सरकार ने Wingo ऐप को किया बैन, यूजर्स के फोन से हो रही थी साइबर ठगी

सरकार ने Wingo ऐप को किया बैन, यूजर्स के फोन से हो रही थी साइबर ठगी

Wingo App Ban India: भारत सरकार के गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने Wingo नाम के एक गेमिंग ऐप और उससे जुड़े पूरे नेटवर्क को बैन कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह ऐप सिर्फ गेमिंग तक सीमित नहीं था, बल्कि Telecom Mule as a Service के रूप में काम कर रहा था, जिसके जरिए यूजर्स के मोबाइल फोन का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के लिए किया जा रहा था।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस ऐप के जरिए लोगों के मोबाइल फोन अनजाने में फ्रॉड करने वालों के लिए एक जरिया यानी म्यूल बन गए थे।

क्या है Wingo ऐप का पूरा मामला?

Wingo ऐप खुद को एक अर्निंग ऐप के तौर पर पेश करता था। यह यूजर्स को घर बैठे छोटे-छोटे SMS टास्क पूरे करने के बदले पैसे कमाने का लालच देता था। शुरुआती दौर में भरोसा जीतने के लिए कुछ यूजर्स को मामूली रकम भी दी गई।

हालांकि, जांच में पता चला कि ऐप का असली मकसद कुछ और था। एक बार फोन में इंस्टॉल होने के बाद, यह ऐप यूजर की जानकारी के बिना फोन के SMS फीचर का दुरुपयोग करने लगता था। अधिकारियों के अनुसार, यह ऐप एक-एक फोन से रोजाना 80 से 100 तक फर्जी SMS भेज रहा था।

इन मैसेज में फिशिंग लिंक, फर्जी ई-चालान और UPI फ्रॉड से जुड़े संदेश शामिल थे। चूंकि ये मैसेज असली मोबाइल नंबरों से भेजे जा रहे थे, इसलिए टेलीकॉम नेटवर्क के फिल्टर इन्हें आसानी से पकड़ नहीं पा रहे थे।

सरकार का डिजिटल स्ट्राइक

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने इस ऐप के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए।

सर्वर ब्लॉक: ऐप के कमांड-एंड-कंट्रोल सर्वर को जियो-ब्लॉक कर दिया गया, जिससे यह भारत में काम नहीं कर पाएगा।

सोशल मीडिया पर कार्रवाई: ऐप को प्रमोट करने वाले चार टेलीग्राम चैनल बंद किए गए, जिनके करीब 1.53 लाख सदस्य थे।

YouTube पर बैन: ऐप के प्रचार से जुड़े 53 से अधिक वीडियो यूट्यूब से हटाए गए।

आम जनता के लिए बड़ी चेतावनी

सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने खासतौर पर एंड्रॉइड यूजर्स के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि ऐसे किसी भी ऐप से दूर रहें, जो SMS भेजने या संदिग्ध टास्क के बदले पैसे देने का दावा करता हो।

विशेषज्ञों की सलाह

अनजान सोर्स से बचें: Wingo ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं था और इसे थर्ड-पार्टी वेबसाइटों से डाउनलोड कराया जा रहा था। ऐप स्टोर के बाहर से APK फाइल इंस्टॉल करने से बचें।

परमिशन पर नजर रखें: अगर कोई ऐप बिना जरूरत SMS, कॉन्टैक्ट्स या गैलरी की अनुमति मांगता है, तो वह खतरे की घंटी हो सकता है।

तुरंत हटाएं: यदि फोन में Wingo या उससे मिलता-जुलता कोई ऐप मौजूद है, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल करें। जरूरत पड़ने पर फोन को फैक्ट्री रीसेट करने पर भी विचार किया जा सकता है।

यह मामला दिखाता है कि आसान कमाई के लालच में डाउनलोड किए गए ऐप किस तरह यूजर्स को साइबर अपराध का अनजाना हिस्सा बना सकते हैं। किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसकी वैधता और परमिशन जरूर चेक करें।

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