्रोटेस्ट मार्च:UGC गाइडलाइंस लागू करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

सहरसा में RYA और AISA का प्रोटेस्ट मार्च:UGC गाइडलाइंस लागू करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

सहरसा में इंकलाबी नौजवान सभा (RYA) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने UGC गाइडलाइंस-2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के विरोध में शनिवार को प्रतिवाद मार्च निकाला। ये गाइडलाइंस उच्च शिक्षण संस्थानों में जातीय भेदभाव से निपटने के लिए जारी की गई थीं। आरवाईए के राष्ट्रीय पार्षद और माले नेता कुंदन यादव के नेतृत्व में यह मार्च बिस्कोमान भवन के समीप से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने “अत्याचार अधिकार नहीं, यूजीसी गाइडलाइंस लागू करो” और “रोहित एक्ट लागू करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और केंद्र सरकार से ठोस कानून बनाने की मांग की। कैंपस में जातीय और सामाजिक भेदभाव एक गंभीर समस्या कॉमरेड कुंदन यादव ने कहा कि देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक और महिला विद्यार्थियों के साथ भेदभाव और उत्पीड़न की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने रोहित वेमुला, पायल तड़वी और दर्शन सोलंकी जैसे छात्रों की मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि कैंपस में जातीय और सामाजिक भेदभाव एक गंभीर समस्या है। भेदभाव से जुड़ी शिकायतों में 118 प्रतिशत की वृद्धि हुई यादव ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी के समानता संबंधी नियमों पर रोक लगाने को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक” बताया। उन्होंने कहा कि इससे पीड़ित छात्रों का मनोबल टूटेगा। उन्होंने यूजीसी के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2019 से 2024 के बीच जातीय भेदभाव से जुड़ी शिकायतों में 118 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। UGC गाइडलाइंस को और अधिक सख्त के साथ प्रभावी बनाने की मांग उन्होंने यह भी कहा कि यूजीसी गाइडलाइंस भले ही पूरी तरह पर्याप्त न हों, लेकिन वे भेदभाव रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थीं। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से तत्काल मजबूत और प्रभावी “रोहित एक्ट” लागू करने तथा यूजीसी गाइडलाइंस को और अधिक सख्त एवं प्रभावी बनाने की मांग की, ताकि संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों को सुनिश्चित किया जा सके। इस प्रतिवाद मार्च में आइसा जिलाध्यक्ष आशीष आनंद, विक्की राम, विशनपुर मुखिया प्रतिनिधि सरोज यादव, वकील कुमार यादव, अशोक यादव उर्फ बटन, अमर मल्लिक, सागर कुमार शर्मा, रमेश शर्मा, बमभोली सादा और मो. निजाम सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे। सहरसा में इंकलाबी नौजवान सभा (RYA) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने UGC गाइडलाइंस-2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के विरोध में शनिवार को प्रतिवाद मार्च निकाला। ये गाइडलाइंस उच्च शिक्षण संस्थानों में जातीय भेदभाव से निपटने के लिए जारी की गई थीं। आरवाईए के राष्ट्रीय पार्षद और माले नेता कुंदन यादव के नेतृत्व में यह मार्च बिस्कोमान भवन के समीप से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने “अत्याचार अधिकार नहीं, यूजीसी गाइडलाइंस लागू करो” और “रोहित एक्ट लागू करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और केंद्र सरकार से ठोस कानून बनाने की मांग की। कैंपस में जातीय और सामाजिक भेदभाव एक गंभीर समस्या कॉमरेड कुंदन यादव ने कहा कि देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक और महिला विद्यार्थियों के साथ भेदभाव और उत्पीड़न की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने रोहित वेमुला, पायल तड़वी और दर्शन सोलंकी जैसे छात्रों की मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि कैंपस में जातीय और सामाजिक भेदभाव एक गंभीर समस्या है। भेदभाव से जुड़ी शिकायतों में 118 प्रतिशत की वृद्धि हुई यादव ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी के समानता संबंधी नियमों पर रोक लगाने को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक” बताया। उन्होंने कहा कि इससे पीड़ित छात्रों का मनोबल टूटेगा। उन्होंने यूजीसी के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2019 से 2024 के बीच जातीय भेदभाव से जुड़ी शिकायतों में 118 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। UGC गाइडलाइंस को और अधिक सख्त के साथ प्रभावी बनाने की मांग उन्होंने यह भी कहा कि यूजीसी गाइडलाइंस भले ही पूरी तरह पर्याप्त न हों, लेकिन वे भेदभाव रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थीं। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से तत्काल मजबूत और प्रभावी “रोहित एक्ट” लागू करने तथा यूजीसी गाइडलाइंस को और अधिक सख्त एवं प्रभावी बनाने की मांग की, ताकि संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों को सुनिश्चित किया जा सके। इस प्रतिवाद मार्च में आइसा जिलाध्यक्ष आशीष आनंद, विक्की राम, विशनपुर मुखिया प्रतिनिधि सरोज यादव, वकील कुमार यादव, अशोक यादव उर्फ बटन, अमर मल्लिक, सागर कुमार शर्मा, रमेश शर्मा, बमभोली सादा और मो. निजाम सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे।  

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